गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में कार सवार दो युवकों की मौत हो गई जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया। दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार हादसा बुधवार देर रात करीब ढाई बजे हुआ। कार में तीन युवक सवार होकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी तेज रफ्तार कार आगे चल रहे एक ट्रक से टकरा गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार ट्रक के पिछले हिस्से में बुरी तरह फंस गई। अचानक हुई जोरदार टक्कर की आवाज सुनकर आसपास से गुजर रहे वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ वाहन चालकों ने अपने वाहन रोककर घटना की जानकारी पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। क्षतिग्रस्त कार में फंसे युवकों को बाहर निकालने के लिए पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। तीनों युवकों को कार से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया जबकि घायल युवक को उपचार के लिए भर्ती कर लिया गया। उसकी हालत और चोटों की गंभीरता के संबंध में तत्काल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना देने की प्रक्रिया शुरू की गई। घटना के बाद संबंधित परिवारों में मातम पसर गया। देर रात हुए इस हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और वाहन चलाते समय बरती जाने वाली लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रारंभिक जानकारी में कार की तेज रफ्तार को दुर्घटना का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। हालांकि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और कार चालक ट्रक को समय रहते क्यों नहीं देख पाया इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस दुर्घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर सकती है। इसके अलावा घायल युवक का बयान भी पूरे घटनाक्रम को समझने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
पुलिस ट्रक चालक से पूछताछ करने के साथ ही दोनों वाहनों से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसे के समय ट्रक निर्धारित लेन में चल रहा था या सड़क पर किसी कारण से उसकी गति कम हुई थी। कार की वास्तविक रफ्तार और दुर्घटना से पहले वाहन की स्थिति की जानकारी भी तकनीकी जांच से सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात व्यवस्था सामान्य कराई।
देर रात का समय होने के कारण एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी। इसके बावजूद दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। हादसे का शिकार हुई कार के सड़क पर फंसे होने से पीछे से आ रहे वाहनों को सावधानी के साथ निकाला गया। पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर दूसरे वाहन चालकों को धीमी गति से आगे बढ़ने का निर्देश दिया।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वाहन तेज गति से चलते हैं। ऐसे में वाहन चालक की मामूली चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। रात के समय सामने चल रहे भारी वाहन की दूरी का सही अनुमान नहीं लगने, थकान, नींद अथवा अचानक ब्रेक लगाने जैसी परिस्थितियों से हादसे का खतरा बढ़ जाता है। दुर्घटना के समय कार चालक की स्थिति क्या थी इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की अपील करते हैं। एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार में वाहन चलाते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में वाहन रोकने के लिए पर्याप्त समय और जगह मिलना आवश्यक है। सीट बेल्ट का उपयोग और लेन संबंधी नियमों का पालन भी गंभीर चोटों के खतरे को कम कर सकता है।
पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात के समय यात्रा करते हुए अधिक सावधानी बरतें। लगातार लंबे समय तक वाहन चलाने से बचें और थकान या नींद महसूस होने पर सुरक्षित स्थान पर गाड़ी रोककर आराम करें। भारी वाहनों के पास से गुजरते समय गति को नियंत्रित रखना चाहिए। इस हादसे की विस्तृत जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।