उत्तर प्रदेश

हनुमान अंश के अगले पार्ट में पनकी मंदिर बनेगा खास आकर्षण

Ratna Netam
10 Sept 2026 3:20 PM IST
हनुमान अंश के अगले पार्ट में पनकी मंदिर बनेगा खास आकर्षण
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कानपुर। आध्यात्मिक गुरु नीब करोरी बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की जबरदस्त सफलता के बाद अब इसके सीक्वल की तैयारी शुरू हो गई है। फिल्म के दूसरे भाग में बाबा के जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थानों और घटनाओं को दिखाया जाएगा। इनमें उत्तर प्रदेश के कानपुर का प्रसिद्ध पनकी हनुमान मंदिर भी शामिल होगा। फिल्म के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और राइटर डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने कानपुर में इसकी पुष्टि की है।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि ‘हनुमान अंश’ की कहानी अभी पूरी नहीं हुई है। पहले भाग में वर्ष 1943 तक की कहानी दिखाई गई है और अब अगले भाग में उसके आगे की कहानी दर्शकों के सामने लाई जाएगी। इसी क्रम में कानपुर का पनकी मंदिर भी पर्दे पर नजर आएगा।
फिल्म के सीक्वल में पनकी मंदिर का शामिल होना इसलिए भी खास है क्योंकि यह मंदिर कानपुर और आसपास के इलाकों में हनुमान भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है। निर्देशक के मुताबिक पनकी में मुख्य मंदिर के बाद नए हनुमान मंदिर की स्थापना भी नीब करोरी बाबा की देखरेख में हुई थी। इसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक जुड़ाव को फिल्म की आगे की कहानी में स्थान दिया जाएगा।
कैंची धाम से पहले की यात्रा भी आएगी सामने
आज नीब करोरी बाबा का नाम आते ही सबसे पहले उत्तराखंड के कैंची धाम की तस्वीर लोगों के सामने आती है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। कैंची धाम में हनुमान मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा 15 जून 1964 को हुई थी और इसी तारीख को धाम का स्थापना दिवस माना जाता है।
लेकिन बाबा की आध्यात्मिक यात्रा केवल कैंची धाम तक सीमित नहीं थी। उत्तर प्रदेश समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में उनसे जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थान हैं। सीक्वल इसी व्यापक यात्रा को आगे बढ़ाने वाला है।
फिल्म के निर्माताओं ने इसे शुरुआत से तीन हिस्सों की सीरीज के रूप में सोचा था। निर्माता नम्रता सिंह के अनुसार पहला भाग महाराज जी के शुरुआती वर्षों से कैंची धाम तक की पृष्ठभूमि तैयार करता है, दूसरा हिस्सा कैंची से जुड़े दौर पर अधिक केंद्रित होगा और तीसरे भाग में उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान की कहानी को आगे ले जाने की योजना है। हालांकि अगले हिस्सों की विस्तृत स्क्रिप्ट पर अभी काम होना बाकी है।
पनकी मंदिर का क्या है महत्व?
कानपुर का पनकी हनुमान मंदिर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। मंदिर को लेकर कई लोकमान्यताएं और परंपराएं प्रचलित हैं। वर्षों से यहां मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु बजरंगबली के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
अब ‘हनुमान अंश’ के सीक्वल में इस मंदिर को जगह मिलने से इसकी आध्यात्मिक कहानी देशभर के दर्शकों तक पहुंच सकती है।
फिल्म निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी के अनुसार पनकी मंदिर का नीब करोरी बाबा से संबंध अगली कहानी के लिए महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि इसे केवल लोकेशन के रूप में नहीं बल्कि कथा के हिस्से के रूप में दिखाने की तैयारी है।
पहले भाग में 1943 तक की कहानी
डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने कानपुर में बताया कि पहले भाग की कहानी 1943 तक पहुंचती है। ऐसे में सीक्वल बाबा के जीवन के आगे के वर्षों और उनसे जुड़े आध्यात्मिक केंद्रों को विस्तार से दिखाने का अवसर देगा।
निर्देशक का कहना है कि फिल्म को दर्शकों से मिले प्यार ने टीम को अगला भाग बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्हें उम्मीद थी कि फिल्म दर्शकों को पसंद आएगी, लेकिन जिस स्तर की प्रतिक्रिया मिली, उसने पूरी टीम को चौंका दिया।
इसी सफलता के बाद सीक्वल की योजना अब तेजी से चर्चा में है।
सिर्फ 15 दिन की तैयारी में शुरू हुई थी फिल्म
‘हनुमान अंश’ के निर्माण की कहानी भी काफी दिलचस्प है। डॉ. विशाल चतुर्वेदी के मुताबिक आम तौर पर बड़े निर्देशक शूटिंग से पहले दो से ढाई महीने तक तैयारी करते हैं, लेकिन उनकी टीम ने केवल 15 दिनों की तैयारी के बाद फिल्म का काम शुरू कर दिया था।
निर्माण के दौरान कई बाधाएं भी आईं। कुछ कलाकार प्रोजेक्ट से अलग हुए और दूसरे स्तर पर भी परेशानियां सामने आईं। इसके बावजूद फिल्म का काम नहीं रुका।
निर्देशक ने इन घटनाओं को अपनी आस्था से जोड़ते हुए कहा कि कई बार ऐसा महसूस हुआ कि बाधाएं अपने आप दूर होती चली गईं।
शुरुआत में स्क्रीन से उतर गई थी फिल्म
फिल्म का बॉक्स ऑफिस सफर भी सामान्य फिल्मों से काफी अलग रहा। डॉ. विशाल के मुताबिक शुरुआती दौर में ‘हनुमान अंश’ करीब 350 स्क्रीन पर लगी थी।
15 अगस्त के आसपास इसे 325 स्क्रीन से हटा दिया गया और फिल्म के पास बेहद सीमित स्क्रीन बची थीं। उस समय टीम के लिए स्थिति मुश्किल थी।
लेकिन इसके बाद दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर चर्चा तेजी से बढ़ी। वर्ड ऑफ माउथ ने फिल्म को नई रफ्तार दी और धीरे-धीरे इसके शो बढ़ने लगे।
इंडियन एक्सप्रेस की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म ने बेहद धीमी शुरुआत के बाद 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की और इसी असाधारण प्रतिक्रिया के बीच निर्देशक ने सीक्वल की पुष्टि की।
बाद की रिपोर्टों में फिल्म के 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने की बात भी सामने आई है। इसकी सफलता के बाद निर्माता अनुप्रिया नागर ने भी सीक्वल पर काम होने की पुष्टि की।
कानपुर से फिल्म का खास कनेक्शन
‘हनुमान अंश’ का कानपुर से संबंध केवल पनकी मंदिर तक सीमित नहीं है। निर्देशक ने बताया कि फिल्म में कानपुर से जुड़े कई कलाकारों ने काम किया है।
सीएसजेएमयू में आयोजित कार्यक्रम में फिल्म की टीम के सदस्य भी पहुंचे थे। बाबा का किरदार निभाने वाले शोभिनव सत्या ने भी फिल्म और अपने किरदार को लेकर अनुभव साझा किए।
अब सीक्वल में पनकी मंदिर शामिल होने से कानपुर का कनेक्शन और मजबूत हो जाएगा।
कैंची धाम बनेगा अगले अध्याय का अहम हिस्सा
सीक्वल में केवल पनकी मंदिर ही नहीं बल्कि कैंची धाम की कहानी भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दूसरा भाग बाबा के जीवन के उस दौर को विस्तार से दिखा सकता है जब कैंची धाम उनकी आध्यात्मिक यात्रा का प्रमुख केंद्र बना।
कैंची धाम उत्तराखंड में नैनीताल के पास स्थित है। बाबा नीब करोरी के समय यहां हनुमान मंदिर की स्थापना हुई और 15 जून 1964 को हनुमान जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। बाद में यह स्थान बाबा के सबसे प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्रों में शामिल हो गया।
आज भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचते हैं।
तीन हिस्सों में सामने आ सकती है पूरी कहानी
फिल्म के निर्माताओं की योजना ‘हनुमान अंश’ को केवल एक फिल्म तक सीमित रखने की नहीं थी। इसे शुरुआत से एक ट्रिलॉजी यानी तीन हिस्सों की कहानी के रूप में विकसित करने की सोच थी।
पहले भाग की सफलता के बाद अब इस योजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। दूसरे भाग में बाबा की आगे की आध्यात्मिक यात्रा और कैंची धाम जैसे महत्वपूर्ण अध्याय को विस्तार मिलने की संभावना है, जबकि तीसरा भाग उनकी वैश्विक पहचान पर केंद्रित हो सकता है।
हालांकि सीक्वल की रिलीज डेट और पूरी स्टारकास्ट की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।
अब पनकी मंदिर पर टिकेंगी दर्शकों की नजरें
‘हनुमान अंश’ की सफलता ने कम बजट की आध्यात्मिक फिल्मों के लिए एक अलग उदाहरण पेश किया है। शुरुआत में सीमित दर्शक मिलने के बावजूद फिल्म ने धीरे-धीरे मजबूत वर्ड ऑफ माउथ हासिल किया और बड़ी व्यावसायिक सफलता की ओर बढ़ी।
अब दर्शकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि सीक्वल में नीब करोरी बाबा की आगे की यात्रा को किस तरह पर्दे पर उतारा जाएगा।
कानपुर के दर्शकों के लिए उत्सुकता और भी ज्यादा होगी, क्योंकि इस बार उनके शहर का प्रसिद्ध पनकी हनुमान मंदिर भी कहानी का हिस्सा बनने जा रहा है। कैंची धाम से विश्वभर में प्रसिद्ध हुई बाबा की आध्यात्मिक विरासत के साथ पनकी के जुड़ाव को बड़े पर्दे पर दिखाना सीक्वल के प्रमुख आकर्षणों में से एक हो सकता है।
फिलहाल निर्देशक ने इतना साफ कर दिया है कि कहानी 1943 पर खत्म नहीं होती। अगला अध्याय आएगा और उसमें **कानपुर का पनकी मंदिर जरूर नजर आएगा।**
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