नई दिल्ली। भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने GDP के आंकड़ों पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या विपक्षी पार्टी "गहरे नशे" में है या फिर उसे भारत की तरक्की से इतनी नफरत हो गई है कि वह देश की आर्थिक उपलब्धियों को भी स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केरल कांग्रेस की एक पोस्ट का जवाब देते हुए यह टिप्पणी की। केरल कांग्रेस ने GDP के आंकड़ों और भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद रिजिजू ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए उसके रुख को देश की आर्थिक प्रगति से जोड़ दिया।
केरल कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में कहा था, "अब कोई भी इस झूठी कहानी पर यकीन नहीं करता। दुनिया इस धोखे को समझती है।" पोस्ट के साथ एक बीयर मग की तस्वीर भी साझा की गई थी, जिसके जरिए भारतीय अर्थव्यवस्था और GDP से जुड़े सरकारी दावों पर कटाक्ष करने की कोशिश की गई।
कांग्रेस की इसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने तीखा सवाल उठाया। उन्होंने विपक्षी पार्टी से पूछा कि क्या वह "गहरे नशे" में है या भारत की प्रगति से उसकी नाराजगी इतनी बढ़ गई है कि देश की उपलब्धियों को भी खारिज किया जा रहा है। उनके बयान के बाद GDP के आंकड़ों को लेकर चल रही आर्थिक बहस ने राजनीतिक रूप ले लिया है।
केंद्र सरकार की ओर से लगातार भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर और वैश्विक स्तर पर देश की आर्थिक स्थिति को महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पेश किया जाता रहा है। सरकार का कहना है कि विभिन्न वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है। दूसरी तरफ कांग्रेस समेत विपक्षी दल सरकारी आर्थिक आंकड़ों और उनके आधार पर किए जाने वाले दावों पर सवाल उठाते रहे हैं।
केरल कांग्रेस की पोस्ट भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा दिखाई देती है। पार्टी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार के आर्थिक दावों को "झूठी कहानी" बताते हुए कहा कि अब दुनिया भी इसे समझ रही है। हालांकि कांग्रेस की ओर से किए गए इस दावे को रिजिजू ने सिरे से खारिज करते हुए इसे भारत की प्रगति को कम करके दिखाने की कोशिश बताया।
रिजिजू की प्रतिक्रिया में सबसे तीखा हिस्सा उनका "गहरे नशे" वाला सवाल रहा। कांग्रेस की ओर से बीयर मग की तस्वीर साझा किए जाने के बाद उन्होंने उसी संदर्भ में विपक्षी पार्टी पर पलटवार किया। इससे दोनों पक्षों के बीच सोशल मीडिया पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।
GDP किसी देश की आर्थिक गतिविधियों को मापने के प्रमुख संकेतकों में से एक है। किसी निश्चित अवधि के दौरान देश में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को इसके जरिए आंका जाता है। सरकारें आर्थिक विकास का आकलन करने के लिए GDP वृद्धि दर को प्रमुख पैमाने के रूप में प्रस्तुत करती हैं। हालांकि GDP की गणना की पद्धति और उसके आंकड़ों की व्याख्या को लेकर राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर बहस होती रहती है।
विपक्ष की ओर से समय-समय पर यह सवाल उठाया जाता है कि GDP की वृद्धि का फायदा आम लोगों तक किस हद तक पहुंच रहा है। रोजगार, महंगाई, आय, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और घरेलू मांग जैसे मुद्दों को लेकर भी विपक्ष सरकार को घेरता रहा है। कांग्रेस का तर्क रहा है कि केवल GDP वृद्धि के आंकड़ों के आधार पर आम लोगों की आर्थिक स्थिति का पूरा आकलन नहीं किया जा सकता।
दूसरी ओर केंद्र सरकार और BJP के नेता आर्थिक वृद्धि, बुनियादी ढांचे में निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विनिर्माण और विभिन्न क्षेत्रों में हुए विस्तार को देश की मजबूत आर्थिक स्थिति के प्रमाण के तौर पर पेश करते रहे हैं। उनका कहना है कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और देश की विकास गति पर दुनिया की नजर है।
ऐसे में केरल कांग्रेस और रिजिजू के बीच हुआ यह सोशल मीडिया विवाद केवल एक पोस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही व्यापक राजनीतिक लड़ाई भी दिखाई देती है।
कांग्रेस जहां आर्थिक आंकड़ों की विश्वसनीयता और उनके आधार पर बनाई जा रही तस्वीर पर सवाल उठा रही है, वहीं सरकार इसे देश की उपलब्धियों को नकारने की राजनीति बता रही है। रिजिजू ने इसी आधार पर कांग्रेस से पूछा कि आखिर वह भारत की तरक्की को स्वीकार करने से क्यों बच रही है।
सोशल मीडिया अब राजनीतिक दलों के बीच बहस और आरोप-प्रत्यारोप का प्रमुख मंच बन चुका है। सरकार की नीतियों से लेकर आर्थिक आंकड़ों तक लगभग हर बड़े मुद्दे पर राजनीतिक दल पोस्ट, ग्राफिक्स और वीडियो के जरिए अपना पक्ष रखते हैं। कई बार इन पोस्टों पर सरकार के मंत्री और विपक्ष के वरिष्ठ नेता सीधे जवाब देते हैं, जिससे राजनीतिक विवाद और तेज हो जाता है।
GDP के मामले में भी यही देखने को मिला। केरल कांग्रेस ने व्यंग्यात्मक पोस्ट के जरिए सरकार के दावों पर सवाल उठाए तो केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने उसी अंदाज में पलटवार करते हुए कांग्रेस की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए।
आने वाले दिनों में GDP और अर्थव्यवस्था को लेकर यह राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। विपक्ष जहां आर्थिक आंकड़ों को रोजगार, महंगाई और आम आदमी की आय जैसे मुद्दों से जोड़कर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा, वहीं सत्ता पक्ष विकास दर और भारत की आर्थिक प्रगति को अपनी नीतियों की सफलता के रूप में पेश करता रहेगा।
फिलहाल किरेन रिजिजू और केरल कांग्रेस के बीच हुई इस तीखी सोशल मीडिया बहस ने GDP आंकड़ों को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। कांग्रेस सरकार के आर्थिक दावों पर सवाल उठा रही है, जबकि रिजिजू ने इसे भारत की तरक्की के प्रति नकारात्मक रवैया बताते हुए विपक्षी पार्टी पर जोरदार हमला बोला है।