नई दिल्ली। प्रतिबंधित जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख और तिहाड़ जेल में बंद अलगाववादी नेता **यासीन मलिक** एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी राजनीतिक गतिविधियां नहीं बल्कि उनकी निजी जिंदगी है। रिपोर्टों के मुताबिक मलिक ने जम्मू की TADA/POTA अदालत में दाखिल 25 पन्नों के हलफनामे में अपनी पाकिस्तानी पत्नी **मुशाल हुसैन मलिक** को वैवाहिक बंधन से मुक्त करने यानी तलाक देने की इच्छा जताई है। उसने दावा किया है कि पिछले करीब आठ वर्षों से पत्नी से फोन या वीडियो कॉल पर बातचीत नहीं हुई है।
इस घटनाक्रम के बाद यासीन और मुशाल की करीब दो दशक पुरानी प्रेम कहानी फिर चर्चा में आ गई है। दोनों की पहली मुलाकात 2005 में पाकिस्तान में हुई थी। एक कार्यक्रम में फैज अहमद फैज की नज्म, पहली मुलाकात में ऑटोग्राफ, फिर फोन पर प्यार का इजहार और आखिरकार 2009 में निकाह—उनके रिश्ते की कहानी कई बार मुशाल खुद इंटरव्यू में बता चुकी हैं।
2005 में पाकिस्तान में हुई पहली मुलाकात
यासीन मलिक और मुशाल हुसैन की पहली मुलाकात वर्ष **2005** में पाकिस्तान में हुई थी।
मलिक उस समय कश्मीर से जुड़े अपने अलगाववादी अभियान के लिए समर्थन जुटाने पाकिस्तान गया था। इसी दौरान एक कार्यक्रम में मुशाल अपनी मां के साथ पहुंची थीं। कार्यक्रम में मलिक ने भाषण दिया और इसी दौरान मशहूर शायर **फैज अहमद फैज** की नज्म का पाठ किया। कुछ रिपोर्टों में इसे फैज की प्रसिद्ध नज्म **'हम देखेंगे'** बताया गया है।
मुशाल ने बाद में उस मुलाकात को याद करते हुए बताया था कि मलिक का भाषण उन्हें पसंद आया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह उसके पास गईं और इसकी तारीफ की।
दोनों ने हाथ मिलाया और मलिक ने उन्हें ऑटोग्राफ दिया। यही उनकी पहली व्यक्तिगत मुलाकात थी।
पहली नजर में पसंद आ गई थीं मुशाल
मुशाल की तरफ से शुरुआत भाषण की तारीफ से हुई थी, लेकिन मलिक ने बाद में दावा किया था कि उसके लिए यह **पहली नजर का प्यार** था।
एक पुराने इंटरव्यू में उसने कहा था कि मुशाल को देखने के बाद उसने मन में तय कर लिया था कि अगर वह कभी शादी करेगा तो इसी लड़की से करेगा।
दोनों की पृष्ठभूमि एक-दूसरे से काफी अलग थी।
मुशाल पाकिस्तान के एक संपन्न और प्रभावशाली परिवार से आती हैं। उनके पिता प्रोफेसर एमए हुसैन मलिक अर्थशास्त्री थे। उनकी मां रेहाना हुसैन मलिक पाकिस्तान मुस्लिम लीग की महिला शाखा से जुड़ी रही हैं। मुशाल ने विदेश में भी पढ़ाई की और कला में उनकी विशेष रुचि रही है।
दूसरी तरफ मलिक श्रीनगर के मायसूमा इलाके से आता है और बाद में जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी आंदोलन का प्रमुख चेहरा बना।
पाकिस्तान से लौटने से पहले आया फोन
पहली मुलाकात के बाद असली मोड़ उस समय आया जब मलिक को पाकिस्तान से भारत लौटना था।
मुशाल के पुराने इंटरव्यू के मुताबिक भारत लौटने से एक दिन पहले मलिक ने उनकी मां के मोबाइल फोन पर कॉल किया। शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य शिष्टाचार वाली बातचीत समझा।
मुशाल की मां ने उससे कहा कि उनकी दुआएं उसके साथ हैं। इसके बाद मलिक ने मुशाल से बात कराने के लिए कहा।
शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, लेकिन थोड़ी देर बाद बातचीत ने अचानक रोमांटिक मोड़ ले लिया।
फोन पर कहा 'I love you'
मुशाल द्वारा बाद में बताए गए घटनाक्रम के अनुसार फोन पर बातचीत के दौरान मलिक ने अंग्रेजी में उनसे अपने प्यार का इजहार किया।
मुशाल ने उससे पूछा था कि क्या उसे पाकिस्तान पसंद है। इस पर मलिक ने जवाब दिया कि उसे पाकिस्तान पसंद है और खासकर वह।
मुशाल की मां उस समय पास ही मौजूद थीं। इसलिए वह घबरा गईं और कमजोर मोबाइल नेटवर्क का बहाना बनाकर खिड़की की तरफ चली गईं।
वहां पहुंचने के बाद मलिक ने एक बार फिर अपनी बात दोहराई, इस बार उर्दू में।
मुशाल ने बताया था कि वह इतनी हैरान थीं कि फोन काट दिया। मलिक ने दोबारा कॉल करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन बंद कर दिया।
MSN चैट से आगे बढ़ा रिश्ता
मलिक के भारत लौटने के बाद दोनों के बीच संपर्क खत्म नहीं हुआ।
उस समय आज की तरह व्हाट्सऐप या दूसरे आधुनिक मैसेजिंग ऐप आम नहीं थे। दोनों ने इंटरनेट पर **MSN Chat** के जरिए बातचीत शुरू की।
धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता गया और दोनों का रिश्ता गंभीर होने लगा।
लेकिन इस रिश्ते के सामने कई मुश्किलें थीं। दोनों अलग-अलग देशों में रहते थे और मलिक का जीवन राजनीतिक विवादों और कानूनी मामलों से घिरा था।
मुशाल के मुताबिक उनकी मां को भी इस रिश्ते को लेकर शुरुआत में चिंता थी। उन्हें डर था कि मलिक को दोबारा जेल जाना पड़ सकता है और इससे उनकी बेटी का भविष्य प्रभावित होगा।
हज यात्रा के दौरान पक्की हुई शादी
रिश्ता आगे बढ़ने के बाद परिवारों की सहमति सबसे महत्वपूर्ण सवाल था।
इसी बीच संयोग से मुशाल की मां और यासीन मलिक की मां की मुलाकात **हज यात्रा** के दौरान हुई। दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई और इसके बाद शादी की बात आगे बढ़ी।
आखिरकार दोनों परिवार शादी के लिए तैयार हो गए।
करीब चार साल के रिश्ते के बाद **22 फरवरी 2009** को पाकिस्तान में यासीन मलिक और मुशाल हुसैन मलिक ने निकाह कर लिया।
उस समय दोनों की उम्र में बड़ा अंतर भी चर्चा में रहा। रिपोर्टों के मुताबिक शादी के समय मलिक करीब 43 साल और मुशाल लगभग 24 साल की थीं।
शादी के बाद कश्मीर आईं मुशाल
निकाह के बाद मुशाल कश्मीर भी आईं। श्रीनगर में मलिक के मायसूमा स्थित घर पहुंचने पर उनके स्वागत की खबरें उस समय मीडिया में आई थीं।
बाद में दोनों के घर एक बेटी का जन्म हुआ, जिसका नाम **रजिया सुल्ताना** रखा गया। मौजूदा रिपोर्टों में रजिया की उम्र 13 साल बताई गई है।
समय के साथ राजनीतिक और कानूनी परिस्थितियों के कारण यासीन और मुशाल के बीच भौगोलिक दूरी बढ़ती गई। मुशाल अपनी बेटी के साथ पाकिस्तान में रहीं जबकि मलिक भारत में था।
2019 से जेल में यासीन मलिक
यासीन मलिक 2019 से जेल में है। टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में मई 2022 में दिल्ली की एक अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
मलिक के खिलाफ अन्य पुराने आपराधिक मामलों में भी कानूनी कार्यवाही चल रही है।
इसी कानूनी परिस्थितियों के बीच अब उसकी निजी जिंदगी से जुड़ा नया घटनाक्रम सामने आया है।
आठ साल से पत्नी से बात नहीं होने का दावा
मलिक ने जम्मू की अदालत में दाखिल अपने हलफनामे में दावा किया है कि उसने पिछले **आठ वर्षों से पत्नी मुशाल की आवाज नहीं सुनी** है।
उसके मुताबिक इस अवधि में उसे न तो पत्नी से फोन पर बातचीत करने और न ही वीडियो कॉल पर देखने का अवसर मिला।
इसी हलफनामे में उसने पत्नी से अलग होने की इच्छा जाहिर की है।
मलिक का कहना है कि भविष्य में लंबे समय तक जेल में रहने या कठोर सजा की संभावना के बीच वह नहीं चाहता कि मुशाल पूरी जिंदगी अनिश्चितता में बिताए। उसने पत्नी को अपने जीवन की नई शुरुआत करने की स्वतंत्रता देने की बात कही है।
क्या तलाक हो चुका है?
यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है।
2 सितंबर को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार मलिक ने **तलाक देने का फैसला या इच्छा जाहिर की है**। उपलब्ध खबरें यह स्थापित नहीं करतीं कि दोनों का कानूनी रूप से तलाक पूरा हो चुका है। इसलिए फिलहाल इसे 'तलाक की प्रक्रिया/फैसले की घोषणा' के तौर पर देखना अधिक सटीक है।
मुशाल की तरफ से इस फैसले पर तत्काल कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आने की बात भी रिपोर्ट की गई है।
बेटी रजिया को भी दिया संदेश
हलफनामे में मलिक ने अपनी बेटी रजिया सुल्ताना के लिए भी संदेश लिखा है। उसने बेटी से अपनी दादी के संपर्क में रहने और नियमित रूप से उन्हें फोन करने को कहा।
तलाक की खबर सामने आने के बाद रजिया की प्रतिक्रिया भी मीडिया में आई है। रिपोर्टों के मुताबिक उसने वीडियो संदेश में अपने माता-पिता के अलग होने की संभावना पर अत्यधिक भावनात्मक प्रतिक्रिया दी।
यह पहलू बताता है कि लंबे कानूनी संघर्ष और दोनों देशों में अलग-अलग रह रहे परिवार पर इस परिस्थिति का व्यक्तिगत प्रभाव भी पड़ा है।
21 साल बाद रिश्ते के सामने नया मोड़
2005 में पाकिस्तान के एक कार्यक्रम में फैज की नज्म सुनने से शुरू हुई मुलाकात धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदली। फोन पर प्यार का इजहार हुआ, इंटरनेट चैट के जरिए रिश्ता आगे बढ़ा और परिवारों की सहमति मिलने के बाद 2009 में निकाह हुआ।
अब पहली मुलाकात के करीब **21 साल और शादी के 17 साल बाद** यह रिश्ता एक नए मोड़ पर पहुंच गया है।
हालांकि मलिक का राजनीतिक और आपराधिक मामलों से जुड़ा इतिहास उसकी निजी जिंदगी से अलग विषय है। वह प्रतिबंधित JKLF का प्रमुख है और भारत में टेरर फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। ऐसे में उसकी प्रेम कहानी का जिक्र उसके खिलाफ स्थापित अपराधों या लंबित कानूनी मामलों की गंभीरता को कम नहीं करता।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि मलिक ने अदालत में दाखिल हलफनामे में पत्नी से अलग होने की इच्छा व्यक्त की है। अब यह देखना होगा कि यह घोषणा औपचारिक तलाक में बदलती है या नहीं। लेकिन इस घटनाक्रम ने फैज की नज्म, पहली मुलाकात और फोन पर हुए प्यार के इजहार से शुरू हुई यासीन मलिक और मुशाल की वर्षों पुरानी कहानी को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।