Kargil कारगिल अधिकारी ने बताया कि 51 लोगों वाली इस रैली को कारगिल में 'प्रोजेक्ट विजयक मेमोरियल' से रिटायर्ड कर्नल वीके ओबेरॉय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और यह रैली 14,337 फीट की ऊंचाई पर स्थित 'सापी ला' पर खत्म हुई। उन्होंने बताया कि रैली में 8 माउंटेन डिवीजन के डिप्टी जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) ब्रिगेडियर सरित प्रकाश, प्रोजेक्ट विजयक के चीफ इंजीनियर ब्रिगेडियर राहुल ओबेरॉय, 121 इन्फैंट्री ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर आशीष जोशी के अलावा सेना, प्रोजेक्ट विजयक के अधिकारी और कर्मचारी तथा आम नागरिक भी शामिल हुए।
ब्रिगेडियर ओबेरॉय ने बताया कि 'प्रोजेक्ट विजयक' को कारगिल युद्ध समीक्षा समिति की सिफारिशों के बाद 21 सितंबर, 2010 को शुरू किया गया था। इसका मकसद लद्दाख क्षेत्र में, खासकर अग्रिम इलाकों और चौकियों तक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना था। चीफ इंजीनियर ने कहा, "प्रोजेक्ट विजयक ने इस क्षेत्र में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है। कई सड़कों को चौड़ा किया गया है और सिंगल-लेन से डबल-लेन के मानकों के अनुसार अपग्रेड किया गया है, साथ ही अग्रिम इलाकों तक कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए नई सड़कें भी बनाई गई हैं।" उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे के स्पेसिफिकेशन और मानकों में भी काफी सुधार किया गया है और कई टनल प्रोजेक्ट पर अभी काम चल रहा है।
ब्रिगेडियर ओबेरॉय ने बताया कि 'रेज़िंग डे' (स्थापना दिवस) समारोह के हिस्से के तौर पर, प्रोजेक्ट विजयक हर साल मोटरसाइकिल रैली आयोजित करता है। इसका मकसद उन जवानों को याद करना और उन्हें श्रद्धांजलि देना है, जिन्होंने देश की सेवा करते हुए और चुनौतीपूर्ण हिमालयी क्षेत्र में अहम सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि पिछले साल की रैली सेना और बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) के बहादुर जवानों को सम्मान देने के लिए द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक तक गई थी। उन्होंने कहा कि इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, इस साल रैली लगभग 54 किलोमीटर का सफर तय करके 'सापी ला पास' तक गई। यह पश्चिमी लद्दाख और सियाचिन सेक्टर में प्रोजेक्ट विजयक द्वारा देखरेख किए जाने वाले अहम दर्रों (passes) में से एक है।
रैली 'सापी ला' पर खत्म हुई, जहां 8 माउंटेन डिवीजन के डिप्टी GOC ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ओबेरॉय ने कहा कि 'सापी ला' पर ध्वजारोहण समारोह गर्व का मौका था और यह उन बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि थी जिन्होंने देश की सेवा में अपनी जान कुर्बान कर दी। उन्होंने कहा कि इस मोटरसाइकिल रैली के साथ ही 21 सितंबर को होने वाले प्रोजेक्ट विजयक के 16वें स्थापना दिवस (रेज़िंग डे) के समारोहों की शुरुआत हुई।