New Delhi, नई दिल्ली: 'असम हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन, प्रोडक्शन और अपस्ट्रीम इकोसिस्टम डेवलपमेंट पॉलिसी, 2026' लागू हो गई है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर भारत' के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम बताया है। इस पॉलिसी का स्वागत करते हुए पुरी ने कहा कि यह पहल असम की अब तक इस्तेमाल न की गई हाइड्रोकार्बन क्षमता का लाभ उठाने के साथ-साथ पूर्वोत्तर को तेजी से विकास के रास्ते पर ले जाने में मदद करेगी।

पुरी ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, "असम, जिसने भारत के पेट्रोलियम उद्योग को जन्म दिया, अब 'आत्मनिर्भरता' की ओर भारत की ऊर्जा यात्रा के अगले अध्याय को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।"केंद्रीय मंत्री ने इस पहल का नेतृत्व करने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का भी धन्यवाद किया और कहा कि यह पॉलिसी निवेश आकर्षित करने और राज्य में तेल और प्राकृतिक गैस की खोज और उत्पादन में तेजी लाने में मदद करेगी।

इस पॉलिसी का मकसद मंजूरी की प्रक्रिया को आसान बनाकर, कागजी बाधाओं को कम करके और आधुनिक खोज तकनीकों को अपनाने को बढ़ावा देकर निवेशकों के अनुकूल माहौल बनाना है।उम्मीद है कि इन उपायों से हाइड्रोकार्बन की खोज और विकास में तेजी आएगी और असम में काम कर रही तेल और गैस कंपनियों के लिए कारोबार का बेहतर माहौल बनेगा।इस पॉलिसी से घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने की भी उम्मीद है, साथ ही कुशल और अकुशल युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

इसका मकसद असम में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाना और भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में राज्य की भूमिका को मजबूत करना भी है।'असम हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन, प्रोडक्शन और अपस्ट्रीम इकोसिस्टम डेवलपमेंट पॉलिसी, 2026' नोटिफिकेशन की तारीख से 10 साल तक लागू रहेगी, जब तक कि राज्य सरकार इसे पहले बदल न दे, रद्द न कर दे या वापस न ले ले।

यह पॉलिसी भारत के पेट्रोलियम सेक्टर में असम की ऐतिहासिक स्थिति को और बेहतर बनाने तथा एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निवेश के अनुकूल अपस्ट्रीम इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम है।पुरी की पोस्ट का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने केंद्रीय मंत्री की सराहना के लिए उनका धन्यवाद किया और कहा कि असम लगातार इनोवेशन के जरिए हाइड्रोकार्बन खोज के क्षेत्र में अपनी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सरमा ने कहा, "हाइड्रोकार्बन खोज में असम को 'फर्स्ट-मूवर एडवांटेज' (सबसे पहले शुरुआत करने का फायदा) मिला, जिससे हमें बढ़त मिली, लेकिन हम सिर्फ उसी पर निर्भर नहीं रहना चाहते - लगातार इनोवेशन ही हमें आगे रखेगा।" मुख्यमंत्री ने कहा कि असम हाइड्रोकार्बन के क्षेत्र में अपनी विरासत को आगे बढ़ाना जारी रखेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विज़न को साकार करने में योगदान देगा।

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