चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ FIR करने थाना पहुंची रोहिणी घावरी
भारत पहुंचे ही करणी सेना ने किया भव्य स्वागत
New Delhi. नई दिल्ली। आजाद समाज पार्टी के नेता और सांसद चंद्रशेखर आजाद को लेकर रोहिणी घावरी ने तीखा हमला बोला है। चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ FIR से जुड़े मामले के बीच रोहिणी घावरी ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति वास्तव में न्याय के लिए लड़ाई लड़ता है तो वह किसी दूसरे व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं कर सकता। उन्होंने चंद्रशेखर आजाद को नेता बनने के लायक नहीं होने की बात भी कही। रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर आजाद पर निशाना साधते हुए कहा, “चंद्रशेखर रावण अगर न्याय के लिए लड़ाई लड़ रहा होता तो किसी के साथ अन्याय नहीं करता।” उन्होंने दावा किया कि उनके साथ हुए कथित अन्याय की कहानी अब पूरे देश के सामने आ चुकी है और लोगों ने इसे देखा है।
घावरी ने अपने बयान में चंद्रशेखर आजाद की दलित राजनीति और उनकी सार्वजनिक छवि पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि दलितों का मसीहा कहलाने वाला व्यक्ति कभी शोषणकारी नहीं हो सकता। इसी के साथ उन्होंने कहा कि उनके अनुभव के आधार पर चंद्रशेखर आजाद नेता बनने के लायक नहीं हैं। रोहिणी घावरी के इन आरोपों के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उनके बयान में चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ लगाए गए आरोपों के साथ न्याय और सामाजिक नेतृत्व का मुद्दा प्रमुख रूप से सामने आया है। घावरी ने अपने कथित अनुभव का हवाला देते हुए चंद्रशेखर आजाद के राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।
मामले में FIR का जिक्र सामने आने के बाद इसके कानूनी पहलू पर भी नजर बनी हुई है। हालांकि आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में जांच एजेंसी या संबंधित पक्ष की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। FIR में आरोप दर्ज होना अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी साबित होने के बराबर नहीं होता और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाता है। रोहिणी घावरी के बयान में सबसे तीखा हमला चंद्रशेखर आजाद की उस छवि को लेकर है, जिसमें वे दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने का दावा करते हैं। घावरी ने सवाल उठाया कि न्याय की बात करने वाला व्यक्ति किसी दूसरे के साथ कथित तौर पर अन्याय कैसे कर सकता है।
इस पूरे विवाद में अब चंद्रशेखर आजाद या उनकी पार्टी की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। घावरी की ओर से लगाए गए आरोपों पर उनकी तरफ से क्या जवाब दिया जाता है और FIR के संबंध में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल रोहिणी घावरी के तीखे बयान के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने अपने बयान के जरिए चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व पर सीधे सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं।