दिल्ली। दिल्ली के तिगड़ी थाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार देर रात पैसों के लेनदेन को लेकर 48 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर देवेंद्र गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर ने उनके सिर को निशाना बनाकर गोली चलाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घटना के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने एक संदिग्ध आरोपी को पकड़ लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।

मृतक देवेंद्र गुप्ता तिगड़ी एक्सटेंशन में परिवार के साथ रहते थे। वह इलाके में आटा चक्की की दुकान चलाने के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी करते थे। परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां हैं। देवेंद्र की अचानक हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिजनों के मुताबिक, बृहस्पतिवार देर रात देवेंद्र गुप्ता को उनके एक परिचित व्यक्ति ने मिलने के लिए बुलाया था। देवेंद्र परिचित के बुलावे पर घर से निकल गए। इसके कुछ समय बाद उन्हें गोली मारे जाने की सूचना मिली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावर ने उनके सिर में एक गोली मारी थी। गोली लगने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।

घटना की सूचना मिलने पर तिगड़ी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए वहां मौजूद लोगों से शुरुआती पूछताछ की। मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में संदिग्धों की तलाश शुरू की गई। कुछ ही घंटों के भीतर एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया, जिसे हत्या की वारदात से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, पकड़े गए व्यक्ति की पहचान और उसकी भूमिका के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में वह सीधे शामिल था या उसे घटना के बारे में कोई महत्वपूर्ण जानकारी है। हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका होने की संभावना को भी जांच के द में रखा गया है।

शुरुआती जांच में पैसों का लेनदेन हत्या का कारण माना जा रहा है। देवेंद्र प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से जुड़े थे, इसलिए पुलिस उनके हाल के संपत्ति सौदों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटा सकती है। यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि उनका किसी व्यक्ति से रुपये को लेकर विवाद चल रहा था या नहीं।

परिवार के सदस्यों और देवेंद्र के करीबी परिचितों के बयान जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि उन्हें किस व्यक्ति ने फोन कर बुलाया था और दोनों के बीच आखिरी बातचीत किस विषय पर हुई थी। मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और संदेशों से भी घटना से पहले की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सकती है।

वारदात के समय देवेंद्र किस स्थान पर पहुंचे थे और वहां किन लोगों की मौजूदगी थी, इसकी जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से हमलावर तथा उसके आने-जाने के रास्ते का पता चल सकता है। पुलिस घटनास्थल तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों और गलियों के कैमरों की फुटेज खंगाल सकती है।

घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्य भी हत्या की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मौके से खाली कारतूस, गोली या अन्य सामग्री मिलने पर उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है। बैलिस्टिक जांच से इस्तेमाल किए गए हथियार और गोली के संबंध में जानकारी मिल सकती है।

देवेंद्र गुप्ता के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गोली लगने की दिशा, दूरी और मौत के समय से जुड़ी जानकारी सामने आएगी। चिकित्सकीय रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का मिलान कर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास करेगी।

प्रॉपर्टी के कारोबार में होने वाले लेनदेन का रिकॉर्ड भी खंगाला जा सकता है। देवेंद्र ने हाल के दिनों में किन लोगों के साथ संपत्ति का सौदा किया था, किससे भुगतान लेना था और किसे रुपये देने थे, इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। बैंक खातों, डिजिटल भुगतान और कारोबार से संबंधित दस्तावेजों की जांच से संभावित विवाद की पुष्टि हो सकती है।

पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि हत्या अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या इसके लिए पहले से योजना बनाई गई थी। परिचित द्वारा देवेंद्र को बुलाए जाने का परिजनों का दावा इस आशंका को मजबूत करता है कि हमलावर ने उन्हें किसी बहाने से घटनास्थल तक बुलाया हो सकता है। हालांकि, जांच पूरी होने तक इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

यदि परिचित ने फोन कर बुलाया था तो उसका नंबर और कॉल का समय महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकता है। कॉल रिकॉर्ड के साथ मोबाइल फोन की लोकेशन का विश्लेषण कर यह पता लगाया जा सकता है कि वारदात के समय संबंधित लोग कहां मौजूद थे। पकड़े गए व्यक्ति के मोबाइल की जानकारी भी जांच में शामिल की जा सकती है।

हत्या की खबर मिलते ही तिगड़ी एक्सटेंशन में सनसनी फैल गई। देवेंद्र को जानने वाले लोग उनके घर पहुंचने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह लंबे समय से चक्की की दुकान और प्रॉपर्टी का काम कर रहे थे। देर रात हुई गोलीबारी से आसपास के निवासियों में डर का माहौल है।

घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और गश्त बढ़ाने की मांग भी उठ सकती है। व्यस्त आबादी वाले क्षेत्र में किसी व्यक्ति को बुलाकर गोली मार देना कानून-व्यवस्था से जुड़ी गंभीर चिंता पैदा करता है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि हत्या में इस्तेमाल हथियार आरोपी के पास कहां से आया था और वारदात के बाद उसे कहां छिपाया गया।

पकड़े गए संदिग्ध से पूछताछ में हत्या के उद्देश्य, घटना की योजना और संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। उसके बयान का घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसकी तलाश की जाएगी।

फिलहाल पुलिस पैसों के लेनदेन को प्रमुख कारण मानते हुए जांच आगे बढ़ा रही है। आरोपी की भूमिका और विवाद की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच के बाद होगी। देवेंद्र की पत्नी और तीन बेटियां अब मामले में जल्द खुलासे तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाने की उम्मीद कर रही हैं।