मन की बात में PM Modi का संदेश, AI युग में रचनात्मकता और जड़ों से जुड़े रहने पर जोर

Update: 2026-06-28 09:48 GMT

Delhi दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में इंसानी रचनात्मकता को बनाए रखना और नवाचार को अपनाते हुए भारत की सांस्कृतिक व सभ्यतागत जड़ों से जुड़े रहना बेहद जरूरी है।

‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया में तकनीकी विकास बहुत तेजी से हो रहा है और हर दिन नए-नए शोध और इनोवेशन सामने आ रहे हैं। ऐसे समय में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह समय तकनीक का है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत कई क्षेत्रों में लगातार नई खोजें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव जहां एक ओर विकास के नए रास्ते खोल रहा है, वहीं दूसरी ओर यह भी जरूरी है कि समाज अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों से जुड़ा रहे।



पीएम मोदी ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे समय में यह विचार करना जरूरी है कि इंसानी रचनात्मकता को कैसे सुरक्षित रखा जाए और नई तकनीक के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी जड़ों से कैसे जुड़े रहा जाए। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति को अपनाने के साथ-साथ देश की परंपराओं और ज्ञान प्रणालियों को भी संरक्षित करना उतना ही महत्वपूर्ण है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि भारत को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीक और परंपरा दोनों को साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने कहा कि यदि दोनों के बीच सही संतुलन बनाया जाए, तो देश न केवल विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत बनाए रख सकता है।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के इस संदेश को देश के युवाओं, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी तेजी से हर क्षेत्र में प्रभाव डाल रही है।

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