नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व उपप्रधानमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित लालकृष्ण आडवाणी के स्वास्थ्य को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। 98 वर्षीय आडवाणी की तबीयत में सुधार होने के बाद सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को उन्हें दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सीने में संक्रमण की शिकायत के चलते उन्हें 16 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुरुआती दिनों में उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उपचार के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ और डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने का निर्णय लिया।
16 अक्टूबर को अस्पताल में कराया गया था भर्ती
लालकृष्ण आडवाणी को शुक्रवार, 16 अक्टूबर की शाम सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल लाया गया था।
जानकारी के अनुसार, उन्हें शाम करीब साढ़े सात बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए चिकित्सकों ने उनकी जांच की और निगरानी में रखने का निर्णय लिया।
अस्पताल में उन्हें पल्मोनरी विभाग के अंतर्गत उपचार दिया गया। डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही थी।
अस्पताल प्रशासन ने शुरुआती जानकारी में उनकी हालत स्थिर बताई थी। इसके बाद अगले कुछ दिनों में उनकी सेहत में सुधार देखने को मिला।
डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में चला उपचार
अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, लालकृष्ण आडवाणी का उपचार वरिष्ठ सलाहकार न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में किया गया।
चिकित्सकों की टीम ने उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की। सीने में संक्रमण के उपचार के साथ उम्र से संबंधित आवश्यक चिकित्सकीय सावधानियां भी बरती गईं।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि भर्ती होने के दौरान उनकी स्थिति स्थिर बनी रही और उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार हुआ।
इसके बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति का आकलन करते हुए अस्पताल से छुट्टी देने का फैसला किया।
ICU में रखे गए थे आडवाणी
शुरुआत में लालकृष्ण आडवाणी को गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया था। हालांकि, अस्पताल की ओर से उनकी स्थिति को स्थिर बताया गया था।
बढ़ती उम्र को देखते हुए उनके स्वास्थ्य की विशेष निगरानी की जा रही थी। चिकित्सकों ने संक्रमण के उपचार के दौरान आवश्यक जांच और निगरानी जारी रखी।
अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सामने आने के बाद उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में चिंता देखी गई।
सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने की खबर ने उनकी सेहत को लेकर चल रही चिंताओं को काफी हद तक कम किया है।
जेपी नड्डा ने अस्पताल पहुंचकर लिया था हालचाल
लालकृष्ण आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा शनिवार को इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल पहुंचे थे।
उन्होंने आडवाणी से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की।
नड्डा ने अस्पताल में उपचार संबंधी जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
आडवाणी भारतीय जनता पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर पार्टी नेताओं और समर्थकों की ओर से लगातार शुभकामनाएं व्यक्त की गईं।
मई 2026 में भी अस्पताल में हुए थे भर्ती
लालकृष्ण आडवाणी को इससे पहले मई 2026 में भी उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के कारण दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उस दौरान भी चिकित्सकों ने उनकी स्थिति की निगरानी की थी और कुछ दिनों के उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।
इसके अलावा दिसंबर 2024 में भी उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बढ़ती उम्र के कारण उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल की आवश्यकता रहती है। हालांकि, इस बार अस्पताल में भर्ती होने का प्रमुख कारण सीने में संक्रमण बताया गया है।
देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री रह चुके हैं आडवाणी
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं।
उन्होंने लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आडवाणी ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में वर्ष 1998 से 2004 तक केंद्रीय गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली।
इसके अलावा वर्ष 2002 से 2004 तक वह देश के उपप्रधानमंत्री भी रहे।
उनका राजनीतिक जीवन कई दशकों तक सक्रिय रहा है। भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी के गठन और विस्तार तक उन्होंने विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं।
भाजपा के संस्थापक नेताओं में शामिल
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं।
वर्ष 1980 में भाजपा के गठन के बाद उन्होंने पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वह तीन अलग-अलग अवधियों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे।
उनकी राजनीतिक यात्रा में संगठन निर्माण, संसदीय राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर चुनावी अभियानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण पड़ाव रहे हैं।
वर्ष 1990 में निकाली गई उनकी राम रथयात्रा भारतीय राजनीति की प्रमुख घटनाओं में शामिल रही है। इस यात्रा ने देश की राजनीति और राम मंदिर आंदोलन को व्यापक रूप से प्रभावित किया।
वर्ष 2024 में मिला भारत रत्न
लालकृष्ण आडवाणी को भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन में योगदान के लिए वर्ष 2024 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
भारत सरकार ने उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक योगदान को ध्यान में रखते हुए यह सम्मान प्रदान किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 31 मार्च 2024 को उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचकर भारत रत्न प्रदान किया था।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे थे।
पाकिस्तान के कराची में हुआ था जन्म
लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को तत्कालीन ब्रिटिश भारत के कराची शहर में हुआ था। यह शहर वर्तमान में पाकिस्तान में स्थित है।
देश के विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया।
आडवाणी ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कार्यों के माध्यम से की थी।
बाद में वह भारतीय जनसंघ और फिर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े। अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान उन्होंने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
प्रधानमंत्री मोदी से हाल ही में हुई थी मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी महीने 7 अक्टूबर को लालकृष्ण आडवाणी के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी।
प्रधानमंत्री ने शासन प्रमुख के रूप में अपने 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उनसे मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया था।
प्रधानमंत्री मोदी कई अवसरों पर आडवाणी के राजनीतिक योगदान और संगठन में उनकी भूमिका का उल्लेख कर चुके हैं।
स्वास्थ्य में सुधार के बाद मिली राहत
तीन दिनों तक अस्पताल में उपचार और निगरानी के बाद सोमवार को लालकृष्ण आडवाणी को छुट्टी दे दी गई।
अस्पताल की जानकारी के अनुसार, उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ है। हालांकि, अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उनके लिए निर्धारित दवाओं, चिकित्सकीय परामर्श और देखभाल संबंधी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
98 वर्षीय आडवाणी की तबीयत में सुधार की खबर उनके परिवार, पार्टी नेताओं और शुभचिंतकों के लिए राहत देने वाली है।