NEET-UG पेपर लीक विरोध के बीच DU की छात्रों और फैकल्टी को सलाह

Update: 2026-07-24 06:02 GMT

नई दिल्ली : नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 2026 के कथित पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने अपने छात्रों और फैकल्टी सदस्यों को जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा, कानूनी परेशानियों और शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभाव का हवाला देते हुए यह अपील जारी की है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने गुरुवार, 23 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों को सलाह दी कि वे जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने से बचें। विश्वविद्यालय ने कहा कि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

DU प्रशासन ने अपनी अपील में छात्रों को सलाह दी कि वे ऐसे स्थानों पर जाने से बचें जहां बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। विश्वविद्यालय का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने से छात्रों को सुरक्षा संबंधी जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में कानूनी कार्रवाई की संभावना भी बन सकती है।

NEET-UG परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों और युवाओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी मुद्दे को लेकर कई छात्र संगठन और युवा समूह जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग कर रहे हैं।

दिल्ली यूनिवर्सिटी का कहना है कि छात्रों की प्राथमिक जिम्मेदारी अपनी पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान देना है। प्रशासन ने आशंका जताई कि लंबे समय तक विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी संदेश में सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण कारण बताया गया है। DU ने छात्रों और फैकल्टी से अपील की है कि वे किसी भी ऐसे कार्यक्रम में भाग लेने से पहले परिस्थितियों का आकलन करें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

हालांकि, छात्रों के एक वर्ग का कहना है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय की सलाह पर सवाल भी उठाए हैं और कहा है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग करना गलत नहीं है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्र इन परीक्षाओं के लिए वर्षों तक तैयारी करते हैं। यदि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी होती है तो इसका असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है।

वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क है कि छात्रों की सुरक्षा और शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए ही यह सलाह जारी की गई है। DU ने यह नहीं कहा है कि छात्रों को अपनी बात रखने से रोका जा रहा है, बल्कि केवल प्रदर्शन स्थल पर जाने को लेकर सावधानी बरतने की अपील की गई है।

NEET-UG जैसे बड़े प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने देशभर में परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को लेकर बहस छेड़ दी है। छात्र संगठनों की मांग है कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को रोका जा सके।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि ये परीक्षाएं लाखों विद्यार्थियों के करियर का आधार होती हैं। साथ ही, छात्रों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार के बीच संतुलन बनाना भी महत्वपूर्ण है।

फिलहाल जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है और NEET-UG मामले को लेकर देशभर में चर्चा बनी हुई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी की सलाह के बाद अब यह मुद्दा सुरक्षा और छात्र भागीदारी को लेकर भी बहस का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में सरकार, छात्र संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच संवाद पर सभी की नजर रहेगी।

Tags:    

Similar News