दस्तावेज से बनाते थे फर्जी SIM कार्ड, साइबर क्राइम में इस्तेमाल का शक, 3 गिरफ्तार
साइबर अपराध रैकेट
Bhubaneswar. भुवनेश्वर। ओडिशा पुलिस ने गुरुवार को ग्राहकों के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके फर्जी सिम कार्ड बनाने और बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। संबलपुर जिला पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया, उनकी पहचान सूरज बाग (24), मालती ओराम उर्फ़ माला (29) और पापू उर्फ शेख परवेज (32) के तौर पर हुई है। पुलिस ने बताया कि उन्होंने 22 सितंबर, 2026 को संबलपुर साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज केस नंबर 34/26 की जांच के दौरान इस रैकेट का पता लगाया।
आरोप है कि ये लोग ग्राहकों के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एक ही नंबर पर कई सिम कार्ड बनाते थे। एक सिम तो ग्राहक को दे दिया जाता था, जबकि बाकी सिम अपने पास रखकर दूसरों को बेच दिए जाते थे। जांच में पता चला कि इनमें से कुछ सिम कार्ड का इस्तेमाल झारखंड के जामताड़ा में साइबर अपराधों के लिए किया जा रहा था। पुलिस को यह भी पता चला कि रैकेट से हुई कमाई को इसमें शामिल लोगों के बीच बांट लिया जाता था।
जब्त की गई चीजों में चार मोबाइल फोन, चार एक्टिव सिम कार्ड, 120 सीलबंद खाली एयरटेल सिम कार्ड, तीन बैंक पासबुक, एक चेक बुक, एक आधार कार्ड, एक फोनपे क्यूआर कोड स्कैनर, चार हलफनामे, घर किराए पर लेने का एग्रीमेंट, 10 एयरटेल पैम्फलेट और चार एयरटेल 5जी प्लस साइनबोर्ड शामिल हैं।
पुलिस इस मामले में शामिल अन्य लोगों, बनाए और सप्लाई किए गए सिम कार्ड की संख्या, सिम कार्ड लेने वालों और इसमें शामिल पैसों के बारे में पता लगाने के लिए जांच कर रही है। पुलिस जामताड़ा से कथित संबंधों की भी जांच कर रहे हैं, जो जांच का एक मुख्य केंद्र बनकर उभरा है। अधिकारियों ने बताया कि फर्जी और धोखाधड़ी से हासिल किए गए सिम कार्ड उन मुख्य साधनों में से हैं जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी धोखाधड़ी करने के लिए करते हैं।