Delhi दिल्ली। म्यांमार में कथित ड्रोन युद्ध और हथियार प्रशिक्षण से जुड़े मामले में मार्च 2026 में गिरफ्तार सात विदेशी नागरिकों को दिल्ली की विशेष अदालत से डिफॉल्ट जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया है। इनमें छह यूक्रेनी नागरिक और अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक शामिल हैं। दो आरोपियों को तिहाड़ जेल और पांच को रोहिणी जेल से रिहा किया गया।
मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। एजेंसी का आरोप है कि सातों विदेशी नागरिक म्यांमार स्थित जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन वॉरफेयर, ड्रोन ऑपरेशन, असेंबली और जैमिंग तकनीक का प्रशिक्षण देने से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थे। आरोप है कि वे मिजोरम के रास्ते बिना आवश्यक अनुमति के म्यांमार पहुंचे थे।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष NIA जज प्रशांत शर्मा ने छह यूक्रेनी नागरिकों को एक-एक लाख रुपए के कैश बॉन्ड पर डिफॉल्ट जमानत दी। इससे पहले 18 सितंबर को अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक को भी डिफॉल्ट जमानत मिल चुकी थी।
NIA ने 8 सितंबर को दाखिल अपनी पहली चार्जशीट में Immigration and Foreigners Act, 2025 के तहत आरोप लगाए थे, जबकि UAPA से जुड़े कथित अपराधों की जांच आगे जारी रखने की बात कही थी। अदालत ने वैधानिक अवधि के भीतर जांच पूरी नहीं होने के आधार पर आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत का लाभ दिया। अदालत ने छह यूक्रेनी नागरिकों पर बिना अनुमति दिल्ली से बाहर नहीं जाने जैसी शर्तें भी लगाई हैं। जमानत मिलने के बावजूद मामले में NIA की आगे की जांच जारी है।