नौ मौतों वाली बस पर थे 2.65 लाख के 61 चालान, फिर भी दौड़ती रही बस
नोएडा हादसे की बस पर 61 चालान
ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद वाहन के पुराने रिकॉर्ड को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे में नौ लोगों की मौत के बाद सामने आई बस के खिलाफ अलग-अलग यातायात और परिवहन नियमों के उल्लंघन को लेकर कुल 61 चालान दर्ज थे, जिनकी राशि करीब 2.65 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके बावजूद बस यात्रियों को लेकर सड़कों पर दौड़ रही थी।
बस में आग लगने की घटना के बाद पुलिस और परिवहन विभाग ने उसके दस्तावेजों और पुराने रिकॉर्ड की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि बस के खिलाफ ओवरस्पीडिंग, गलत पार्किंग और परिवहन नियमों से जुड़े कई चालान किए जा चुके थे। इसके अलावा बस के रंग, परमिट और अन्य दस्तावेजों को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक बस के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड में दर्ज रंग और हादसे के समय दिखाई देने वाले रंग में अंतर की बात सामने आई है। इसके अलावा परमिट से जुड़े उल्लंघनों का रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों द्वारा यह पता लगाया जा रहा है कि इतने चालान और नियमों के उल्लंघन के बावजूद बस का नियमित संचालन कैसे जारी रहा।
हादसा यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हुआ था। यात्रियों को लेकर जा रही बस में अचानक आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई। आग तेजी से बस के अंदर फैल गई और कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। घटना में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्रियों को बचाया गया। हादसे के बाद बस की तकनीकी स्थिति और आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के रिकॉर्ड में भी बस के खिलाफ कई चालान होने की जानकारी सामने आई है। इनमें तेज रफ्तार और गलत पार्किंग जैसे मामले शामिल बताए गए हैं। अब जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि बस के खिलाफ अलग-अलग राज्यों या क्षेत्रों में दर्ज उल्लंघनों पर समय रहते क्या कार्रवाई की गई थी।
हादसे के बाद बस संचालन और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। खासकर लंबी दूरी की निजी बसों की फिटनेस, परमिट, चालकों की योग्यता और पुराने चालानों की निगरानी की व्यवस्था चर्चा में आ गई है। जांच में बस की फिटनेस और तकनीकी स्थिति से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस हादसे के दौरान बस चला रहे कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। यात्रियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है। आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
नौ लोगों की जान लेने वाले इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि बार-बार यातायात और परिवहन नियमों के उल्लंघन के बावजूद बस का संचालन क्यों नहीं रुका। अधिकारियों की जांच में अब चालान, परमिट, फिटनेस और वाहन के अन्य रिकॉर्ड की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदारी और बस के संचालन में हुई संभावित लापरवाही की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।