डॉक्टरों की राय: स्वाइन फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं, सावधानी बरतना जरूरी
Delhi दिल्ली: देश में एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर चिंता के बीच डॉक्टरों ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वाइन फ्लू संक्रमण खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए अधिक परेशानी पैदा कर सकता है। ऐसे में लक्षण दिखाई देते ही चिकित्सकीय सलाह लेना और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतना जरूरी है।
यथार्थ हॉस्पिटल के डॉ. अनिल गोम्बर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि यह बच्चों में अधिक आसानी से फैल सकता है। बच्चे आपस में करीबी संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनमें संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यह संक्रमण ड्रॉपलेट्स और हवा के जरिए फैल सकता है और बच्चों के बीच तेजी से फैलने की संभावना रहती है। खासतौर पर उन बच्चों में जो पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, उनका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। बुजुर्गों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से पीड़ित तथा कम चलने-फिरने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों को संक्रमण होने की स्थिति में खुद को अन्य लोगों से अलग रखना चाहिए।
डॉ. गोम्बर ने स्वाइन फ्लू के लक्षणों के बारे में बताया कि इसमें बुखार, गले में खराश, सूखी खांसी, तेज बुखार, छींक आना और आंखों से पानी आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। इसके अलावा शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होना भी इसके लक्षणों में शामिल है।
उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि संक्रमण की स्थिति में कुछ दिनों तक खुद को अलग रखना चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल भी चिकित्सकीय सलाह से किया जा सकता है। स्वाइन फ्लू को लेकर लोगों में काफी डर और घबराहट होती थी और गंभीर मामलों में कई लोगों की मौत भी हो जाती थी। हालांकि, अब मेडिकल साइंस काफी आगे बढ़ चुकी है। लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। समय पर जांच और उचित इलाज से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने फ्लू वैक्सीन लगवाने की भी सलाह दी।
दूसरी ओर, स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बीच राजधानी दिल्ली के अस्पतालों ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है। डॉ. सत्यजीत कुमार ने अस्पताल की तैयारियों के बारे में बताया कि इमरजेंसी वार्ड में सात बेड हैं, जिनमें पांच एचडीयू बेड और दो वेंटिलेटर बेड शामिल हैं। अगर किसी मरीज को इमरजेंसी बेड की जरूरत होती है तो उसे यहां लाकर जांच और इलाज किया जाता है। मरीज के लक्षणों के आधार पर उसे आगे संबंधित वार्ड में शिफ्ट किया जाता है।
डॉ. सत्यजीत कुमार ने भी लोगों से पैनिक नहीं करने की अपील की। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर कुछ सामान्य सावधानियों का ध्यान रखा जाए तो संक्रमण से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खांसी होने पर मुंह और नाक को रुमाल या मास्क से ढकना चाहिए। जरूरत पड़ने पर मरीज घर पर भी खुद को आइसोलेट कर सकता है, ताकि संक्रमण दूसरे लोगों तक न फैले। सामान्य सर्दी-जुकाम भी बहुत से लोगों को हो सकता है। अगर गला खराब हो रहा है तो पर्याप्त मात्रा में गर्म पानी पीना राहत दे सकता है। हालांकि, लक्षण गंभीर होने या लगातार बने रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।