नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग तेज, भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी सुरक्षा,; यूपी से बंगाल तक अलर्ट
नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर हलचल बढ़ी है। भारत ने यूपी से पश्चिम बंगाल तक नेपाल सीमा पर सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी
नई दिल्ली : नेपाल में एक बार फिर हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। देश के विभिन्न हिस्सों में इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन और बहस बढ़ने के बीच भारत से लगी सीमाओं पर भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल तक नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
नेपाल में राजशाही समर्थक और हिंदू राष्ट्र की मांग करने वाले समूह समय-समय पर प्रदर्शन करते रहे हैं। उनका तर्क है कि नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाना चाहिए, जबकि देश में मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था नेपाल को एक धर्मनिरपेक्ष गणराज्य के रूप में परिभाषित करती है।
पहाड़ से तराई तक उठ रही आवाज
नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर तराई इलाकों तक हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर अलग-अलग समूह सक्रिय नजर आ रहे हैं। कुछ संगठनों की ओर से रैलियां और जनसभाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें नेपाल की पुरानी पहचान को बहाल करने की मांग उठाई जा रही है।
हालांकि, नेपाल में इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों और आम लोगों के बीच अलग-अलग राय है। कुछ लोग इसे सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखते हैं, जबकि कई समूह धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था को बनाए रखने के पक्ष में हैं।
भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी सतर्कता
नेपाल में बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए भारत से सटे सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से लगने वाली नेपाल सीमा पर—
सुरक्षा बलों की निगरानी बढ़ाई गई है।
आने-जाने वालों की जांच की जा रही है।
संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
सीमा क्षेत्रों में खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि को रोकने के लिए सतर्क हैं।
सीमा राज्यों में प्रशासन अलर्ट
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा व्यवस्था होने के कारण दोनों देशों के नागरिकों का आवागमन काफी आसान है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां विशेष सावधानी बरत रही हैं ताकि किसी भी तनाव या असामाजिक गतिविधि का असर सीमावर्ती क्षेत्रों पर न पड़े।
नेपाल की राजनीति में धर्म का मुद्दा
नेपाल में 2008 में राजशाही समाप्त होने के बाद देश को धर्मनिरपेक्ष गणराज्य घोषित किया गया था। इससे पहले नेपाल दुनिया का एकमात्र आधिकारिक हिंदू राष्ट्र माना जाता था।
पिछले कुछ वर्षों में राजशाही समर्थक समूहों और कुछ धार्मिक संगठनों की ओर से हिंदू राष्ट्र की वापसी की मांग फिर से जोर पकड़ती रही है।
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल में हिंदू राष्ट्र का मुद्दा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है। आने वाले समय में यह मुद्दा नेपाल की राजनीति और भारत-नेपाल संबंधों पर भी प्रभाव डाल सकता है।