नई दिल्ली। भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। नई दिल्ली में मलेशियाई हाई कमीशन में डिप्टी हाई कमिश्नर और चार्ज डी'अफेयर्स एड इंटरिम (a.i.) शरीफा एज़नीडा वाफा ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत और मलेशिया के संबंध "बेहतर से बेहतर" हो रहे हैं। उन्होंने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की हालिया भारत यात्रा और दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई मुलाकात का भी जिक्र किया।
शनिवार को दिल्ली में आयोजित मलेशियाई फूड फेस्टिवल के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए शरीफा एज़नीडा वाफा ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की भारत यात्रा का उल्लेख किया।वाफा ने कहा कि मलेशियाई प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान नेताओं के बीच हुई मुलाकात बेहद गर्मजोशी भरी रही। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत और मलेशिया के बीच रिश्ते और अधिक मजबूत होंगे।
उन्होंने कहा, "ये रिश्ते बेहतर से बेहतर हो रहे हैं, खासकर ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए मलेशियाई प्रधानमंत्री की हालिया भारत यात्रा के बाद। मुलाकात बहुत गर्मजोशी भरी थी, और हमें उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते और भी बेहतर होंगे।"उनकी टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब भारत और मलेशिया के बीच संपर्क को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वाफा ने प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की हालिया भारत यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया और नेताओं के बीच हुई बातचीत के माहौल को सकारात्मक बताया।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राजनीतिक और कूटनीतिक संबंधों के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव पर भी बात की। दिल्ली में आयोजित मलेशियाई फूड फेस्टिवल को उन्होंने भारतीय लोगों के बीच मलेशिया के खान-पान और संस्कृति को पहुंचाने का एक अच्छा अवसर बताया।मलेशियाई फूड फेस्टिवल का आयोजन 'ले मेरिडियन नई दिल्ली' के सहयोग से किया जा रहा है। इस आयोजन के जरिए भारतीय लोगों को मलेशिया के व्यंजनों और स्वाद से परिचित कराने की कोशिश की गई है। वाफा ने बताया कि इस पहल के पीछे दोनों देशों के लोगों को खान-पान के माध्यम से करीब लाने का भी उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि इससे एक दिन पहले मलेशियाई नेशनल डे रिसेप्शन का आयोजन किया गया था। इसके बाद अब 'ले मेरिडियन नई दिल्ली' के साथ मिलकर मलेशियाई फूड फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है।वाफा ने कहा, "कल हमारा मलेशियाई नेशनल डे रिसेप्शन था, और अब हम 'ले मेरिडियन नई दिल्ली' के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। चूंकि उनकी एक ब्रांच मलेशिया में भी है, इसलिए GM ने कुआलालंपुर से शेफ को बुलाने का सुझाव दिया। यह भारत के साथ मलेशिया का स्वाद साझा करने का एक अच्छा मौका है।"
मलेशियाई फूड फेस्टिवल के जरिए दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संपर्क का एक अलग रूप देखने को मिल रहा है। भोजन किसी भी देश की संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में मलेशियाई व्यंजनों को भारत में लोगों तक पहुंचाने की यह पहल दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर जुड़ाव को बढ़ाने का अवसर प्रदान कर रही है।फेस्टिवल के लिए कुआलालंपुर से शेफ को बुलाने का सुझाव दिया गया, जिससे लोगों को मलेशियाई व्यंजनों का स्वाद उपलब्ध कराया जा सके। वाफा ने इसे मलेशिया के स्वाद को भारत के साथ साझा करने का अच्छा अवसर बताया।
मीडिया से बातचीत में वाफा ने भारत-मलेशिया संबंधों के भविष्य को लेकर भी उम्मीद जताई। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच संबंध सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और हालिया उच्चस्तरीय संपर्क के बाद इसमें और सुधार की उम्मीद है।प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की भारत यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस यात्रा के बाद संबंधों को और मजबूती मिली है। नेताओं के बीच हुई मुलाकात को उन्होंने गर्मजोशी भरा बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते आगे और बेहतर होने की उम्मीद है।भारत और मलेशिया के बीच संबंधों को लेकर वाफा की टिप्पणी में उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भूमिका भी सामने आई। एक तरफ उन्होंने ब्रिक्स समिट के दौरान हुए संपर्क का जिक्र किया, वहीं दूसरी तरफ मलेशियाई फूड फेस्टिवल को दोनों देशों के लोगों को जोड़ने का अवसर बताया।
दिल्ली में आयोजित यह फूड फेस्टिवल मलेशियाई खान-पान को भारतीय लोगों के सामने पेश करने का मंच बना है। कार्यक्रम में मलेशिया के अलग-अलग स्वाद और व्यंजनों के माध्यम से वहां की संस्कृति की झलक साझा करने का प्रयास किया जा रहा है।वाफा ने कहा कि 'ले मेरिडियन नई दिल्ली' के साथ सहयोग के कारण इस आयोजन को संभव बनाया गया। मलेशिया में भी होटल की मौजूदगी होने के कारण कुआलालंपुर से शेफ को भारत बुलाने का सुझाव सामने आया। इसके बाद फूड फेस्टिवल के जरिए मलेशियाई स्वाद को भारतीय लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिला।
इस आयोजन को केवल खान-पान तक सीमित न रखते हुए सांस्कृतिक संपर्क के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है। अलग-अलग देशों के भोजन और संस्कृति से लोगों का परिचय आपसी समझ और संपर्क को बढ़ाने का माध्यम बन सकता है।मलेशियाई नेशनल डे रिसेप्शन के बाद आयोजित फूड फेस्टिवल ने दिल्ली में मलेशियाई संस्कृति को प्रस्तुत करने का एक और अवसर दिया। वाफा ने इस पहल को लेकर उत्साह जताया और इसे भारत के साथ मलेशिया का स्वाद साझा करने का अच्छा माध्यम बताया।
कुल मिलाकर मलेशियाई डिप्टी हाई कमिश्नर शरीफा एज़नीडा वाफा ने भारत-मलेशिया संबंधों को लेकर सकारात्मक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते "बेहतर से बेहतर" हो रहे हैं और प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की हालिया भारत यात्रा के बाद इसमें और सुधार की उम्मीद है। साथ ही दिल्ली में आयोजित मलेशियाई फूड फेस्टिवल के जरिए दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव और मलेशियाई स्वाद को भारतीय लोगों तक पहुंचाने की पहल भी की जा रही है।
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