उत्तराखंड

उत्तराखंड में झमाझम बारिश, हरिद्वार में सबसे अधिक 65.8 मिमी वर्षा

nidhi
7 Aug 2026 8:58 AM IST
उत्तराखंड में झमाझम बारिश, हरिद्वार में सबसे अधिक 65.8 मिमी वर्षा
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उत्तराखंड में मानसून सक्रिय होने से कई इलाकों में बारिश हुई। हरिद्वार में सबसे अधिक 65.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

देहरादून : उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना होने के साथ-साथ जनजीवन पर भी असर पड़ा। पिछले 24 घंटों के दौरान हरिद्वार में सबसे अधिक 65.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण कई इलाकों में तापमान में गिरावट आई है, जबकि निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली।

हरिद्वार में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सबसे अधिक वर्षा हरिद्वार में 65.8 मिमी दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई जगह पानी जमा होने की स्थिति बनी।
हरिद्वार के अलावा उत्तराखंड के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बौछारें दर्ज की गईं।
मानसून से मौसम में बदलाव
बारिश के कारण कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। उमस से परेशान लोगों को राहत मिली, लेकिन लगातार बारिश के चलते स्थानीय स्तर पर सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि तेज वर्षा के कारण भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा बढ़ सकता है।
नदियों और नालों पर नजर
लगातार बारिश के बीच प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां नदी-नालों के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
यात्रियों के लिए जरूरी सावधानी
उत्तराखंड में बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति जांचें।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रुकने से बचें।
तेज बारिश में नदी-नालों के पास न जाएं।
स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
खेती के लिए बारिश उपयोगी
मानसून की बारिश कृषि के लिए भी महत्वपूर्ण है। पर्याप्त वर्षा से खरीफ फसलों को लाभ मिल सकता है। हालांकि, अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में जलभराव से फसलों को नुकसान की आशंका भी रहती है।

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