मानसून की विदाई के बीच मौसम का यू-टर्न, कई राज्यों में भारी बारिश, यूपी में 45 लोगों की मौत
नई दिल्ली। मानसून की विदाई के बीच मौसम ने अचानक यू-टर्न ले लिया है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे कम दबाव के कारण देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है।
उत्तर प्रदेश में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला है। बीते 24 घंटे के दौरान राज्य में सामान्य से करीब 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। राजधानी लखनऊ में पिछले 24 घंटे में 125.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। लगातार हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने भी नुकसान पहुंचाया है। राज्य में इन घटनाओं के कारण 45 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। बारिश के चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
मानसून की विदाई के समय आमतौर पर बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगती है, लेकिन इस बार बंगाल की खाड़ी में बने गहरे कम दबाव ने मौसम की स्थिति बदल दी है। इसका असर देश के मध्य, पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में दिखाई दे रहा है। कई राज्यों में अचानक तेज बारिश होने से तापमान में भी बदलाव आया है।
उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड में भी बारिश के कारण परेशानी बढ़ी है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश होने पर भूस्खलन का खतरा अधिक रहता है। लगातार पानी गिरने से पहाड़ों की मिट्टी कमजोर होने और सड़कों पर मलबा आने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का बदला स्वरूप चिंता बढ़ा रहा है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी गहरे कम दबाव का असर देखने को मिल रहा है। दोनों राज्यों के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। लगातार बारिश होने से नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण और निचले क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा भी बढ़ गया है।
बिहार और झारखंड में भी बारिश का सिलसिला जारी है। मानसून की विदाई के बीच अचानक बढ़ी बारिश की गतिविधियों ने लोगों को एक बार फिर बरसात के मौसम का अहसास करा दिया है। कई क्षेत्रों में बादल छाए रहने और लगातार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल पर बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का सीधा असर दिखाई दे रहा है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों का खतरा बढ़ गया है। लगातार बारिश होने पर नदियों और अन्य जलस्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
सिक्किम में भी बारिश चिंता बढ़ा रही है। पहाड़ी राज्य होने के कारण यहां भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा अधिक रहता है। बारिश के दौरान पहाड़ों से मलबा और चट्टानें गिरने जैसी स्थितियां आवागमन को प्रभावित कर सकती हैं।
इस बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी मौसम अचानक बदल गया। देर शाम दिल्ली के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश हुई। अचानक हुई बारिश से मौसम में बदलाव महसूस किया गया। मानसून की विदाई के बीच दिल्ली में हुई बारिश ने लोगों को चौंका दिया।
देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश के विपरीत महाराष्ट्र में स्थिति अलग दिखाई दे रही है। यहां सरकार ने सूखे का एलान कर दिया है। एक तरफ उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्य भारी बारिश से जूझ रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति सामने आने से मौसम का बड़ा विरोधाभास दिखाई दे रहा है।
उत्तर प्रदेश में बारिश के आंकड़े विशेष रूप से चौंकाने वाले हैं। बीते 24 घंटे में सामान्य से करीब 19 गुना अधिक बारिश दर्ज होना मौसम में आए अचानक बदलाव को दर्शाता है। लखनऊ में 125.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने से राजधानी के कई हिस्सों में पानी जमा होने जैसी परिस्थितियां बनीं।
भारी बारिश के साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बनाया है। राज्य में 45 लोगों की मौत की जानकारी सामने आने के बाद बारिश का यह दौर जानलेवा साबित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गिरने और आंधी के दौरान लोगों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में बाढ़ की आशंका सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। लगातार बारिश होने से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। अगर बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहता है तो निचले इलाकों और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में परेशानी बढ़ सकती है।
बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव इस पूरे मौसम परिवर्तन की प्रमुख वजह बताया जा रहा है। इसके प्रभाव से नमी लगातार देश के कई हिस्सों तक पहुंच रही है, जिसके कारण बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। मानसून की विदाई के समय बने इस सिस्टम ने मौसम के सामान्य पैटर्न को बदल दिया है।
भारी बारिश वाले राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन दोनों का खतरा बना हुआ है। मैदानी इलाकों में अत्यधिक पानी जमा होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है, जबकि पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश से भूस्खलन का जोखिम बढ़ जाता है।
उत्तराखंड और सिक्किम जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश के दौरान सड़कों और पहाड़ी रास्तों पर विशेष सावधानी की जरूरत है। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति पर नजर रखना जरूरी हो गया है।
मानसून की विदाई के बीच मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने देश के बड़े हिस्से को प्रभावित किया है। उत्तर प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना ज्यादा बारिश और 45 लोगों की मौत ने स्थिति की गंभीरता बढ़ा दी है। दूसरी ओर कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दिल्ली में बेमौसम बारिश और महाराष्ट्र में सूखे के एलान के बीच देश में मौसम के अलग-अलग रूप एक साथ देखने को मिल रहे हैं।