नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के मंडोली इलाके में रविवार को एक गोदाम में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग लगने के बाद गोदाम से काले धुएं का गुबार उठने लगा, जो आसपास के इलाके में दूर तक दिखाई दिया। घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए राहत-बचाव अभियान शुरू किया। आग की स्थिति को देखते हुए बाद में दमकल की गाड़ियों की संख्या बढ़ाकर आठ कर दी गई।
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार मंडोली इलाके में स्थित गोदाम में आग लगने की सूचना रविवार सुबह 11 बजकर 34 मिनट पर मिली। सूचना मिलने के तुरंत बाद दमकल विभाग ने अपनी टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया। शुरुआत में दो वॉटर टेंडर, तीन वॉटर बोजर और एक क्विक रिस्पॉन्स गाड़ी को राहत-बचाव कार्य में लगाया गया।
दमकल की टीमों के घटनास्थल पर पहुंचने तक गोदाम से बड़ी मात्रा में धुआं निकल रहा था। काले धुएं के कारण आसपास के क्षेत्र में भी आग की घटना का असर दिखाई देने लगा। गोदाम के आसपास मौजूद लोगों में अचानक हुई घटना से दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों की नजर गोदाम से निकलते धुएं पर बनी रही।
दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचते ही आग बुझाने का काम शुरू किया। शुरुआत में भेजे गए संसाधनों के बाद आग की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त दमकल वाहनों को बुलाया गया। दिल्ली फायर सर्विस ने बाद में फायर की गाड़ियों की संख्या बढ़ाकर आठ कर दी। सभी गाड़ियों और दमकल कर्मियों को आग नियंत्रित करने के काम में लगाया गया।
गोदाम में लगी आग के कारण आसपास के इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। आसमान में उठते काले धुएं को देखकर आसपास रहने वाले लोग भी बाहर निकल आए। आग की लपटों और धुएं को देखते हुए लोगों में चिंता बढ़ गई। घटनास्थल के आसपास राहत-बचाव कार्य के कारण गतिविधियां तेज हो गईं।
आग लगने के बाद दमकल विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती आग को गोदाम के अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने की रही। वॉटर टेंडर और वॉटर बोजर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही क्विक रिस्पॉन्स गाड़ी को भी अभियान में शामिल किया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई की जा सके।
दिल्ली फायर सर्विस को सुबह 11:34 बजे सूचना मिलने के बाद राहत-बचाव अभियान तेजी से शुरू किया गया। शुरुआत में सीमित संख्या में वाहनों को भेजा गया था, लेकिन बाद में परिस्थितियों को देखते हुए आठ दमकल गाड़ियों को मौके पर लगाया गया। इससे आग की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मंडोली इलाके में गोदाम में आग लगने की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ गई। गोदाम से निकलता काला धुआं काफी ऊंचाई तक उठता दिखाई दिया। आग की वजह से आसपास के वातावरण में धुआं फैल गया। घटनास्थल पर दमकल विभाग के कर्मचारी लगातार स्थिति संभालने में जुटे रहे।
फिलहाल आग किस वजह से लगी, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। गोदाम के अंदर किस प्रकार का सामान रखा था, इसे लेकर भी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। आग से गोदाम में कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन भी आग पूरी तरह नियंत्रित होने के बाद ही किया जा सकेगा।
दमकल विभाग की ओर से फिलहाल आग बुझाने के अभियान पर ध्यान केंद्रित किया गया है। आग के कारणों का पता बाद में लगाया जा सकेगा। यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि घटना के समय गोदाम के अंदर कितने लोग मौजूद थे। उपलब्ध जानकारी में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं की गई है।
गोदामों में आग लगने की घटनाओं के दौरान बड़ी मात्रा में रखा सामान आग को तेजी से फैलने में मदद कर सकता है। ऐसे में दमकल कर्मियों के लिए आग को सीमित क्षेत्र में रोकना बेहद महत्वपूर्ण होता है। मंडोली की घटना में भी दमकल की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए।
आग के कारण इलाके में काला धुआं फैलने से आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटनास्थल से उठ रहे धुएं को काफी दूरी से देखा जा सकता था। दमकल विभाग की कई गाड़ियां पहुंचने के बाद गोदाम के आसपास राहत-बचाव अभियान तेज कर दिया गया।
आग की घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों में उत्सुकता के साथ चिंता भी दिखाई दी। गोदाम से लगातार निकल रहे धुएं के कारण लोगों को आग के और फैलने का डर था। हालांकि दमकल विभाग की आठ गाड़ियों के मौके पर पहुंचने के बाद आग को नियंत्रित करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया गया।
आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही गोदाम के अंदर हुए नुकसान की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि आग की शुरुआत कहां से हुई और इसके पीछे क्या कारण रहा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार आग लगने की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई थी।
मंडोली में हुई इस घटना ने कुछ समय के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। आसमान में काला धुआं छाने और दमकल वाहनों की आवाजाही के कारण लोगों की नजर घटनास्थल पर बनी रही। दिल्ली फायर सर्विस की टीमें आग को पूरी तरह नियंत्रित करने और स्थिति सामान्य करने के प्रयास में जुटी हुई हैं।