दिल्ली हाई कोर्ट ने मेडिकल रीइम्बर्समेंट से जुड़ी याचिका पर मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया
नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली के मुख्य सचिव को एक अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका MCD स्कूल के तीसरी कक्षा के एक छात्र के इलाज पर हुए 12,000 रुपये के खर्च की भरपाई के लिए पहले दिए गए आदेश का पालन न करने से जुड़ी है।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने आदित्य कुमार की याचिका पर यह नोटिस जारी किया, जिसे उनके पिता और कानूनी अभिभावक ने दायर किया था। याचिकाकर्ता की ओर से वकील अशोक अग्रवाल पेश हुए। यह याचिका हाई कोर्ट के 11 मार्च, 2026 के फैसले से जुड़ी है, जिसमें कोर्ट ने दिल्ली सरकार को छात्र के निजी अस्पताल में इलाज पर हुए 12,000 रुपये के खर्च की भरपाई करने का निर्देश दिया था और यह भुगतान दो महीने के भीतर किया जाना था।
याचिका के अनुसार, 1 अप्रैल, 2024 को निगम प्रतिभा विद्यालय में खेलते समय गिरने से आदित्य कुमार के बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया था।याचिका में छात्र के डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान और चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय जाने का भी ज़िक्र है। 11 मार्च के फैसले में कहा गया था कि छात्र को इन दो सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं मिला और बाद में उसने निजी अस्पताल में इलाज कराया।
फैसले में यह भी नोट किया गया कि प्रतिवादियों ने माना था कि याचिकाकर्ता दोनों अस्पतालों में गया था और उसे इलाज नहीं दिया गया था। इसी आधार पर, हाई कोर्ट ने इलाज के खर्च के तौर पर 12,000 रुपये की भरपाई का निर्देश दिया था।
मौजूदा अवमानना याचिका में दावा किया गया है कि फैसले में तय दो महीने की समय-सीमा खत्म होने के बावजूद यह रकम जारी नहीं की गई है।
इसमें यह भी कहा गया है कि याचिकाकर्ता के वकील ने 22 मई, 2026 को मुख्य सचिव को अवमानना का नोटिस भेजा था, जिसमें कोर्ट के आदेश का पालन करने की मांग की गई थी।याचिका में आदेश का पालन न करने पर अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई है। अवमानना याचिका में लगाए गए आरोपों पर हाई कोर्ट को अभी फैसला करना है। इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर, 2026 को होगी।