Mumbai मुंबई। महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव के दौरान अभिनेता गोविंदा एक बार फिर अपने खास अंदाज में नजर आए। कार्यक्रम में उनके डांस को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गईं। जहां कुछ लोगों ने उनके डांस की तारीफ की, वहीं कुछ यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करते हुए सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने दावा किया कि गोविंदा अब फिल्मों में पहले जैसी सक्रियता नहीं रखते, इसलिए वे ऐसे कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं। हालांकि, उनके समर्थकों ने इन आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि त्योहारों और सांस्कृतिक आयोजनों में हिस्सा लेना किसी भी कलाकार के लिए सम्मान की बात है।




गोविंदा लंबे समय से महाराष्ट्र की सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। दही हांडी जैसे लोकप्रिय उत्सवों में उनकी मौजूदगी हर साल लोगों का ध्यान आकर्षित करती है। उनके डांस और स्टेज परफॉर्मेंस को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रमों में पहुंचते हैं। कुछ राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा रही है कि गोविंदा का शिवसेना से जुड़ाव रहा है और पार्टी उन्हें युवाओं और आम लोगों तक पहुंच बनाने के लिए कार्यक्रमों में शामिल करती रही है। हालांकि, इस संबंध में अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
गोविंदा बॉलीवुड के उन अभिनेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने 90 के दशक में कॉमेडी, डांस और मनोरंजन से अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी लोकप्रियता आज भी कई दर्शकों के बीच कायम है। दही हांडी महाराष्ट्र की प्रमुख सांस्कृतिक परंपराओं में से एक है, जिसमें गोविंदा पथक मानव पिरामिड बनाकर हांडी फोड़ते हैं। इस उत्सव में फिल्मी सितारों की मौजूदगी हर साल आकर्षण का केंद्र रहती है। गोविंदा के डांस को लेकर शुरू हुई बहस के बीच उनके प्रशंसकों का कहना है कि किसी त्योहार में शामिल होना और लोगों का मनोरंजन करना एक कलाकार का स्वाभाविक हिस्सा है। वहीं आलोचक इसे अलग नजरिए से देख रहे हैं। फिलहाल गोविंदा की दही हांडी कार्यक्रम में मौजूदगी सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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