Mumbai मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में दही हांडी उत्सव के दौरान गोविंदा पथकों के सदस्यों के घायल होने का सिलसिला जारी है। उत्साह और उमंग के बीच हुए हादसों में अब तक कुल 168 गोविंदा घायल हुए हैं। सरकारी और बीएमसी अस्पतालों से मिली जानकारी के मुताबिक, इनमें से 81 गोविंदाओं का अभी भी इलाज जारी है। रात 9 बजे तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार, 29 गोविंदाओं को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि 58 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
अस्पतालों के आंकड़ों के मुताबिक, सेंट्रल मुंबई क्षेत्र में सबसे ज्यादा घायल गोविंदा सामने आए हैं। यहां कुल 106 गोविंदा घायल हुए हैं। इनमें 18 लोगों को भर्ती किया गया है, 52 का इलाज चल रहा है और 36 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी मिल चुकी है। ईस्टर्न सबर्ब्स क्षेत्र में कुल 29 गोविंदा घायल हुए हैं। इनमें 6 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, 8 का इलाज जारी है, जबकि 15 को डिस्चार्ज किया जा चुका है।
वहीं वेस्टर्न सबर्ब्स के अस्पतालों में 33 घायल गोविंदा पहुंचे। इनमें 5 लोग भर्ती हैं, 21 का इलाज चल रहा है और 7 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। अस्पतालों की बात करें तो KEM अस्पताल में सबसे ज्यादा 33 घायल गोविंदाओं का इलाज किया गया। इनमें 6 लोगों को भर्ती किया गया है, 12 का इलाज जारी है और 15 लोगों को छुट्टी मिल चुकी है। राजावाड़ी अस्पताल में 20 घायल पहुंचे, जिनमें 6 भर्ती हैं, 5 का इलाज चल रहा है और 9 को डिस्चार्ज किया गया है। नायर अस्पताल में 17 गोविंदा घायल पहुंचे, जिनमें 4 भर्ती हैं और 13 का इलाज जारी है।
इसके अलावा पोतदार अस्पताल में 16 घायल गोविंदा पहुंचे, जिन्हें इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। हिंदुजा अस्पताल में 14 घायल आए, जिनमें 2 भर्ती हैं और 12 का इलाज चल रहा है। BDBA अस्पताल में 13 घायल गोविंदा पहुंचे, जिनमें 2 भर्ती हैं, 4 उपचाराधीन हैं और 7 को छुट्टी दी जा चुकी है। सायन अस्पताल में 8 घायल पहुंचे, जिनमें 4 भर्ती हैं और 4 का इलाज जारी है।
दही हांडी महाराष्ट्र की प्रमुख सांस्कृतिक परंपराओं में शामिल है, जिसमें गोविंदा पथक ऊंची मानव पिरामिड बनाकर हांडी फोड़ने का प्रयास करते हैं। इस दौरान गिरने से चोट लगने की घटनाएं हर साल सामने आती हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा इंतजामों के बावजूद इस बार भी बड़ी संख्या में गोविंदा घायल हुए हैं। फिलहाल अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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