Delhi दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रमुख स्वामी महाराज को याद करते हुए कहा कि भारत की महान सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के पुनर्जागरण के लिए उनके द्वारा शुरू किया गया अभियान आज यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। प्रधानमंत्री ने पेरिस में बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर के लोकार्पण के अवसर पर अपने संबोधन में यह बात कही।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मित्रों, इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी महाराज का भी आदरपूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत के पास महान सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत थी और उन्होंने उस विरासत के पुनरुद्धार और पुनर्जागरण के लिए एक अभियान शुरू किया था।”
पीएम मोदी ने कहा कि प्रमुख स्वामी महाराज द्वारा शुरू किए गए इस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अभियान का प्रभाव अब किसी एक देश तक सीमित नहीं है। यह यूरोप सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच रहा है।
भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रसार का जिक्र
प्रधानमंत्री ने भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के वैश्विक प्रसार को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने प्रमुख स्वामी महाराज के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय विरासत को नई ऊर्जा देने का जो प्रयास शुरू हुआ था, उसका विस्तार आज पूरी दुनिया में दिखाई दे रहा है।
पेरिस में बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण भी भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं की वैश्विक उपस्थिति को मजबूत करने वाले महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत की प्राचीन विरासत के संरक्षण और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने प्रमुख स्वामी महाराज को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उनके द्वारा शुरू किए गए सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रयासों की सराहना की।
Tags: