Delhi दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के पीजी के रूप में इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत ढहने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस ने पीजी मालिक हरिराम समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मामला साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 290 और 125(a) के तहत दर्ज किया गया है। इमारत का इस्तेमाल पीजी के तौर पर किया जा रहा था और ग्राउंड फ्लोर पर कथित रूप से मरम्मत या रेनोवेशन का काम चल रहा था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि निर्माण कार्य के दौरान किसी तरह की लापरवाही हादसे की वजह बनी या नहीं।
11 लोगों को मलबे से निकाला गया
राहत और बचाव अभियान के दौरान कुल 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। पुलिस के अनुसार इनमें चार लोगों को मौके पर मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस तरह मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी सामने आया है कि हादसे से करीब दो दिन पहले बेसमेंट को बड़ा करने के लिए कथित तौर पर एक पिलर हटाया गया था। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच में ही स्पष्ट होगा कि कथित स्ट्रक्चरल बदलाव और इमारत गिरने के बीच कोई संबंध था या नहीं।
मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
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