Itanagar ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश में संदिग्ध बाल तस्करी नेटवर्क की जांच के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नामसाई जिला पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से 34 बच्चों समेत कुल 38 लोगों का पता लगाकर उन्हें बचाया है। मामले में कथित महिला दलालों और सहयोगियों सहित चार वयस्कों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई संदिग्ध बाल तस्करी और बच्चों को गैर-कानूनी तरीके से काम पर लगाए जाने से जुड़े एक पुराने मामले की जांच के तहत की गई है। यह मामला नामसाई पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।
अभियान और जांच का नेतृत्व डीएसपी केंगो डिर्ची ने किया। नामसाई एसपी सांगे थिनले की निगरानी में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट के समन्वय से बच्चों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित निकालने की कार्रवाई की गई।
10 हजार से 50 हजार तक के लेन-देन का संदेह
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि कथित नेटवर्क आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संपर्क करता था। परिवारों को उनके बच्चों की बेहतर शिक्षा, देखभाल और परवरिश का भरोसा दिए जाने का आरोप है। इसके बाद बच्चों को दूर-दराज के इलाकों में ले जाकर अलग-अलग लोगों के पास कथित तौर पर रखा जाता था। जांच में कुछ मामलों में प्रति बच्चे करीब 10 हजार से 50 हजार रुपये तक के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी भी सामने आई है।
नेटवर्क की पूरी चेन खंगाल रही पुलिस
जांच के दौरान नए सुराग मिलने के बाद रूपाली पडुंग नाम की एक और कथित मुख्य सहयोगी को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ मामले में गिरफ्तार वयस्कों की संख्या चार हो गई है। पुलिस अब बच्चों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने वाले लोगों, उन्हें रखने वाले व्यक्तियों, संदिग्ध आर्थिक लेन-देन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। बच्चों के माता-पिता और अभिभावकों से भी पूछताछ की जा रही है। रेस्क्यू किए गए बच्चों की सुरक्षा, काउंसलिंग, पुनर्वास और देखभाल के लिए सीडब्ल्यूसी और डीसीपीयू द्वारा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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