मंडी। कीरतपुर-मनाली फोरलेन हाईवे पर दयोड़ और हणोगी टनल से जल्द ही वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। दोनों टनल में यातायात बहाली से पहले वाहनों की आवाजाही का ट्रायल किया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के दिल्ली से आए अधिकारियों ने टनल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी अधिकारियों से मुलाकात की और टनल को जल्द यातायात के लिए खोलने को लेकर चर्चा की।

जयराम ठाकुर ने अधिकारियों के साथ बैठक कर हाईवे की मौजूदा स्थिति और टनल से जुड़े सुरक्षा पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से विस्तृत चर्चा हुई है। टनल को यातायात के लिए खोलने से पहले कुछ सुरक्षा संबंधी जांच की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तीन से चार दिन के भीतर दोनों टनल सुचारू रूप से वाहनों के लिए खोल दी जाएंगी।

सुरक्षा जांच के बाद लिया जाएगा अंतिम फैसला

दयोड़ और हणोगी टनल में वाहनों के ट्रायल के बाद एनएचएआई के अधिकारी सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर रहे हैं। टनल के भीतर यातायात संचालन से पहले हर जरूरी पहलू की जांच की जा रही है, ताकि वाहन चालकों को किसी तरह की परेशानी न हो और आवाजाही सुरक्षित तरीके से शुरू की जा सके।

जयराम ठाकुर ने कहा कि अधिकारियों की ओर से कुछ सुरक्षा संबंधी जांच की जा रही है। इन जांचों के पूरा होने के बाद यातायात शुरू करने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उनका कहना है कि यदि सब कुछ निर्धारित मानकों के अनुरूप रहा तो तीन से चार दिन में टनल से वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है।

टनल के खुलने का इंतजार लंबे समय से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को है। कीरतपुर-मनाली हाईवे प्रदेश के प्रमुख मार्गों में शामिल है और मंडी से कुल्लू तथा आगे मनाली की ओर जाने वाले लोगों के लिए इसका विशेष महत्व है।

दवाड़ा फ्लाईओवर की मरम्मत के निर्देश

बैठक में दवाड़ा फ्लाईओवर की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई। फ्लाईओवर में आई समस्या के कारण यातायात प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए इसकी जल्द मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि हाईवे पर यातायात व्यवस्था सामान्य बनी रहे।

फ्लाईओवर की मरम्मत के साथ ही हाईवे के अन्य संवेदनशील हिस्सों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। पहाड़ी क्षेत्र में बारिश और भूस्खलन के कारण हाईवे को समय-समय पर नुकसान पहुंचता रहा है। ऐसे में सड़क की स्थिरता और सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी जरूरी है।

ब्यास नदी से हाईवे को हो रहे नुकसान पर भी मंथन

बैठक के दौरान ब्यास नदी से हाईवे को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। नदी के तेज बहाव के कारण हाईवे के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। इस समस्या के स्थायी समाधान को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।

जयराम ठाकुर ने कहा कि ब्यास नदी से हाईवे को हो रहे नुकसान का स्थायी समाधान तलाशना जरूरी है। हर साल अस्थायी मरम्मत करने के बजाय ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिससे नदी के बहाव के कारण सड़क को नुकसान न पहुंचे। इसके लिए तकनीकी स्तर पर जरूरी उपायों और सुरक्षा कार्यों पर मंथन किया गया।

एक घंटे में मंडी से कुल्लू पहुंचने की उम्मीद

दयोड़ और हणोगी टनल से यातायात शुरू होने के बाद मंडी से कुल्लू के बीच सफर का समय काफी कम होने की उम्मीद है। दोनों टनल चालू होने के बाद करीब एक घंटे में मंडी से कुल्लू पहुंचना संभव हो सकेगा। इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों का समय बचेगा और उन्हें सुरक्षित यात्रा का विकल्प भी मिलेगा।

वर्तमान में पहाड़ी मार्गों पर सफर के दौरान कई ऐसे क्षेत्र आते हैं, जहां भूस्खलन का खतरा बना रहता है। बारिश के मौसम में इन क्षेत्रों में पत्थर गिरने और सड़क बाधित होने की घटनाएं सामने आती हैं। टनल के शुरू होने के बाद ऐसे कई संवेदनशील हिस्सों से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पर्यटन और कारोबार को भी मिलेगा फायदा

टनल से यातायात शुरू होने का लाभ केवल स्थानीय लोगों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को ही नहीं मिलेगा, बल्कि पर्यटन कारोबार को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। मंडी, कुल्लू और मनाली जाने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा का समय कम होने से सफर अधिक सुविधाजनक हो सकता है।

इसके अलावा फल-सब्जियों और अन्य जरूरी सामान की ढुलाई में भी समय की बचत होगी। परिवहन व्यवस्था बेहतर होने से स्थानीय कारोबारियों को लाभ मिल सकता है। हाईवे के सुचारू होने से कुल्लू-मनाली क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

हाईवे की सुरक्षा पर बढ़ा जोर

पहाड़ी क्षेत्रों में फोरलेन निर्माण के साथ सड़क सुरक्षा एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। भारी बारिश, भूस्खलन और नदी के तेज बहाव के कारण कई बार सड़क के हिस्सों को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में टनल, फ्लाईओवर और हाईवे के संवेदनशील हिस्सों की नियमित निगरानी जरूरी है।

एनएचएआई अधिकारियों के निरीक्षण और ट्रायल के बाद अब उम्मीद बढ़ी है कि दयोड़ और हणोगी टनल जल्द यातायात के लिए उपलब्ध होंगी। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही इन्हें आम वाहनों के लिए खोला जाएगा।

जयराम ठाकुर ने कहा कि टनल को जल्द शुरू करने की दिशा में काम चल रहा है और तीन से चार दिन में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। यदि सुरक्षा संबंधी सभी जांच संतोषजनक रहती हैं तो दोनों टनल से यातायात बहाल हो सकता है। इसके साथ दवाड़ा फ्लाईओवर की मरम्मत और ब्यास नदी से हाईवे को होने वाले नुकसान के स्थायी समाधान पर भी काम आगे बढ़ाने की तैयारी है। टनल खुलने के बाद मंडी से कुल्लू के बीच सफर न केवल कम समय में पूरा होगा, बल्कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से बचते हुए अपेक्षाकृत सुरक्षित यात्रा का रास्ता भी खुलेगा।

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