बागेश्वर। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने सोमवार को जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश से बने हालात, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और बारिश के कारण बंद हुए सड़क मार्गों की स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम से जिले की सभी तहसीलों से सीधे संपर्क कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए।
डीएम ने आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखने के साथ संवेदनशील और जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र से अप्रिय घटना, भूस्खलन, सड़क बंद होने या नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचें और राहत एवं बचाव कार्य शुरू करें।
कंट्रोल रूम से लिया तहसीलवार जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से मिल रही सूचनाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने फोन के माध्यम से सभी तहसीलों में अधिकारियों से संपर्क कर बारिश की स्थिति की जानकारी हासिल की।
डीएम ने अधिकारियों से पूछा कि उनके क्षेत्र में कहीं सड़क मार्ग बाधित तो नहीं है, नदी और नालों का जलस्तर किस स्थिति में है तथा संवेदनशील इलाकों में स्थिति सामान्य है या नहीं। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी सूचना को हल्के में न लिया जाए और स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं का तत्काल सत्यापन किया जाए।
नदी-नालों के जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश
लगातार बारिश के कारण नदी और नालों के जलस्तर में होने वाली वृद्धि को लेकर जिलाधिकारी ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलस्तर की लगातार निगरानी की जाए। खासकर नदी-नालों के किनारे बसे गांवों और ऐसे इलाकों पर नजर रखी जाए, जहां जलस्तर बढ़ने से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका रहती है।
डीएम ने कहा कि जलस्तर में अचानक वृद्धि या किसी तरह की असामान्य स्थिति सामने आने पर बिना समय गंवाए राहत और बचाव की कार्रवाई शुरू की जाए। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी पहले से तैयार रखी जाए।
बंद सड़क मार्गों की जानकारी ली
बारिश के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका बनी रहती है। जिलाधिकारी ने जिले में बंद और प्रभावित सड़क मार्गों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि बारिश के कारण यदि कोई मार्ग बंद होता है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर खोलने की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क बाधित होने से प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री और जरूरी सेवाएं पहुंचाने में परेशानी हो सकती है। इसलिए ऐसे मार्गों की निगरानी लगातार की जाए और जहां संभव हो, वहां तत्काल मशीनरी और कर्मचारियों को भेजकर यातायात बहाल कराया जाए।
संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के संवेदनशील और जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए। भूस्खलन, जलभराव, नदी-नालों के उफान और सड़क क्षतिग्रस्त होने जैसी संभावित स्थितियों को देखते हुए स्थानीय स्तर पर तैयारी पूरी रखी जाए।
उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में समय पर लिया गया निर्णय कई लोगों की जान बचा सकता है। इसलिए किसी भी अधिकारी को सूचना मिलने के बाद कार्रवाई में देरी नहीं करनी चाहिए। तहसील और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
राहत-बचाव के लिए संसाधन तैयार रखने को कहा
डीएम ने राहत एवं बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले जरूरी संसाधनों की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बचाव उपकरण, आवश्यक मशीनरी, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री तैयार रखी जाए। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें तत्काल प्रभावित क्षेत्र में भेजा जा सके।
उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि वे अपने-अपने दायित्वों को स्पष्ट रूप से समझें और आपात स्थिति में बिना किसी भ्रम के काम करें। स्थानीय स्तर पर पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
अफवाहों पर भी नजर रखने की जरूरत
जिलाधिकारी ने बारिश से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान में सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आपदा के समय अफवाहों से लोगों में अनावश्यक भय पैदा हो सकता है। इसलिए किसी भी सूचना की पुष्टि के बाद ही उसे आगे प्रसारित किया जाए। साथ ही वास्तविक स्थिति की जानकारी समय-समय पर लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि वे आवश्यक सावधानी बरत सकें।
डीएम बोले, हर स्थिति से निपटने को तैयार रहे प्रशासन
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लगातार बारिश को देखते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है और इसके लिए पूरे आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय रखा जाए।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात अधिकारी मौके की स्थिति पर लगातार नजर रखें। नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी, सड़क बंद होने या किसी अन्य असामान्य परिस्थिति की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए।
लगातार बारिश के बीच जिलाधिकारी के निरीक्षण और निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और सक्रिय कर दिया है। अब तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर अधिकारियों को सतर्क रहने के साथ बारिश से उत्पन्न किसी भी स्थिति की तत्काल सूचना जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को देने के निर्देश दिए गए हैं।