कच्चा तेल 90 डॉलर के पार, पेट्रोल डीजल महंगे होने का बढ़ा खतरा
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत में करीब 7.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी क्रूड ऑयल का भाव करीब 10 प्रतिशत तक चढ़ गया। इस तेजी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का भाव 92.68 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड का रेट 91.48 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया।
हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अभी तक भारतीय बाजार में दिखाई नहीं दे रहा है। घरेलू तेल कंपनियों ने मई के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। फिलहाल उपभोक्ताओं को पुराने रेट पर ही ईंधन मिल रहा है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल के दाम
राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल का भाव 111.21 रुपये, कोलकाता में 113.51 रुपये और चेन्नई में 107.76 रुपये प्रति लीटर है।
इसके अलावा गुरुग्राम में पेट्रोल 102.97 रुपये, नोएडा में 101.76 रुपये, बेंगलुरु में 111.68 रुपये, हैदराबाद में 116.15 रुपये और जयपुर में 113.50 रुपये प्रति लीटर है।
डीजल के दाम
दिल्ली में डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में डीजल 97.83 रुपये, कोलकाता में 99.82 रुपये और चेन्नई में 99.55 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
वहीं हैदराबाद में डीजल का भाव 104.23 रुपये, जयपुर में 98.50 रुपये, लखनऊ में 96.18 रुपये और पटना में 99.36 रुपये प्रति लीटर है।
भारत की तेल खरीद पर नजर
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। रूस, यूएई और सऊदी अरब जैसे देश भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आयात लागत पर पड़ सकता है।
क्या बढ़ सकते हैं पेट्रोल डीजल के दाम?
फिलहाल तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक इसी स्तर पर बनी रहती हैं तो आने वाले समय में घरेलू बाजार में ईंधन के दाम बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इससे पहले मई में तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार बदलाव किया था, जिसके बाद पेट्रोल करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हुआ था। अब एक बार फिर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है।