क्विक कॉमर्स से मंगाया महंगा सामान, खराब निकला तो कंपनी ने बदलने से किया इनकार
नई दिल्ली New Delhi। ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने ऑनलाइन शॉपिंग को बेहद आसान बना दिया है। पहले जहां किसी सामान की डिलीवरी के लिए दो से चार दिन तक इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब कई प्लेटफॉर्म कुछ ही मिनटों में जरूरी सामान घर तक पहुंचाने का दावा करते हैं। किराना, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर रोजमर्रा की कई चीजें अब लोग मोबाइल पर कुछ क्लिक करके मंगा लेते हैं। लेकिन डिलीवरी की यह तेज रफ्तार कई बार ग्राहकों के लिए परेशानी का कारण भी बन जाती है।
ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें एक ग्राहक ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म से हजारों रुपये का सामान ऑर्डर किया। सामान घर पहुंचने के बाद जब ग्राहक ने उसे इस्तेमाल किया तो वह खराब निकला। ग्राहक को उम्मीद थी कि कंपनी खराब सामान को आसानी से बदल देगी या उसका पैसा वापस करेगी। लेकिन कंपनी की ओर से सामान बदलने से इनकार कर दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि कंपनी ने इसके पीछे जो वजह बताई, उसने ग्राहक को और भी परेशान कर दिया।
ऑनलाइन शॉपिंग में बढ़ रहा है भरोसा
आज के समय में ऑनलाइन खरीदारी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। लोग कपड़े, मोबाइल एक्सेसरीज, घरेलू सामान, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और कई महंगी चीजें तक ऑनलाइन खरीद रहे हैं। क्विक कॉमर्स के आने के बाद यह सुविधा और बढ़ गई है।
ग्राहकों को कुछ मिनटों में डिलीवरी मिलने से समय की बचत होती है। यही वजह है कि लोग कई बार प्रोडक्ट की रिटर्न और रिप्लेसमेंट पॉलिसी को विस्तार से पढ़े बिना ही ऑर्डर कर देते हैं। उन्हें लगता है कि अगर सामान खराब निकला तो कंपनी उसे बदल देगी। लेकिन हर उत्पाद और हर प्लेटफॉर्म पर नियम एक जैसे नहीं होते।
हजारों रुपये का सामान निकला खराब
मामले में ग्राहक ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए हजारों रुपये का सामान खरीदा। डिलीवरी मिलने के बाद ग्राहक ने जब पैकेज खोला और सामान को इस्तेमाल करने की कोशिश की तो उसमें खराबी सामने आई। इसके बाद ग्राहक ने कंपनी के कस्टमर सपोर्ट से संपर्क किया और प्रोडक्ट को बदलने की मांग की।
ग्राहक की उम्मीद थी कि खराब सामान की शिकायत दर्ज कराने के बाद कंपनी रिप्लेसमेंट की प्रक्रिया शुरू कर देगी। लेकिन कस्टमर केयर की ओर से ऐसा करने से इनकार कर दिया गया। ग्राहक को बताया गया कि संबंधित प्रोडक्ट को बदला नहीं जा सकता।
कंपनी ने बताई ऐसी वजह, बढ़ी परेशानी
सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात कंपनी की ओर से बताई गई वजह थी। ग्राहक के मुताबिक, कंपनी ने प्रोडक्ट की शिकायत के बावजूद रिप्लेसमेंट से इनकार कर दिया। ऐसे में ग्राहक के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि अगर ऑनलाइन खरीदा गया सामान डिलीवरी के बाद ही खराब निकल जाए तो आखिर उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
क्विक कॉमर्स में डिलीवरी का समय बेहद कम होने के कारण ग्राहकों को कई बार पैकेजिंग और प्रोडक्ट की स्थिति को ठीक से जांचने का पर्याप्त मौका नहीं मिलता। कुछ मामलों में ग्राहक डिलीवरी स्वीकार करने के बाद ही सामान को खोलकर देख पाते हैं। अगर तब उसमें खराबी मिले और प्लेटफॉर्म की पॉलिसी रिप्लेसमेंट की अनुमति न देती हो, तो ग्राहक के लिए परेशानी बढ़ सकती है।
ऑर्डर करने से पहले जरूर पढ़ें नियम
ऑनलाइन खरीदारी करते समय ग्राहक अक्सर कीमत, डिस्काउंट और डिलीवरी टाइम पर ज्यादा ध्यान देते हैं। लेकिन किसी महंगे सामान को खरीदने से पहले उसकी रिटर्न, रिफंड और रिप्लेसमेंट पॉलिसी पढ़ना भी उतना ही जरूरी है।
खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्सनल केयर, घरेलू उपकरण और दूसरे महंगे उत्पादों के मामले में यह देखना चाहिए कि सामान खराब निकलने पर प्लेटफॉर्म की क्या नीति है। कुछ उत्पादों पर रिटर्न की सुविधा नहीं होती, जबकि कुछ में केवल निर्माता की वारंटी लागू होती है।
डिलीवरी मिलते ही करें ये काम
ऑनलाइन महंगा सामान मंगाने पर डिलीवरी मिलने के तुरंत बाद पैकेज की स्थिति देखनी चाहिए। यदि पैकेज क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है तो उसकी तस्वीर या वीडियो बना लेना बेहतर होता है। पैकेज खोलते समय भी वीडियो रिकॉर्डिंग रखना कई मामलों में उपयोगी साबित हो सकता है।
अगर प्रोडक्ट में खराबी मिलती है तो ग्राहक को तुरंत कस्टमर सपोर्ट पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। शिकायत का स्क्रीनशॉट, ऑर्डर आईडी, बिल, डिलीवरी की तारीख और प्रोडक्ट की तस्वीरें सुरक्षित रखनी चाहिए। इससे विवाद की स्थिति में ग्राहक के पास अपने दावे से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद रहते हैं।
ग्राहक अधिकारों को समझना जरूरी
ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने के साथ उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर जागरूकता भी जरूरी हो गई है। केवल किसी प्लेटफॉर्म पर भरोसा कर लेना पर्याप्त नहीं है। ग्राहक को यह समझना चाहिए कि उसने किस विक्रेता से सामान खरीदा है, प्रोडक्ट की वारंटी क्या है और खराब सामान की स्थिति में शिकायत किसके पास करनी है।
अगर कंपनी के स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होता है, तो ग्राहक उपलब्ध उपभोक्ता शिकायत व्यवस्था के जरिए अपनी शिकायत आगे बढ़ा सकता है। हालांकि, हर मामले में समाधान संबंधित उत्पाद, विक्रेता, प्लेटफॉर्म की शर्तों और उपलब्ध दस्तावेजों पर निर्भर करता है।
क्विक कॉमर्स ने निश्चित तौर पर खरीदारी को तेज और सुविधाजनक बनाया है, लेकिन सुविधा के साथ सावधानी भी जरूरी है। खासकर महंगे सामान की खरीदारी करते समय केवल कुछ मिनट में डिलीवरी मिलने की खुशी में नियम और शर्तों को नजरअंदाज करना बाद में भारी पड़ सकता है। इसलिए अगली बार ऑनलाइन ऑर्डर करने से पहले सिर्फ कीमत और डिलीवरी टाइम नहीं, बल्कि रिटर्न, रिफंड और रिप्लेसमेंट की शर्तें भी जरूर पढ़ें।