कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को राहत

Update: 2026-07-24 10:49 GMT

मुंबई : वैश्विक बाजारों से मिले संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट के कारण शुक्रवार, 24 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती दबाव के बाद सुधार देखने को मिला। हालांकि, दिन के निचले स्तरों से बाजार ने मजबूत वापसी की, लेकिन इसके बावजूद घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों को कुछ राहत मिली, क्योंकि इससे महंगाई और कंपनियों की लागत पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद बनी। इसके बावजूद विदेशी निवेशकों की सतर्कता और बाजार में जारी बिकवाली के दबाव ने तेजी को सीमित रखा।

सेंसेक्स 332 अंक गिरकर बंद

शुक्रवार के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 332 अंक की गिरावट के साथ 76,060 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने एक समय में और नीचे जाने का दबाव देखा, लेकिन बाद में इसमें सुधार आया।

दिन के निचले स्तरों से बाजार में आई रिकवरी ने निवेशकों को कुछ राहत दी। हालांकि, अंतिम सत्र तक बाजार पूरी तरह नुकसान से बाहर नहीं निकल पाया।

निफ्टी में भी गिरावट जारी

एनएसई का निफ्टी इंडेक्स भी शुक्रवार को दबाव में रहा और 102 अंक गिरकर 23,767 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी शुरुआती कमजोरी के बाद सुधार देखने को मिला, लेकिन अंत में लाल निशान में कारोबार समाप्त हुआ।

इसके साथ ही निफ्टी और सेंसेक्स दोनों लगातार पांचवें कारोबारी दिन गिरावट के साथ बंद हुए।

निफ्टी बैंक ने दिखाया मजबूती का रुख

जहां अधिकांश प्रमुख इंडेक्स दबाव में रहे, वहीं बैंकिंग सेक्टर ने बाजार के सामान्य रुझान के विपरीत प्रदर्शन किया। निफ्टी बैंक इंडेक्स 102 अंक की बढ़त के साथ 56,694 के स्तर पर बंद हुआ।

बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से इस इंडेक्स को मजबूती मिली और इसने व्यापक बाजार की गिरावट को कुछ हद तक संतुलित किया।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिली राहत

शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट ने भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दिए। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है, इसलिए कीमतों में कमी से देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत पर अनुकूल प्रभाव पड़ सकता है।

कम तेल कीमतों से मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है, जिससे निवेशकों की धारणा में सुधार देखने को मिला।

बाजार पर बना रहा दबाव

हालांकि कच्चे तेल में गिरावट से बाजार को समर्थन मिला, लेकिन कई अन्य कारणों से निवेशकों में सतर्कता बनी रही। वैश्विक बाजारों की दिशा, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक फिलहाल घरेलू और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।

सेक्टरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा

शुक्रवार को बाजार में विभिन्न सेक्टरों का प्रदर्शन अलग-अलग रहा। कुछ क्षेत्रों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा।

बैंकिंग क्षेत्र ने जहां बेहतर प्रदर्शन किया, वहीं अन्य प्रमुख सेक्टरों में कमजोरी का असर बाजार के प्रमुख इंडेक्स पर दिखाई दिया।

निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर

बाजार की आगे की दिशा वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों के रुख और कंपनियों के आगामी नतीजों पर निर्भर करेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को बाजार में सावधानी बरतने और लंबी अवधि के नजरिए से फैसले लेने की जरूरत है।

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