नई दिल्ली: देश में करोड़ों लोग खाना बनाने के लिए LPG गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में अगर आपके घर में भी LPG कनेक्शन है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। पिछले कुछ समय से देश में LPG कनेक्शनों की संख्या में कमी देखने को मिल रही है। हालांकि, इसके पीछे सिर्फ नए कनेक्शन जारी होने पर लगी रोक ही वजह नहीं है, बल्कि पुराने कनेक्शनों की जांच और E-KYC जैसी प्रक्रियाएं भी इसका बड़ा कारण हैं।
दरअसल, तेल कंपनियों की ओर से LPG उपभोक्ताओं के कनेक्शन का आधार वेरिफिकेशन यानी E-KYC कराया जा रहा है। इसका मकसद गैस कनेक्शन से जुड़े रिकॉर्ड को अपडेट करना और यह सुनिश्चित करना है कि LPG सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी का फायदा सही और पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचे।
इसके साथ ही ऐसे कनेक्शनों की भी पहचान की जा रही है, जो लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किए जा रहे हैं। अगर किसी व्यक्ति या परिवार के नाम पर एक से ज्यादा LPG कनेक्शन दर्ज हैं, तो उनकी भी जांच की जा रही है। इस प्रक्रिया के जरिए निष्क्रिय और संदिग्ध कनेक्शनों को रिकॉर्ड से हटाने की कोशिश की जा रही है।
नए LPG कनेक्शन पर क्यों लगी रोक?
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच LPG समेत पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को लेकर दबाव देखने को मिला था। इसका असर घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडरों की उपलब्धता और कीमतों पर भी पड़ा। सप्लाई को संतुलित रखने के लिए तेल कंपनियों ने नए घरेलू LPG कनेक्शन जारी करने पर रोक लगाई।
यानी LPG कनेक्शनों की संख्या में कमी के पीछे एक तरफ नए कनेक्शन पर रोक है, तो दूसरी तरफ पुराने कनेक्शनों की लगातार जांच भी की जा रही है।
पुराने गैस कनेक्शनों की भी हो रही जांच
तेल कंपनियां पुराने LPG कनेक्शनों का रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। इसमें यह देखा जा रहा है कि कौन-सा कनेक्शन अभी सक्रिय है और कौन-सा लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
इसके अलावा एक ही परिवार के नाम पर मौजूद कई कनेक्शनों की भी जांच की जा रही है। जिन घरों में पहले से PNG कनेक्शन मौजूद है, वहां LPG कनेक्शन के रिकॉर्ड को लेकर भी वेरिफिकेशन किया जा सकता है।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की संख्या भी घटी
LPG कनेक्शनों में हो रही इस जांच और बदलाव का असर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की संख्या पर भी दिखाई दिया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की संख्या पहले करीब 10.63 करोड़ थी, जो घटकर करीब 10.57 करोड़ रह गई है। यानी लगभग 6 लाख लाभार्थियों की संख्या कम हुई है।
LPG E-KYC की डेडलाइन 30 सितंबर
अगर आपने अभी तक अपने LPG कनेक्शन की E-KYC नहीं करवाई है, तो इसे नजरअंदाज न करें। उपलब्ध जानकारी के अनुसार E-KYC पूरी करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 बताई गई है।
E-KYC नहीं कराने पर आगे चलकर LPG सब्सिडी से जुड़ी दिक्कत आ सकती है और कुछ मामलों में गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर भी परेशानी हो सकती है। इसलिए LPG उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपने कनेक्शन का KYC स्टेटस चेक कर लें और जरूरत होने पर E-KYC पूरी कर लें।
कुल मिलाकर, LPG कनेक्शनों की संख्या में कमी के पीछे नए कनेक्शन पर रोक, पुराने कनेक्शनों का वेरिफिकेशन, निष्क्रिय कनेक्शनों की पहचान, डुप्लीकेट कनेक्शनों की जांच और आधार E-KYC जैसी कई प्रक्रियाएं शामिल हैं।
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