जनता से रिश्ता वेबडेस्क |  होली से पहले पीएफ कर्मचारियों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। अगर आपके घर में किसी का पीएफ कट रहा है तो फिर यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। पीएफ काटने वाली संस्था ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी ने वित्तीय वर्ष 2022-22 की ब्याज दर में कटौती करने का फैसला लिया है। पीएफ कर्मचारियों को इस साल 8.1% ब्याज ही दिया जाएगा। बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अब इस फैसले पर सरकार की मुहर लगनी बाकी है।

जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उनकी सैलरी का एक निश्चित हिस्सा काट कर पीएफ खाते में जमा किया जाता है। इतनी ही राशि उसके कर्मचारी को इस खाते में जमा करनी होती है। ईपीएफओ इस फंड का प्रबंधन करता है और हर साल इस राशि पर ब्याज देता है। वित्त वर्ष 1977-78 में EPFO ने लोगों को पीएफ जमा पर 8% ब्याज दिया था। तब से ये लगातार इतना या इससे अधिक बना रहा है।
वहीं, एक खबर के अनुसार, वित्त वर्ष 2019-20 और 2020-21 में ईपीएफओ ने पीएफ जमा पर 8.5% का ब्याज दिया था. इससे पहले 2018-19 में ये 8.65%, 2017-18 में 8.55%, 2016-17 में 8.65% और 2015-16 में 8.8% था। ईपीएफओ के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी ने शनिवार को हुई बैठक में पीएफ के ब्याज घटाने का फैसल किया है। पीएफ जमा पर ब्याज घटाने से पहले ही ईपीएफओ को ट्रेड यूनियनों की तरफ से भारी विरोध का सामना करना पड़ा है।


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