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छत्तीसगढ़ में निवेश बढ़ाने जुनैद ढेबर ने किया बड़ा आह्वान

Shantanu Roy
26 Sept 2026 10:32 PM IST
छत्तीसगढ़ में निवेश बढ़ाने जुनैद ढेबर ने किया बड़ा आह्वान
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में ऑल इंडिया मेमन जमात फेडरेशन का भव्य वार्षिक अधिवेशन आयोजित किया गया। वीआईपी रोड स्थित शगुन फार्म में हुए इस आयोजन में भारत के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में उद्योगपति, निवेशक और समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में करीब 23 साल के लंबे अंतराल के बाद फेडरेशन का इस स्तर पर अधिवेशन आयोजित किया गया, जिसमें 800 से अधिक लोगों ने भागीदारी की।
अधिवेशन में सामाजिक विषयों के साथ व्यापार, निवेश, रोजगार और छत्तीसगढ़ में उपलब्ध औद्योगिक संभावनाओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और युवा उद्योगपति जुनैद ढेबर ने देश-विदेश से पहुंचे निवेशकों के सामने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं का खाका रखा। उन्होंने राज्य में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों, औद्योगिक आधार और अलग-अलग क्षेत्रों में कारोबार की संभावनाओं की जानकारी दी। जुनैद ढेबर ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और यहां कारोबार तथा उद्योगों के विस्तार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने खनिज संपदा, आयरन ओर और स्टील उत्पादन क्षमता का उल्लेख करते हुए निवेशकों से राज्य में नए उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि निवेश का उद्देश्य केवल कारोबार का विस्तार या आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करना और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने मेमन समाज के उद्योगपतियों और कारोबारियों से छत्तीसगढ़ में निवेश के अवसर तलाशने का आह्वान किया। अधिवेशन के दौरान फूड प्रोसेसिंग, कृषि आधारित उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विशेष रूप से बात की गई। जुनैद ढेबर ने निवेशकों के सामने इन क्षेत्रों को रखते हुए कहा कि राज्य में इनके विस्तार की पर्याप्त संभावना है।
फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों को लेकर उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में निवेश होने से स्थानीय स्तर पर नई आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कृषि से जुड़े उद्योगों के विस्तार से स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलने के साथ नई व्यावसायिक संभावनाएं भी तैयार हो सकती हैं। इसी तरह मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। बड़े उद्योगों के आने से उनके साथ जुड़े छोटे कारोबार, ट्रांसपोर्ट, सप्लाई और दूसरी सेवाओं को भी अवसर मिलने की बात कही गई। अधिवेशन में इस बात पर जोर दिया गया कि निवेश के साथ स्थानीय सप्लायर्स और छोटे कारोबारियों को भी नए बाजार से जोड़ने की दिशा में काम किया जाए।
जुनैद ढेबर ने आधुनिक तकनीक से जुड़े उद्योगों की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बदलते औद्योगिक माहौल में नई तकनीक आधारित क्षेत्रों में निवेश की भूमिका बढ़ रही है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में परंपरागत उद्योगों के साथ आधुनिक तकनीक आधारित कारोबार की संभावनाओं पर भी निवेशकों को ध्यान देना चाहिए। अधिवेशन में रोजगार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। जुनैद ढेबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आने वाला निवेश स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने वाला होना चाहिए। उद्योगों की स्थापना से प्रत्यक्ष रोजगार के साथ परिवहन, सप्लाई, सेवाओं और अन्य संबंधित क्षेत्रों में भी काम के अवसर पैदा हो सकते हैं।
उन्होंने मेमन समाज के सक्षम कारोबारियों और उद्योगपतियों से कहा कि वे छत्तीसगढ़ को केवल निवेश के एक स्थान के रूप में न देखें, बल्कि राज्य के विकास में भागीदार बनने के उद्देश्य से आगे आएं। जुनैद ढेबर ने कहा, “मैं आपसे दरख्वास्त करता हूं कि छत्तीसगढ़ में सिर्फ एक पारंपरिक निवेशक बनकर कदम न रखें, बल्कि हमारे युवाओं का भविष्य संवारने के लिए रोजगार निर्माता और इस राज्य की तरक्की के सच्चे डेवलपमेंट पार्टनर बनें।”
उनके संबोधन में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर रहा। उन्होंने कहा कि यदि देश और विदेश के बड़े कारोबारी यहां नए उद्योग और व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करते हैं तो इसका फायदा केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। इससे स्थानीय सप्लायर्स, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय और उद्योगों से जुड़े दूसरे छोटे कारोबारों के लिए भी नए अवसर तैयार होंगे। आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से आए उद्योगपतियों तथा निवेशकों के बीच आपसी संवाद का अवसर भी मिला। कार्यक्रम में कारोबार और निवेश से जुड़े अनुभव साझा किए गए और छत्तीसगढ़ में मौजूद संभावनाओं को लेकर चर्चा की गई।
आयोजकों के अनुसार, करीब 23 वर्षों के बाद छत्तीसगढ़ में आयोजित इस अधिवेशन को लेकर मेमन समाज के लोगों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्योग और व्यापार क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। अधिवेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ में फूड प्रोसेसिंग, कृषि आधारित उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों को निवेशकों के सामने रखा गया। साथ ही निवेश को स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के समापन के दौरान भी राज्य में कारोबार और निवेश की संभावनाओं को लेकर चर्चा जारी रही। अधिवेशन में शामिल कारोबारियों और निवेशकों के सामने छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़ने का प्रस्ताव रखा गया। आयोजन का प्रमुख संदेश यही रहा कि निवेश के साथ रोजगार सृजन और स्थानीय विकास को भी प्राथमिकता दी जाए।
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