- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- Signs of Death : अंतिम...
धर्म-अध्यात्म
Signs of Death : अंतिम समय में शरीर देने लगता है ये संकेत! जानें मौत से ठीक पहले क्या महसूस करता है इंसान
Sarita
8 Feb 2026 9:25 AM IST

x
Signs of Death : मृत्यु जीवन का वह शाश्वत सत्य है जिससे कोई भाग नहीं सकता। जब कोई अपना जीवन की अंतिम दहलीज पर होता है तो उसका शरीर कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुजरता है। चिकित्सा विज्ञान और हॉस्पिस केयर विशेषज्ञों के अनुसार मौत अचानक नहीं आती बल्कि शरीर हफ्तों या दिनों पहले से ही संकेत देना शुरू कर देता है। इन संकेतों को समझना इसलिए जरूरी है ताकि हम अपने प्रियजनों के अंतिम समय को कष्टरहित और गरिमापूर्ण बना सकें।
शरीर में होने वाले 12 बड़े बदलाव:
अत्यधिक थकान: मरीज दिन का अधिकांश समय सोने में बिताता है। शरीर की ऊर्जा इतनी कम हो जाती है कि करवट बदलना भी पहाड़ जैसा लगता है।
भूख-प्यास का अंत: पाचन तंत्र धीमा हो जाता है। शरीर को अब ऊर्जा की जरूरत नहीं रहती इसलिए मरीज भोजन और पानी से पूरी तरह दूरी बना लेता है।
सांसों का उतार-चढ़ाव: अंतिम समय में सांस लेने की प्रक्रिया अनियमित हो जाती है—कभी बहुत तेज तो कभी बहुत धीमी।
बढ़ता दर्द: गंभीर बीमारियों के कारण शरीर में दर्द बढ़ सकता है जिसे केवल मेडिकल देखरेख में ही नियंत्रित किया जा सकता है।
मानसिक बेचैनी: मौत के करीब आते ही मरीज को घबराहट, पसीना आना और नींद न आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
मतली और उल्टी: पेट की कार्यप्रणाली रुकने या दवाओं के प्रभाव से मरीज को लगातार मतली महसूस हो सकती है।
कब्ज की समस्या: कम तरल पदार्थ और दवाओं के कारण कब्ज हो जाता है जो मरीज के लिए काफी कष्टदायक होता है।
सामाजिक अलगाव: इंसान धीरे-धीरे बोलना बंद कर देता है और अपनों से भी दूरी बना लेता है। यह उदासी नहीं बल्कि दुनिया से विदा लेने की आंतरिक तैयारी है।
अनैच्छिक क्रियाएं: शरीर की मांसपेशियों पर नियंत्रण खत्म हो जाता है जिससे पेशाब या मल त्याग पर मरीज का वश नहीं रहता।
ठंडा पड़ता शरीर: ब्लड सर्कुलेशन कम होने से हाथ-पैर ठंडे होने लगते हैं। त्वचा, होंठ और नाखूनों का रंग नीला या बैंगनी पड़ना अंतिम चरण का संकेत है।
भ्रम या मतिभ्रम (Delirium): ऑक्सीजन की कमी या अंगों के फेल होने से मरीज को ऐसी चीजें दिखाई या सुनाई दे सकती हैं जो वहां नहीं हैं।
डेथ रेटल (Death Rattle): यह सबसे आखिरी संकेत माना जाता है। गले में कफ जमा होने से सांस लेते समय एक विशेष प्रकार की 'घड़घड़ाहट' सुनाई देती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब ये लक्षण दिखाई दें तो मरीज को दवाओं से ज्यादा अपनों के साथ और स्पर्श की जरूरत होती है। धीरे बोलना, हाथ पकड़ना और शांत वातावरण देना उन्हें सुकून पहुंचाता है।
TagsSignsDeathअंतिम समयशरीरसंकेतFinal momentsBodySignals जनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





