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प्री-सीजन कैंप से दूरी पड़ी भारी, सूर्यकुमार यादव मुंबई रणजी टीम से बाहर
Rajeshwari Nishad
6 Oct 2026 3:27 PM IST

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Mumbai Ranji team: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को एक और बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के बाद घरेलू क्रिकेट के जरिए वापसी की तैयारी कर रहे सूर्यकुमार यादव को मुंबई की रणजी ट्रॉफी टीम में जगह नहीं मिली है। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन यानी MCA से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, सूर्यकुमार का प्री-सीजन कैंप और ट्रेनिंग सत्रों से लगातार गायब रहना उनके चयन के खिलाफ गया। टीम की घोषणा से पहले वह मुंबई के प्री-सीजन अभ्यास में शामिल नहीं हुए थे, जबकि चयनकर्ता खिलाड़ियों की तैयारी और रेड-बॉल क्रिकेट के प्रति उनकी गंभीरता पर नजर बनाए हुए थे।
मुंबई ने रणजी ट्रॉफी 2026-27 के शुरुआती मुकाबले के लिए 16 सदस्यीय टीम का ऐलान किया है। सिद्धेश लाड को कप्तान बनाया गया है, जबकि युवा आयुष म्हात्रे को उपकप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीम में यशस्वी जायसवाल, सरफराज खान, मुशीर खान, शम्स मुलानी और तनुष कोटियन जैसे खिलाड़ियों को जगह मिली है, लेकिन सूर्यकुमार यादव का नाम स्क्वाड में नहीं है। मुंबई को अपना पहला मुकाबला 11 अक्टूबर से वानखेड़े स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ खेलना है।
सूर्यकुमार यादव का बाहर होना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने रणजी ट्रॉफी में खेलने के लिए अपनी उपलब्धता जताई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने उनसे उनकी उपलब्धता को लेकर संपर्क भी किया था। इसके बावजूद जब टीम घोषित हुई तो उनका नाम नहीं था। इससे शुरुआत में यह सवाल उठा कि आखिर उपलब्ध होने के बाद भी इतने अनुभवी बल्लेबाज को बाहर क्यों रखा गया। बाद में चयन से जुड़े अधिकारियों और MCA सूत्रों की ओर से उनकी रेड-बॉल तैयारी और कैंप में गैरमौजूदगी को महत्वपूर्ण कारण बताया गया।
मुंबई के मुख्य चयनकर्ता राजेश पवार ने भी सूर्यकुमार के चयन को लेकर स्थिति साफ करते हुए कहा है कि उन्हें भविष्य के लिए पूरी तरह बाहर नहीं किया गया है। चयनकर्ताओं का मानना है कि सूर्यकुमार को पहले कुछ रेड-बॉल मुकाबले खेलकर अपनी लय और तैयारी साबित करनी होगी। उन्होंने पिछले करीब डेढ़ साल से नियमित प्रथम श्रेणी क्रिकेट नहीं खेला है। यही वजह है कि चयन समिति फिलहाल उन खिलाड़ियों को प्राथमिकता देना चाहती है जो लगातार रेड-बॉल क्रिकेट से जुड़े हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं ने प्री-सीजन ट्रेनिंग को काफी महत्व दिया था। घरेलू सीजन शुरू होने से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीकी तैयारी और रेड-बॉल क्रिकेट के लिए उनकी मानसिक स्थिति को जांचने के लिए कैंप आयोजित किया गया था। सूर्यकुमार इस दौरान ट्रेनिंग सत्रों में शामिल नहीं हुए। माना जा रहा है कि उनकी यही गैरमौजूदगी चयनकर्ताओं को पसंद नहीं आई।
यह मामला सूर्यकुमार यादव के लिए ऐसे समय आया है, जब उनका अंतरराष्ट्रीय करियर भी एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। वह कुछ समय पहले तक भारतीय टी20 टीम के कप्तान थे और 2026 टी20 विश्व कप में भारत की अगुवाई भी कर चुके हैं। हालांकि इसके बाद उन्हें भारतीय टीम के मौजूदा सेटअप में जगह नहीं मिली। ऐसे में माना जा रहा था कि वह घरेलू क्रिकेट में रन बनाकर चयनकर्ताओं का ध्यान दोबारा अपनी ओर खींचने की कोशिश करेंगे।
रणजी ट्रॉफी में खेलने की इच्छा जताना भी इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा था। सूर्यकुमार अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए सबसे ज्यादा सीमित ओवर क्रिकेट में पहचाने जाते हैं, लेकिन घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी उनका लंबा अनुभव रहा है। मुंबई के लिए उन्होंने कई वर्षों तक क्रिकेट खेला है और टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों में उनकी गिनती होती रही है।
इसके बावजूद मौजूदा चयन समिति ने केवल नाम और अनुभव के आधार पर उन्हें टीम में शामिल नहीं किया। चयनकर्ताओं ने स्पष्ट संकेत दिया है कि रणजी टीम में जगह बनाने के लिए खिलाड़ियों को मौजूदा रेड-बॉल फॉर्म और तैयारी दिखानी होगी। यही वजह है कि युवाओं को मौके देने और नियमित घरेलू क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता देने का फैसला किया गया।
सूर्यकुमार यादव की गैरमौजूदगी के बीच यशस्वी जायसवाल का चयन भी चर्चा में है। जायसवाल ने अपनी उपलब्धता बताई और उन्हें तुरंत स्क्वाड में शामिल किया गया। वह आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरों से पहले रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी तैयारी मजबूत करना चाहते हैं। उनकी मौजूदगी मुंबई की बल्लेबाजी को मजबूती देगी।
वहीं आयुष म्हात्रे को उपकप्तान बनाना मुंबई क्रिकेट के भविष्य की रणनीति का संकेत माना जा रहा है। युवा बल्लेबाज को नेतृत्व की जिम्मेदारी देकर चयनकर्ता लंबे समय के लिए नया नेतृत्व तैयार करना चाहते हैं। सिद्धेश लाड को कप्तानी सौंपने के साथ टीम ने अनुभव और युवा खिलाड़ियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।
सूर्यकुमार के लिए अब आगे का रास्ता चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन बंद नहीं हुआ है। मुंबई के चयनकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि अगर वह रेड-बॉल क्रिकेट में पर्याप्त मैच अभ्यास करते हैं और अपनी तैयारी दिखाते हैं तो भविष्य में उनके नाम पर फिर विचार किया जा सकता है। यानी उन्हें रणजी ट्रॉफी के पूरे सीजन से बाहर नहीं माना जा सकता।
सूर्यकुमार यादव के पास प्रथम श्रेणी क्रिकेट का अच्छा अनुभव है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनका ध्यान मुख्य रूप से सफेद गेंद के क्रिकेट पर रहा है। लंबे समय तक टी20 और वनडे में व्यस्त रहने के कारण वह रेड-बॉल क्रिकेट में नियमित नहीं रह पाए। अब जब राष्ट्रीय टीम में उनकी जगह अनिश्चित है, घरेलू क्रिकेट उनके लिए वापसी का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता बन सकता है।
मुंबई की चयन नीति ने एक स्पष्ट संदेश भी दिया है कि घरेलू क्रिकेट को केवल वापसी के मंच के तौर पर नहीं देखा जा सकता। खिलाड़ियों को टीम के अभ्यास कार्यक्रम, प्री-सीजन कैंप और नियमित मैचों में अपनी प्रतिबद्धता दिखानी होगी।
फिलहाल सूर्यकुमार यादव मुंबई के शुरुआती रणजी मुकाबले का हिस्सा नहीं होंगे। अब नजर इस बात पर रहेगी कि वह आगे किस रेड-बॉल मुकाबले में उतरते हैं और क्या घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन के दम पर मुंबई की टीम के साथ-साथ राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का भरोसा फिर हासिल कर पाते हैं।
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