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8 साल बाद साउथ अफ्रीका लौटी ऑस्ट्रेलिया, फिर ताजा हुआ बॉल-टैम्परिंग विवाद

Kanchan Paikara
7 Oct 2026 2:47 PM IST
8 साल बाद साउथ अफ्रीका लौटी ऑस्ट्रेलिया, फिर ताजा हुआ बॉल-टैम्परिंग विवाद
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ball-tampering controversy : ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम आठ साल बाद साउथ अफ्रीका में टेस्ट सीरीज खेलने पहुंची है। इससे पहले कंगारू टीम ने 2018 में यहां टेस्ट सीरीज खेली थी। वह दौरा क्रिकेट इतिहास के सबसे विवादित दौरों में से एक बन गया था। मैदान पर खिलाड़ियों के बीच तनातनी से लेकर दर्शकों के व्यवहार तक कई घटनाएं चर्चा में रहीं, लेकिन केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर सामने आए बॉल-टैम्परिंग प्रकरण ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को पूरी तरह हिलाकर रख दिया था। अब एक बार फिर टेस्ट सीरीज के लिए साउथ अफ्रीका लौटने के साथ उस घटना की यादें भी ताजा हो गई हैं।
2018 में ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेली गई थी। दौरे की शुरुआत डरबन टेस्ट से हुई। पहले दिन ऑस्ट्रेलिया ने पांच विकेट पर 225 रन बनाए थे। तब शायद किसी को अंदाजा नहीं था कि आने वाले कुछ सप्ताह क्रिकेट इतिहास के सबसे नाटकीय और विवादित दौर में बदल जाएंगे।
सीरीज के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच माहौल लगातार गर्म होता गया। मैदान पर छींटाकशी और खिलाड़ियों के बीच बहस ने मुकाबलों को और
तनावपूर्ण
बना दिया। लेकिन असली भूचाल तीसरे टेस्ट में आया, जो केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर खेला गया था।
कैमरे में पकड़े गए कैमरन बैनक्रॉफ्ट
तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज कैमरन बैनक्रॉफ्ट को गेंद की स्थिति बदलने की कोशिश करते हुए टेलीविजन कैमरों ने पकड़ लिया। शुरुआती तस्वीरों में वह पीले रंग की किसी वस्तु से गेंद पर काम करते दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने उस वस्तु को छिपाने की कोशिश भी की।
मैदान पर लगे बड़े स्क्रीन पर यह वीडियो दिखने के बाद अंपायरों ने बैनक्रॉफ्ट से बात की। मामले ने कुछ ही समय में बड़ा रूप ले लिया। मैच के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ और बैनक्रॉफ्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि गेंद की स्थिति बदलने की योजना बनाई गई थी। बाद की क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया जांच में सामने आया कि इस्तेमाल की गई वस्तु सैंडपेपर थी।
डेविड वॉर्नर पर योजना बनाने का आरोप
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की जांच में तत्कालीन उपकप्तान डेविड वॉर्नर को इस योजना का प्रमुख सूत्रधार पाया गया। जांच के अनुसार वॉर्नर ने गेंद की स्थिति बदलने की योजना तैयार की और बैनक्रॉफ्ट को इसे अंजाम देने के लिए कहा। स्टीव स्मिथ को योजना की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इसे रोकने के लिए कदम नहीं उठाया।
यह घटना सामने आते ही पूरी दुनिया में ऑस्ट्रेलियाई टीम की आलोचना शुरू हो गई। ऑस्ट्रेलिया में भी क्रिकेट फैंस और पूर्व खिलाड़ियों ने इसे टीम की छवि के लिए बड़ा झटका बताया।
स्मिथ और वॉर्नर से छिनी कप्तानी
बॉल-टैम्परिंग विवाद के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला। स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर ने तीसरे टेस्ट के दौरान ही कप्तान और उपकप्तान पद छोड़ दिया। टिम पेन को बाकी मैच के लिए कप्तानी सौंपी गई। इसके बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मामले की अलग जांच की।
जांच पूरी होने पर स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर एक-एक साल का प्रतिबंध लगाया गया। कैमरन बैनक्रॉफ्ट को नौ महीने के लिए निलंबित किया गया। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुताबिक वॉर्नर ने योजना बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई, जबकि स्मिथ योजना की जानकारी होने के बावजूद उसे रोकने में नाकाम रहे।
आईसीसी ने भी स्मिथ और बैनक्रॉफ्ट के खिलाफ कार्रवाई की थी। स्मिथ को एक टेस्ट के लिए निलंबित किया गया और उनकी पूरी मैच फीस काटी गई, जबकि बैनक्रॉफ्ट को तीन डिमेरिट अंक और मैच फीस का 75 प्रतिशत जुर्माना दिया गया था।
ऑस्ट्रेलिया को तीसरे टेस्ट में मिली बड़ी हार
मैदान के बाहर चल रहे विवाद का असर ऑस्ट्रेलिया के प्रदर्शन पर भी पड़ा। केपटाउन टेस्ट की दूसरी पारी में टीम बुरी तरह बिखर गई। एक समय बिना विकेट गंवाए 47 रन बनाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अगले 50 रन के भीतर सभी 10 विकेट गंवा दिए।
साउथ अफ्रीका ने यह मुकाबला 322 रन से जीत लिया था। उस हार से ज्यादा चर्चा हालांकि मैच के नतीजे की नहीं, बल्कि बॉल-टैम्परिंग विवाद की हुई।
चौथे टेस्ट से पहले तीनों खिलाड़ी लौटे घर
विवाद के बाद स्मिथ, वॉर्नर और बैनक्रॉफ्ट को ऑस्ट्रेलिया वापस भेज दिया गया। जोहान्सबर्ग में खेले गए चौथे टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम में बदलाव करने पड़े। मैट रेनशॉ, ग्लेन मैक्सवेल और जो बर्न्स को टीम में शामिल किया गया।
इस पूरे प्रकरण ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के भीतर टीम संस्कृति और मैदान पर खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद टीम प्रबंधन और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कई बदलाव किए।
अब आठ साल बाद फिर साउथ अफ्रीका में टेस्ट मुकाबला
2026 में ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर साउथ अफ्रीका में टेस्ट क्रिकेट खेलने लौटा है। क्रिकेट साउथ अफ्रीका के कार्यक्रम के मुताबिक दोनों टीमों के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज रखी गई है। यह 2018 के विवादित दौरे के बाद ऑस्ट्रेलिया की साउथ अफ्रीका में पहली टेस्ट सीरीज है। खास बात यह है कि इस सीरीज में एक बार फिर केपटाउन का न्यूलैंड्स मैदान शामिल है, जहां आठ साल पहले बॉल-टैम्परिंग की घटना हुई थी।
समय के साथ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में काफी बदलाव आ चुका है। 2018 की टीम और मौजूदा टीम के माहौल में भी बड़ा अंतर है। लेकिन न्यूलैंड्स का नाम आते ही क्रिकेट फैंस के जेहन में उस घटना की याद जरूर लौटती है जिसने कुछ ही दिनों में दुनिया के तीन बड़े क्रिकेटरों के करियर और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की छवि को प्रभावित कर दिया था।
अब ऑस्ट्रेलिया के लिए यह दौरा केवल मैदान पर साउथ अफ्रीका की चुनौती का सामना करने का मौका नहीं है, बल्कि उस देश में नए अध्याय की शुरुआत भी है जहां आठ साल पहले टीम को अपने क्रिकेट इतिहास के सबसे मुश्किल दौर में से एक से गुजरना पड़ा था।
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