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खड़गे के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों की अहम बैठक

Ratna Netam
7 Oct 2026 2:31 PM IST
खड़गे के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों की अहम बैठक
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नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में बुधवार को सेंट्रल दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में विपक्षी दलों के सांसदों की अहम बैठक हुई। बैठक का मुख्य एजेंडा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े मुद्दों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विपक्षी विरोध के बीच आगे की रणनीति तय करना है। विपक्षी सांसद चुनाव आयोग को भेजे जाने वाले एक पत्र पर भी चर्चा कर रहे हैं, जिसमें SIR से जुड़े मुद्दों पर तत्काल बैठक की मांग की जाएगी।
यह बैठक एक दिन पहले दिल्ली में हुए बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद बुलाई गई है। मंगलवार को INDIA गठबंधन के कई सांसदों ने चुनाव आयोग की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को आयोग के सामने रखने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने मार्च को आकाशवाणी भवन के पास रोक दिया, जिसके बाद कई विपक्षी नेताओं ने वहीं धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले, राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए थे। कई घंटे चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने राहुल गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
इस घटनाक्रम के अगले ही दिन खड़गे ने विपक्षी दलों के सांसदों को दोपहर के भोजन पर आमंत्रित किया। बैठक दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में आयोजित की गई। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान विपक्षी सांसदों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजे जाने वाले पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने की भी तैयारी है। पत्र में चुनाव आयोग से विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को जल्द समय देने की मांग की जानी है।
बैठक में शामिल होने पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने हल्के अंदाज में कहा, **“लंच होगा; हो सकता है कि कोई लॉन्च भी हो।”** उनके इस बयान को विपक्ष की आगे की रणनीति को लेकर संकेत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि बैठक से पहले नेताओं ने किसी ठोस निर्णय की सार्वजनिक घोषणा नहीं की।
विपक्षी दलों का मुख्य मुद्दा SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ा है। विपक्ष लगातार मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कुछ फैसलों पर सवाल उठा रहा है। उसकी मांग है कि आयोग इन मुद्दों पर विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों से विस्तार से चर्चा करे। चुनाव आयोग ने विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों से असहमति जताई है और अपनी प्रक्रिया का बचाव किया है।
मंगलवार के प्रदर्शन के बाद विपक्षी खेमे के भीतर तालमेल को लेकर भी कुछ सवाल सामने आए थे। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ सहयोगी दलों ने कांग्रेस के साथ समन्वय की कमी पर असंतोष जताया था। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सहयोगी दलों से संवाद की कमी से पैदा हुई स्थिति पर खेद जताया था। बुधवार की बैठक को इस लिहाज से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें आगे की संयुक्त रणनीति और विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा होने की संभावना है।
बैठक में यह भी विचार किया जा रहा है कि चुनाव आयोग से औपचारिक रूप से कैसे संवाद किया जाए और विपक्ष की मांगों को एक साझा दस्तावेज के रूप में किस तरह सामने रखा जाए। इसके लिए सभी प्रमुख विपक्षी दलों की सहमति से पत्र तैयार किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
विपक्षी नेताओं की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध भी जारी है। मंगलवार के प्रदर्शन में कई नेताओं ने उनके इस्तीफे की मांग की थी। हालांकि बुधवार की बैठक का तत्काल फोकस आयोग के साथ बैठक की मांग और SIR से जुड़े मुद्दों को औपचारिक रूप से उठाने पर है।
खड़गे की इस बैठक में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और विभिन्न विपक्षी दलों के सांसदों की मौजूदगी दर्ज की गई। CPI, CPI(M), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग समेत कई दलों के नेता भी इसमें शामिल हुए। बैठक को विपक्षी एकता और साझा रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि बैठक के बाद विपक्ष किस तरह का औपचारिक फैसला घोषित करता है और चुनाव आयोग को भेजे जाने वाले पत्र में कौन-कौन से मुद्दे शामिल किए जाते हैं। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर विपक्ष अपना अभियान जारी रखने के मूड में है और अगले चरण की रणनीति सामूहिक रूप से तय की जा रही है।
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