धर्म-अध्यात्म

Premanand Ji Maharaj: शरीर पर भगवान का टैटू बनवाना सही है या गलत, जानिए क्या बोले प्रेमानंद जी महाराज

Sarita
28 May 2025 7:53 AM IST
Premanand Ji Maharaj: टैटू बनवाना आज के समय में फैशन बन गया है। लोग अपने शरीर के अलग-अलग अंगों पर कई तरह के टैटू बनवाते हैं। बहुत से लोग अपने प्रियजनों का नाम लिखवाना पसंद करते हैं, तो कुछ लोग आकर्षक डिजाइन बनवाते हैं। इतना ही नहीं अब लोग देवी देवताओं की तस्वीर या उनका नाम भी अपने शरीर पर गुदवा लेते हैं। यह धार्मिक दृष्टिकोण से कितना सही है, इस विषय पर हाल ही में प्रेमानंद महाराज ने चर्चा की है। शरीर पर भगवान के नाम या चित्रों को टैटू के रूप में बनवाने को लेकर महाराज ने अपनी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने बताया कि ऐसा करना क्यों अनुचित माना जाता है।
भगवान के नाम और चित्र का शरीर पर असर:
प्रेमानंद महाराज के अनुसार देवी-देवताओं के नामों में अत्यंत शक्ति होती है। यदि व्यक्ति नियमित रूप से भगवान का नाम जपता है, तो उसे अपने पापों से छुटकारा मिल सकता है। लेकिन जिस प्रकार नाम जप के लिए नियम होते हैं, उसी तरह उनके चित्रों को शरीर पर स्थायी रूप से अंकित करने यानी टैटू बनवाने को लेकर भी सावधानी जरूरी है।
टैटू बनवाना क्यों अशुभ है:
महाराज ने बताया कि शरीर के किसी भी अंग पर देवी-देवताओं का चित्र या नाम टैटू के रूप में नहीं बनवाना चाहिए। जब व्यक्ति स्नान करता है, तो वह जल उस टैटू से होकर पैरों तक पहुंचता है, जिससे धार्मिक दृष्टि से भगवान का अपमान माना जाता है। इससे व्यक्ति पर पाप का प्रभाव भी पड़ता है।
साथ ही दिनभर में हम कई बार अपवित्र चीजों या स्थानों के संपर्क में आते हैं। ऐसे में शरीर पर बने धार्मिक टैटू भी अपवित्र हो सकते हैं, जिससे देवी-देवताओं के प्रति अनादर की स्थिति बन सकती है। यह न केवल उनके आशीर्वाद से वंचित कर सकता है, बल्कि क्रोध का कारण भी बन सकता है।
टैटू के साथ-साथ मेहंदी में कभी भी देवी-देवताओं के चित्र नहीं बनाने चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो वह भी भगवान का अनादर माना जाता है। इससे भी दोष लग सकता है और ईश्वरीय कृपा की जगह विपरीत परिणाम सामने आ सकते हैं। सनातन धर्म में श्रद्धा और आस्था के साथ-साथ मर्यादा का भी विशेष महत्व है। इसलिए धार्मिक प्रतीकों को सम्मान देने के लिए उन्हें शरीर पर टैटू के रूप में अंकित करने से बचना चाहिए।
Next Story