उत्तर प्रदेश

लखनऊ में भारी जलभराव सड़कों पर यातायात प्रभावित

Kanchan Paikara
7 Oct 2026 7:04 PM IST
लखनऊ में भारी जलभराव सड़कों पर यातायात प्रभावित
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यूपी : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के बढ़े जलस्तर ने कई इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के निचले और नदी किनारे वाले हिस्सों में पानी भरने के बाद अब बाढ़ का असर उन क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है, जिन्हें अब तक अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा रहा था। गोमती नगर एक्सटेंशन, फैजुल्लागंज और आसपास के कई इलाकों में जलभराव के बीच पानी इकाना स्टेडियम के पास तक पहुंच गया है। प्लासियो मॉल के आसपास भी गोमती का पानी आने से प्रशासन को तत्काल कदम उठाने पड़े।
लखनऊ में पिछले कई दिनों से बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। खास बात यह है कि शहर में हाल के दिनों में बहुत ज्यादा बारिश नहीं होने के बावजूद गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा। इसकी बड़ी वजह नदी के ऊपरी कैचमेंट क्षेत्र में हुई भारी बारिश बताई जा रही है। पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर जैसे जिलों में सितंबर के आखिरी दिनों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई, जिसका पानी धीरे-धीरे गोमती के रास्ते लखनऊ तक पहुंचा। इसी कारण राजधानी के कई निचले इलाकों में पानी घुस गया।
इकाना स्टेडियम के पास पहुंचा पानी
गोमती का जलस्तर बढ़ने का असर इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के आसपास भी देखने को मिला। स्टेडियम के पास स्थित अंडरपास में पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गोमती नगर एक्सटेंशन के कुछ सेक्टरों में भी बाढ़ का पानी घरों तक पहुंचा और कई परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
इकाना के आसपास जलभराव इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि 6 अक्टूबर को यहां भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 मुकाबला आयोजित किया गया था। मैच को देखते हुए पहले से ही ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की गई थी। बाढ़ और जलभराव ने यातायात की चुनौती को और बढ़ा दिया।
प्लासियो मॉल तक पहुंचा गोमती का पानी
प्लासियो मॉल के आसपास भी गोमती का पानी पहुंच गया। अधिकारियों की जांच में सामने आया कि नदी का पानी नाले के जरिए बैक फ्लो होकर मॉल की ओर आ रहा था। इसके बाद नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीमों ने मौके पर पहुंचकर नाले को बंद कराया। साथ ही पानी निकालने के लिए पंप भी लगाए गए।
अधिकारियों के मुताबिक नाले का रास्ता बंद किए जाने के बाद पानी का बैक फ्लो काफी हद तक नियंत्रित किया गया। हालांकि गोमती का जलस्तर ऊंचा रहने के कारण संबंधित टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।प्लासियो के साथ एमार गोमती ग्रीन्स और आसपास के कुछ इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ा। कई जगह लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हुई और कुछ परिवार सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
फैजुल्लागंज में सबसे ज्यादा परेशानी
लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र में बाढ़ ने सबसे ज्यादा असर डाला है। बड़ी संख्या में घर प्रभावित हुए हैं और कई गलियों में पानी भर गया। रिपोर्ट के मुताबिक फैजुल्लागंज क्षेत्र में करीब 40 हजार घर बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों का रोजमर्रा का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरी सामान लाने और घर से बाहर निकलने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज किए गए हैं।
60 नावों से राहत कार्य
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद के लिए जिला प्रशासन ने 60 नावें तैनात की हैं। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त नावों की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है और जलमग्न कॉलोनियों में सुरक्षा बढ़ाई गई है।
प्रशासन की कोशिश उन लोगों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचने की है, जिनके घर चारों तरफ पानी से घिरे हैं या जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की आवश्यकता है।
ट्रैफिक को लेकर भी अलर्ट
इकाना स्टेडियम और शहीद पथ के आसपास यातायात को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की थी। मैच के दिन दोपहर 3 बजे से यातायात डायवर्जन लागू किया गया। अहिमामऊ से प्लासियो की ओर वाहनों का आवागमन रोका गया और वाहनों को एचसीएल तिराहा, संस्कृत तिराहा तथा अन्य वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया।
हालांकि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, शव वाहन और अन्य आपातकालीन सेवाओं को जरूरत के अनुसार रास्ता देने की व्यवस्था रखी गई।जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन चालकों से भी सतर्क रहने और पानी भरे अंडरपास या गहरे जलभराव वाले रास्तों से बचने की अपील की गई है।
घरों में घुसा पानी, पलायन को मजबूर लोग
गोमती नगर एक्सटेंशन के सेक्टर-7 सहित कुछ आवासीय क्षेत्रों में नदी का पानी घरों में घुस गया। इससे कई परिवारों ने घर खाली कर होटल या अन्य सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी ठिकाना लिया।फैजुल्लागंज और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी कई लोग अपने घरों में फंसे रहे। सड़कें और गलियां जलमग्न होने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।
अब जलस्तर घटने की उम्मीद
राहत की बात यह है कि गोमती नदी के ऊपरी क्षेत्रों में जलस्तर कम होने के संकेत मिलने लगे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि लखनऊ में भी नदी का स्तर धीरे-धीरे नीचे आ सकता है। हालांकि जब तक पानी पूरी तरह नहीं उतरता, निचले इलाकों में खतरा बना रहेगा।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी लोगों की परेशानियां तुरंत खत्म नहीं होंगी। घरों में जमा गंदा पानी, कीचड़, खराब सड़कें और पेयजल से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने राहत के साथ सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था बनाए रखना भी बड़ी चुनौती होगी।
कुल मिलाकर लखनऊ में गोमती की बाढ़ ने इस बार शहर के कई ऐसे हिस्सों को प्रभावित किया है, जहां आमतौर पर इतना पानी नहीं पहुंचता। प्लासियो मॉल से लेकर इकाना स्टेडियम के आसपास तक जलभराव ने स्थिति की गंभीरता दिखा दी है। प्रशासन राहत, जल निकासी और ट्रैफिक प्रबंधन में जुटा है, जबकि प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को फिलहाल सावधानी बरतने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की जरूरत है।
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