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SIR विरोध में सड़क पर लेटीं प्रियंका गांधी पुलिस ने हिरासत में लिया
Ratna Netam
7 Oct 2026 6:45 PM IST

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नई दिल्ली। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर बुधवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन एक बार फिर टकराव में बदल गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की ओर जा रहे कई विपक्षी सांसदों को दिल्ली पुलिस ने रोककर हिरासत में लिया। इसी दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सड़क पर लेटकर विरोध करती नजर आईं। बाद में पुलिसकर्मियों ने उन्हें प्रदर्शन स्थल के पास से हटाया और हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस के अनुसार, प्रियंका गांधी ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वह वहां से नहीं हटेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद केवल चुनाव आयोग से मिलना और अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन पुलिस उनके साथ बल प्रयोग कर रही है। कांग्रेस की ओर से साझा किए गए बयान के मुताबिक प्रियंका गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें कई जगह खरोंचा और उन्हें जमीन पर गिराया गया। ये आरोप कांग्रेस और प्रियंका गांधी की ओर से लगाए गए हैं; पुलिस का विस्तृत जवाब तत्काल उपलब्ध रिपोर्टों में सामने नहीं आया।
बुधवार का प्रदर्शन एक दिन पहले हुई लंबी राजनीतिक तनातनी के बाद आयोजित किया गया था। मंगलवार को भी INDIA गठबंधन के सांसद संसद मार्ग से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च करने निकले थे। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य विपक्षी नेता धरने पर बैठ गए थे। देर शाम पुलिस ने राहुल और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया था।
बुधवार को विपक्ष ने जंतर-मंतर पर नया प्रदर्शन करने का फैसला किया। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से INDIA गठबंधन के सांसदों की बैठक भी हुई। इसके बाद कई सांसद जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए, लेकिन पुलिस ने बसों और नेताओं को प्रदर्शन स्थल से पहले ही रोकना शुरू कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
इसी दौरान प्रियंका गांधी का सड़क पर लेटे हुए वीडियो और तस्वीरें सामने आईं। पुलिसकर्मी उन्हें वहां से हटाने की कोशिश करते दिखाई दिए। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि निर्वाचित सांसदों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन से रोका जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।
विपक्षी दलों का यह आंदोलन चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर है। INDIA गठबंधन का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल हैं। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। चुनाव आयोग विपक्ष के आरोपों को खारिज करता रहा है और SIR को मतदाता सूची को अद्यतन और सही करने की प्रशासनिक प्रक्रिया बताता है।
मंगलवार को हुए प्रदर्शन के दौरान भी विपक्षी सांसदों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। INDIA गठबंधन के कई नेता चुनाव आयोग तक पहुंचना चाहते थे, लेकिन उन्हें बैरिकेड पर ही रोक दिया गया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कुछ नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन परिसर की ओर चले गए और वहां कई घंटे तक विरोध जारी रखा। बाद में पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर हिरासत में लिया।
बुधवार को भी विपक्ष ने प्रदर्शन जारी रखकर यह संकेत दिया कि वह SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं है। राहुल गांधी ने इससे पहले कहा था कि विपक्ष विरोध जारी रखेगा और ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने अपने खिलाफ FIR दर्ज होने की संभावना पर भी कहा था कि ऐसी हर FIR उनके लिए “मेडल” जैसी है।
प्रियंका गांधी ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर सांसदों के साथ खराब व्यवहार करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को चुनाव आयोग से मिलने और सवाल पूछने का अधिकार है। पार्टी ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार से जोड़ते हुए इसे अनुचित बताया है।
हालांकि चुनाव आयोग ने मंगलवार के घटनाक्रम पर कहा था कि शाम 4 बजे तक विपक्षी सांसदों की ओर से औपचारिक नियुक्ति नहीं मांगी गई थी। आयोग ने यह भी कहा कि सांसदों की ओर से संसद भवन एनेक्सी में बैठक की मांग की गई थी, जबकि प्रोटोकॉल के मुताबिक ऐसी बैठकें चुनाव आयोग परिसर में होती हैं। आयोग के अनुसार उसने ज्ञापन लेने के लिए वरिष्ठ अधिकारी भेजने की पेशकश भी की थी।
लगातार दूसरे दिन हुए विरोध प्रदर्शन ने दिल्ली में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। जंतर-मंतर क्षेत्र में भारी पुलिस बल, बैरिकेडिंग और विपक्षी सांसदों की हिरासत ने SIR विवाद को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है। विपक्ष इस मामले को मतदाता अधिकार और चुनावी पारदर्शिता से जोड़ रहा है, जबकि चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बता रहा है।
प्रियंका गांधी का सड़क पर लेटकर विरोध करना बुधवार के प्रदर्शन का सबसे प्रमुख दृश्य बन गया। पुलिस ने बाद में उन्हें वहां से हटाकर हिरासत में लिया। फिलहाल कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पूरे मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
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