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उत्तर प्रदेश
आंगन कैफे मालिक की हत्या, श्रद्धा दुबे समेत 4 पर केस!
Ashish verma
10 Oct 2026 7:14 PM IST

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लखनऊ। राजधानी के हजरतगंज इलाके में आंगन कैफे से जुड़े कारोबारी शिवा शर्मा की अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। परिवार ने इसे हादसा मानने से इनकार करते हुए उनकी लिव-इन पार्टनर और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर श्रद्धा दुबे तथा अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस शिवा के नीचे गिरने की परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल हत्या का आरोप परिवार की शिकायत का हिस्सा है; पुलिस का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
घटना हजरतगंज में बालू अड्डा के पास स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट से जुड़ी है। शिवा शर्मा रेस्तरां कारोबार से जुड़े थे। वह आंगन और वंदे मातरम् चिकन के कारोबार के साथ कैफे भी संचालित करते थे। उनकी मौत के बाद मां रंजना शर्मा ने पुलिस को शिकायत देकर बेटे के साथ मारपीट, धमकी और प्रताड़ना किए जाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने श्रद्धा दुबे और उसके सहयोगियों की भूमिका की जांच तथा कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों का आरोप है कि शिवा को बंधक बनाकर यातनाएं दी गईं और इसके बाद अपार्टमेंट से नीचे फेंका गया। परिवार ने श्रद्धा के साथ उसकी बहन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चौथी मंजिल से गिरने की घटना किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच का मुख्य विषय है। पुलिस की ओर से अभी यह नहीं बताया गया है कि शिवा को धक्का दिया गया था या उनके गिरने की कोई अन्य वजह थी।
मां रंजना शर्मा का कहना है कि घटना से पहले परिवार को फोन करके शिवा की तबीयत बिगड़ने और उन्हें अस्पताल ले जाए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे। फोन करने वाले व्यक्ति और सूचना मिलने के समय को लेकर प्रकाशित विवरणों में अंतर है। इसलिए घटनाक्रम की सटीक समयरेखा स्पष्ट होना बाकी है। परिवार की शिकायत में अस्पताल पहुंचने से पहले शिवा के साथ क्या हुआ, इस पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
एक विवरण में मां के हवाले से बताया गया है कि रश्मि दुबे ने फोन किया था। परिजनों के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर पहुंचने पर एंबुलेंस के पास श्रद्धा का ड्राइवर दानिश मौजूद था। परिवार ने उसकी भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। अस्पताल के बाहर उसकी मौजूदगी का यह विवरण परिजनों के बयान पर आधारित है। घटना के समय कौन-कौन मौजूद था और किस व्यक्ति ने शिवा को अस्पताल पहुंचाया, इसकी पुष्टि जांच से होनी है।
परिवार का दावा है कि शव देखने पर शिवा के शरीर पर चोटों और प्रताड़ना के निशान नजर आए। मां ने सिगरेट से दागने तथा खरोंच के निशान होने का आरोप लगाया है। इन्हीं आधारों पर उन्होंने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की शिकायत की है। शरीर पर दिखाई देने वाले निशानों की प्रकृति और उनके बनने का समय चिकित्सकीय जांच का विषय है। अभी उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों की पुष्टि करने वाला विस्तृत चिकित्सकीय निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
रंजना शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि श्रद्धा पिछले कई महीनों से शिवा को परेशान कर रही थी। शिकायत में मारपीट, धमकी और ब्लैकमेल किए जाने की बात कही गई है। मां के अनुसार, यह परेशानी केवल घटना वाले दिन की नहीं थी। हालांकि, कथित प्रताड़ना के पीछे की वजह और उससे जुड़े घटनाक्रम की पुलिस पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए किसी आर्थिक विवाद या दूसरे कारण को हत्या की स्थापित वजह नहीं माना जा सकता।
हजरतगंज के सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश वर्मा के अनुसार, शिवा के चौथी मंजिल से गिरने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस का यह बयान घटना की जांच जारी होने की स्थिति स्पष्ट करता है। परिवार ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि जांच में यह निर्धारित होना बाकी है कि मौत कैसे हुई और शिकायत में नाम आए लोगों की क्या भूमिका थी। मुकदमा दर्ज होने को आरोपों के सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जा सकता।
मामले में श्रद्धा दुबे सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। नामजद लोगों की गिरफ्तारी या आरोपियों की ओर से विस्तृत जवाब का पुष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसी को गिरफ्तार, फरार या दोषी बताना उचित नहीं होगा। परिवार की शिकायत, पुलिस के बयान और चिकित्सकीय निष्कर्षों के बीच अंतर बनाए रखना इस मामले की सही तस्वीर समझने के लिए आवश्यक है।
कैफे कारोबारी की मौत के मामले में परिवार ने जिन परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं, उनकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल चौथी मंजिल से गिरने के बाद शिवा की मृत्यु, मां की ओर से हत्या और प्रताड़ना के आरोप तथा पुलिस की जांच प्रमुख तथ्य हैं। परिवार कार्रवाई की मांग कर रहा है। पुलिस को मौत की परिस्थितियों और शिकायत में लगाए गए आरोपों का परीक्षण करना है।
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