जम्मू और कश्मीर

LoC के पास मिलीं 5 बारूदी सुरंगें, सेना ने किया नष्ट!

Ashish verma
10 Oct 2026 6:56 PM IST
LoC के पास मिलीं 5 बारूदी सुरंगें, सेना ने किया नष्ट!
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मेंढर/जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास सेना ने पांच बारूदी सुरंगों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने शनिवार, 10 अक्टूबर को बताया कि मेंढर क्षेत्र के बसोनी टॉप में लगातार दो दिन बारूदी सुरंगें मिलीं। शनिवार सुबह सेना के गश्ती दल ने सीमा पर लगी बाड़ के पास दो सुरंगों का पता लगाया, जबकि शुक्रवार को इसी इलाके में तीन सुरंगें मिली थीं। इस तरह दोनों दिनों में मिली सुरंगों की कुल संख्या पांच है।
अधिकारियों के अनुसार, शनिवार की बरामदगी सेना की गश्त के दौरान हुई। गश्ती दल को बसोनी टॉप इलाके में सीमा बाड़ के नजदीक दो बारूदी सुरंगें मिलीं। उनका पता लगने के बाद सेना ने उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट किया। शुक्रवार को मिली तीन सुरंगों को भी नष्ट कर दिया गया था। उपलब्ध जानकारी में इन पांच सुरंगों से किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं दी गई है।
यह कार्रवाई नियंत्रण रेखा के पास के अग्रिम क्षेत्र में हुई है। ऐसे इलाकों में सेना की गश्त के दौरान बारूदी सुरंगों की पहचान महत्वपूर्ण होती है। बसोनी टॉप में लगातार दूसरे दिन सुरंगें मिलने की जानकारी सामने आई है, लेकिन अधिकारियों ने इसे किसी नई घुसपैठ या ताजा साजिश से नहीं जोड़ा है। फिलहाल पुष्ट विवरण सुरंगों का पता लगने और उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट किए जाने तक सीमित है।
नियंत्रण रेखा के अग्रिम इलाकों में घुसपैठ रोकने के लिए बनाई गई अवरोधक व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, भारी बारिश के दौरान कुछ सुरंगें अपने मूल स्थान से बहकर या खिसककर दूसरी जगह पहुंच जाती हैं। इससे गश्त करने वाले सैनिकों, सीमावर्ती निवासियों और मवेशियों के लिए दुर्घटना का खतरा पैदा होता है। हालांकि, बसोनी टॉप में इस बार मिली पांचों सुरंगें बारिश के कारण खिसकी थीं या नहीं, इसकी अलग से पुष्टि नहीं की गई है।
पुंछ में इससे पहले भी बारूदी सुरंग मिलने की घटना सामने आई थी। गुरुवार, आठ अक्टूबर को बालाकोट के मेंढर सेक्टर में सेना के गश्ती दल को एक पुरानी बारूदी सुरंग मिली थी। उस मामले में सुरंग का पता लगने के बाद आसपास का क्षेत्र सुरक्षित किया गया और बम निरोधक दस्ते को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने नियंत्रित प्रक्रिया के जरिए उसे नष्ट किया था। यह घटना शुक्रवार और शनिवार को मिली पांच सुरंगों से अलग है।
इसी क्षेत्र में पांच अक्टूबर को भी बसोनी टॉप के पास मिली दो बारूदी सुरंगों को नष्ट किया गया था। इस
पृष्ठभूमि
में दस अक्टूबर की जानकारी का सही क्रम समझना जरूरी है। शनिवार को अकेले पांच सुरंगें नहीं मिलीं। शुक्रवार की तीन और शनिवार की दो सुरंगों को मिलाकर पांच का आंकड़ा बताया गया है। पहले की घटनाओं में मिली सुरंगों को इस संख्या में शामिल नहीं किया गया है।
सीमावर्ती क्षेत्र में बारूदी सुरंगों का अपने निर्धारित स्थान से हटना सुरक्षा संबंधी चुनौती है। किसी स्थान पर पुरानी सुरंग मौजूद होने और वहां नई सुरंग लगाए जाने के बीच अंतर होता है। इस घटना में उपलब्ध आधिकारिक विवरण यह नहीं बताता कि पांचों सुरंगें कब बिछाई गई थीं। इसलिए उनकी बरामदगी के आधार पर किसी पक्ष द्वारा हाल में सुरंगें लगाए जाने का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
इसी तरह सुरंगों की किस्म, उनकी तकनीकी स्थिति और उनमें मौजूद विस्फोटक की मात्रा का विवरण भी सामने नहीं आया है। अधिकारियों की जानकारी में संख्या, स्थान और उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की पुष्टि है। इन सीमित तथ्यों से आगे बढ़कर उनके निर्माण, उद्देश्य या किसी विशिष्ट हमले की योजना के बारे में दावा नहीं किया जा सकता। घटना की खबर में सुरंगों की बरामदगी और सेना की कार्रवाई को ही केंद्र में रखना आवश्यक है।
दो लगातार दिनों में एक ही इलाके में सुरंगों का पता लगने से गश्त की भूमिका सामने आती है। शुक्रवार को तीन सुरंगें मिलने के बाद शनिवार सुबह दो अन्य सुरंगें पहचानी गईं। हालांकि, उपलब्ध विवरण में किसी विशेष तलाशी अभियान का नाम, उसमें शामिल जवानों की संख्या या कार्रवाई की अवधि नहीं बताई गई है। इसलिए इसे किसी बड़े अभियान की घोषित सफलता के रूप में पेश करने का आधार नहीं है।
बारूदी सुरंगों के कारण सीमावर्ती इलाकों में
जोखिम
केवल सुरक्षा बलों तक सीमित नहीं रहता। अपने स्थान से खिसक चुके विस्फोटक स्थानीय लोगों और मवेशियों के लिए भी खतरा बन सकते हैं। अधिकारियों ने पहले की घटनाओं के संदर्भ में इस जोखिम का उल्लेख किया है। बसोनी टॉप में मिली सुरंगों को नष्ट किए जाने से उन पहचाने गए विस्फोटकों का खतरा समाप्त हुआ है, लेकिन इससे पूरे क्षेत्र के सुरंगमुक्त होने का दावा नहीं किया जा सकता।
फिलहाल अधिकारियों ने पुंछ के बसोनी टॉप में शुक्रवार और शनिवार को मिली सभी पांच बारूदी सुरंगों को सुरक्षित तरीके से नष्ट किए जाने की पुष्टि की है। शनिवार सुबह की कार्रवाई में दो सुरंगें मिली थीं। घटना से जुड़ी किसी नई घुसपैठ, जनहानि या व्यापक क्षेत्र में अतिरिक्त बरामदगी की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
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