उत्तर प्रदेश

CEC के इस्तीफे की मांग करने पहुंचे कांग्रेसी आपस में भिड़े

Ashish verma
8 Oct 2026 8:37 PM IST
CEC के इस्तीफे की मांग करने पहुंचे कांग्रेसी आपस में भिड़े
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मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। गुरुवार, 8 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान पार्टी के दो गुटों के बीच विवाद हो गया। पहले दोनों पक्षों में तीखी कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर लात-घूंसे चले। इतना ही नहीं, विवाद के दौरान एक महिला कार्यकर्ता ने चप्पल निकालकर दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग कराया। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस के स्थानीय संगठन में आपसी मतभेद को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर पहुंचे थे कार्यकर्ता
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए मथुरा कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। कांग्रेस की ओर से देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मथुरा में भी पार्टी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए थे।
प्रदर्शन का उद्देश्य चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ विरोध दर्ज कराना और मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग करना था। लेकिन प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच ही विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते दो गुट आमने-सामने आ गए और प्रदर्शन स्थल पर हंगामे की स्थिति बन गई।
कहासुनी के बाद शुरू हुई मारपीट
प्रत्यक्ष घटनाक्रम से जुड़ी रिपोर्ट के मुताबिक, कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान किसी बात को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दो गुटों में कहासुनी शुरू हुई। दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।हालांकि समझाने के बावजूद दोनों पक्ष शांत नहीं हुए और एक-दूसरे के साथ मारपीट करने लगे। इस दौरान लात-घूंसे चलने से कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई मतभेद था या प्रदर्शन के दौरान ही किसी बात को लेकर विवाद हुआ, इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है।
महिला कार्यकर्ता ने चप्पल से किया हमला
इस घटना का सबसे चर्चित पहलू विवाद के दौरान एक महिला कार्यकर्ता द्वारा चप्पल से हमला किया जाना रहा। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दोनों पक्षों के बीच मारपीट दिखाई देने की जानकारी मिली है।
वीडियो में कांग्रेस के जिला पदाधिकारी ज्ञान सिंह चौधरी और दूसरे गुट के बताए जा रहे कार्यकर्ताओं के बीच झड़प होती नजर आ रही है। दोनों ओर से एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाए गए। इसी दौरान एक महिला ने चप्पल निकालकर दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया।मारपीट के दौरान दोनों पक्षों की ओर से गाली-गलौज भी की गई। मौके पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप करके विवाद को शांत कराने का प्रयास किया और आखिरकार दोनों पक्षों को अलग किया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
मथुरा कलेक्ट्रेट परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान हुई इस घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
जिस कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर पहुंचे थे, उसी कार्यक्रम में आपसी विवाद के कारण हंगामा हो गया।कलेक्ट्रेट जैसे प्रशासनिक परिसर में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट होना अनुशासन और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करता है।हालांकि इस घटना में किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने या पुलिस द्वारा किसी को गिरफ्तार किए जाने की पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने बयान देने से किया परहेज
कलेक्ट्रेट में हुई मारपीट को लेकर कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच विवाद को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हालांकि किसी नेता ने सार्वजनिक रूप से मारपीट की वजह या इसमें शामिल कार्यकर्ताओं के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।यह भी सामने नहीं आया है कि पार्टी नेतृत्व ने घटना के संबंध में कोई औपचारिक जांच शुरू की है या नहीं।देशभर में CEC के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता की कमी है और इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। हालांकि चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज किया है।
कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की थी। इसी अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिल्ली में भी हुए विरोध प्रदर्शन
इससे पहले दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।6 और 7 अक्टूबर को आयोजित प्रदर्शनों के दौरान विपक्षी नेताओं और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। पुलिस ने कुछ नेताओं को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की है। कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक विरोध जारी रखने की बात कही गई है।
मथुरा में पहले भी कांग्रेस कर चुकी है प्रदर्शन
मथुरा में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का विरोध पहले भी सामने आ चुका है। 28 सितंबर को मथुरा-वृंदावन महानगर कांग्रेस कमेटी ने महानगर अध्यक्ष यतेंद्र मुकद्दम के नेतृत्व में बाइक रैली निकालकर प्रदर्शन किया था।
उस दौरान कार्यकर्ताओं ने होली गेट से कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला और जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की गई थी।
आपसी विवाद ने प्रदर्शन को किया प्रभावित
मथुरा में गुरुवार को हुई घटना के बाद कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन पार्टी कार्यकर्ताओं की आपसी मारपीट के कारण चर्चा में आ गया है।मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित कार्यक्रम में दो गुटों के बीच हुई झड़प ने स्थानीय संगठन के अनुशासन पर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल विवाद की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और संभावित संगठनात्मक कार्रवाई को लेकर भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अब यह देखना होगा कि स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व इस मामले पर क्या रुख अपनाता है।
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