छत्तीसगढ़
महाराष्ट्र ले जाए जा रहे 27 मवेशियों से भरा ट्रक जब्त, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
8 Oct 2026 8:21 PM IST

x
छग
Ambagarh Chowki. अंबागढ़ चौकी। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में अवैध पशु परिवहन के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पाटनखास पुलिस ने महाराष्ट्र ले जाए जा रहे 27 मवेशियों से भरे ट्रक को पकड़कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ट्रक से 21 बैल और 6 बछड़े बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान मवेशियों और परिवहन में इस्तेमाल ट्रक सहित कुल 17 लाख 96 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, मवेशियों को बेहद संकुचित और क्रूरतापूर्ण तरीके से ट्रक में भरकर ले जाया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान यशवंत मरसकोले (30 वर्ष), निवासी नागपुर, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय.पी. सिंह के दिशा-निर्देशन और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अंबागढ़ चौकी नेहा पवार के मार्गदर्शन में जिले में अवैध पशु परिवहन और पशु तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस चौकी पाटनखास प्रभारी उप निरीक्षक सुरेंद्र नेताम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए मवेशियों से भरे ट्रक को पकड़ा।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की नाकेबंदी
पुलिस के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को पाटनखास चौकी में पदस्थ पुलिस अधिकारी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ट्रक में बैल और बछड़ों को क्रूरतापूर्वक भरकर महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद चौकी प्रभारी उप निरीक्षक सुरेंद्र नेताम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मेन रोड ईटोड़ा चौक पर नाकेबंदी की। इस दौरान संदिग्ध ट्रक को आते देखकर पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार से भगाने की कोशिश की। पुलिस टीम ने तत्काल ट्रक का पीछा किया और कुछ दूरी पर वाहन को रोकने में सफलता हासिल की।
पीले तिरपाल से ढककर रखे गए थे मवेशी
पुलिस ने ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली। जांच के दौरान वाहन के डाले में पीले रंग का तिरपाल लगा हुआ मिला। तिरपाल हटाने पर ट्रक के अंदर 21 बैल और 6 बछड़े पाए गए। इस प्रकार वाहन से कुल 27 मवेशी बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, मवेशियों को ट्रक में बेहद संकुचित स्थिति में रखा गया था। उन्हें क्रूरतापूर्वक भरकर परिवहन किया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने मवेशियों और ट्रक को जब्त कर मामले में आगे की जांच शुरू की।
नागपुर निवासी मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले की पूछताछ और विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी यशवंत मरसकोले की संलिप्तता पाए जाने पर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी का पूरा नाम यशवंत मरसकोले, पिता शेरसिंग मरसकोले, उम्र 30 वर्ष, निवासी नायकुंड, तहसील पारशिवनी, जिला नागपुर, महाराष्ट्र बताया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की भूमिका सामने आने के बाद उसके खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। इस मामले में अवैध पशु परिवहन से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
ट्रक सहित 17.96 लाख रुपये की संपत्ति जब्त
पाटनखास पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कुल 17 लाख 96 हजार रुपये की सामग्री जब्त की है। पुलिस के अनुसार, बरामद 21 बैलों की अनुमानित कीमत 84 हजार रुपये और 6 बछड़ों की कीमत 12 हजार रुपये आंकी गई है। इस प्रकार कुल 27 मवेशियों की अनुमानित कीमत 96 हजार रुपये है। वहीं, परिवहन में इस्तेमाल ट्रक क्रमांक MP 07 HB 7707 की कीमत 17 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने मवेशियों और ट्रक को मिलाकर कुल 17 लाख 96 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।
पशु क्रूरता सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई
मुख्य आरोपी यशवंत मरसकोले के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(घ) और मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 66/192 के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। अवैध पशु परिवहन में शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद गौशाला भेजे गए मवेशी
पुलिस ने ट्रक से बरामद सभी 27 मवेशियों का आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण कराया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए गौशाला भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, बरामद पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है।
पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
यह कार्रवाई एसएसपी वाय.पी. सिंह के निर्देशन, एसडीओपी नेहा पवार के मार्गदर्शन और चौकी प्रभारी सुरेंद्र नेताम के नेतृत्व में की गई। पूरी कार्रवाई में पीएसआई अमन नायक, सहायक उप निरीक्षक दीपक शर्मा, प्रधान आरक्षक तुमेंद्र रात्रे और अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पाटनखास पुलिस ने बताया कि अवैध पशु परिवहन के इस मामले में जांच जारी है। अन्य संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Next Story





