छत्तीसगढ़

रायपुर, भाटापारा, तिल्दा, मंदिर हसौद, दुर्ग-भिलाई में बिक रहे नकली दवाई

Nil dhankar
1 Sept 2025 11:36 AM IST
रायपुर, भाटापारा, तिल्दा, मंदिर हसौद, दुर्ग-भिलाई में बिक रहे नकली दवाई
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दिल्ली पुलिस ने नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री का किया भंडाफोड 200 करोड़ का माल जब्त, छत्तीसगढ़ में नकली दवाईयों की भरमार

नकली दवा सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस ने चलाया सबसे बड़ा अभियान, छत्तीसगढ़ में कब चलेगा

छत्तीसगढ़ में 1800 करोड़ का नकली दवाईयों का कारोबार, कार्रवाई शून्य बटे संन्नाटा

नकली दवाई रायपुर के मार्केट में आसानी से उपलब्ध

रायपुर (जसेरि)। राजधानी बनने के बाद सबसे चर्चित रायपुर के आसपास शहर भाटापारा, तिल्दा, मंदिर हसौद दुर्ग -भिलाई बड़ी बड़ी कंपनियों के नकली उत्पाद के लिए रहा है। सस्ते में हूबहू सामान कम पैसे में देकर उपभोक्ता के साथ उत्पादक कंपनियों को भी करोड़ों का चूना लगा रहे है। सौंदर्य प्रसाधन से लेकर खाद्य पदार्थों के मिलते जुलते नाम से नकली सामान बेचने का धंधा जोरों पर चल रहा है। पिछले वर्ष दिल्ली की ख्यातनाम कंपनी की नकली उत्पाद बेचने की शिकायत पर पुलिस ने लोग बाजार सहित माल औऱ गोदाम में छापा मार कर कोलगेट, तेल साबुन का जखीरा जब्त किया था। हाल ही में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने डुप्लीकेट ऑल आउट अल्ट्रा, गुड नाइट, गोदरेज हिट और गोदरेज साबुन के निर्माण और व्यापार में लगे एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बताया कि भारी मात्रा में नकली उत्पाद और पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4)/336(4)/125/280 तथा कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत दिल्ली के पुलिस स्टेशन क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, नकली/डुप्लिकेट ऑल आउट अल्ट्रा , गुड नाइट , गोदरेज हिट और गोदरेज सोप के निर्माण और व्यापार के संबंध में विशिष्ट खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, कंपनियों के अधिकृत कानूनी प्रतिनिधियों के साथ समन्वय में जानकारी विकसित की गई।

27 अगस्त को टीम को एक प्रतिष्ठित कंपनी द्वारा कुछ उपभोग्य वस्तुओं के निर्माण और व्यापार के संबंध में गोपनीय जानकारी प्राप्त हुई। कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों से इसकी पुष्टि की गई और सेक्टर-16, रोहिणी, दिल्ली में छापा मारा गया, जहां गोदाम के मालिक, अंकित मित्तल, उम्र 34, अपने परिसर में मौजूद पाए गए।

उनके गोदाम की जाँच और तलाशी लेने पर, कई नकली/डुप्लिकेट वस्तुएँ, जैसे गोदरेज साबुन, ऑल आउट अल्ट्रा, गोदरेज हिट, आदि, मिलीं। मौके पर मौजूद विशेषज्ञ, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड और ब्रिलॉन कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि और मेसर्स असिडियस कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक, राजेश कुमार, ने इनकी जाँच की और पाया कि ये नकली थीं। राजेश कुमार (एआर) के बयान के अनुसार, उपर्युक्त मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, डुप्लिकेट माल के निर्माण में शामिल विभिन्न स्थानों पर आगे छापे मारे गए, और उसी अपराध में शामिल दो और सहयोगियों की पहचान की गई, जिनके नाम हैं हैप्पी गोयल, पुत्र स्वर्गीय नाथीराम निवासी सेक्टर-16, रोहिणी, उम्र-36 वर्ष, और नरेश सिंह पुत्र बहादुर सिंह निवासी शिव विहार, नांगलोई, दिल्ली को भी गिरफ्तार किया गया। जाँच के दौरान, भारी मात्रा में नकली/डुप्लिकेट उपभोक्ता वस्तुएँ, मशीनरी और उत्पादन में प्रयुक्त मिश्रण बरामद किया गया। इन वस्तुओं को जब्त कर मालखाना पुलिस स्टेशन, अपराध शाखा में जमा करा दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जाँच जारी है।

छापेमारी और जांच के बाद करोड़ों की दवाएं जब्त : आगरा में नकली दवाओं के नेटवर्क को लेकर औषधि विभाग ने बड़ा खुलासा किया है. पिछले कुछ दिनों से जारी छापेमारी और जांच के बाद करोड़ों की दवाएं जब्त की गई हैं और एक संगठित गैंग के जरिए नकली दवाइयों की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है. ड्रग विभाग की अपार आयुक्त रेखा एस. चौहान ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले की जानकारी दी.

ड्रग विभाग की अपार आयुक्त रेखा एस. चौहान ने बताया, यह पूरा रैकेट आगरा ही नहीं, बल्कि लखनऊ, बरेली, कानपुर, मुजफ्फरनगर और अलीगढ़ जैसे शहरों तक फैला हुआ था. उन्होंने बताया कि हे मां मेडिकल, बंसल मेडिकल, राधे मेडिकल और एमएसवी मेडिकल के ठिकानों पर छापे मारे गए. छापेमारी में हे मां मेडिकल से अब तक 60 करोड़ और राधे मेडिकल से 10 करोड़ की दवाएं सीज की गईं है। इतना ही नहीं, उन्होंने बताया कि नकली दवाओं के इस काले कारोबार में संलिप्त लोगों पर अब तक चार एफआईआर दर्ज हो चुकी है. इतना ही नहीं, चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. बताया कि छापेमारी की इस कार्रवाई के दौरान हे मां मेडिकल के संचालक हिमांशु अग्रवाल ने जांच टीम को एक करोड़ रुपए की रिश्वत देने की कोशिश की थी. हालांकि, ड्रग विभाग ने रिश्वत की पेशकश को ठुकराते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अपर आयुक्त ने बताया कि बंसल मेडिकल और हे मां मेडिकल, दोनों से ही अब तक 100-100 करोड़ की नकली और अवैध दवाएं बेची जा चुकी है. हालांकि, विभाग ने 24 प्रकार की दवाओं के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है. इतना ही नहीं, नकली दवाओं के सिंडिकेट का खुलासा करने के लिए पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने के निर्देश दिए हैं।

एसआईटी में 15 विभागों के अधिकारी शामिल होंगे. जांच के बाद आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी. इस टीम में पुलिस के 10 से अधिक इंस्पेक्टर और दरोगा भी होंगे. एसआईटी प्रभारी अपर पुलिस आयुक्त आदित्य सिंह होंगे. यह टीम कई बिंदूओं पर जांच करेंगी।

कैसे काम करता था यह रैकेट?

बताया कि नकली दवाइयों की खरीद-बिक्री डमी फर्म बनाकर की जाती थी. 5 फर्जी फर्म महाराष्ट्र में और 3 फर्जी फर्म आगरा में बनाई गई थीं. इतना ही नहीं, नकली दवाइयां चेन्नई और पांडिचेरी से लाई जाती थीं. इसके बाद असली दवाइयों के बॉक्स में नकली दवाएं पैक कर बेची जाती थीं. इन नकली दवाओं की बिक्री फर्जी बिल और क्यूआर कोड के ज़रिए वैध दिखाकर की जाती थी. पांडिचेरी की एक फैक्ट्री, जहां यह दवाइयां बनती थीं छापे से पहले बंद कर दी गई।

कई मेडिकल स्टोर्स और गोदाम भी विभाग की रडार पर

इतना ही नहीं, ड्रग विभाग की टीमें जब इस फैक्ट्री पर छापा मारने पांडिचेरी पहुंचीं, उससे पहले मालिक फरार हो गया था, जिसकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी की जा रही है. उन्होंने बताया कि नकली दवाओं की बरामदगी के लिए अस्पतालों में मौजूद केमिस्ट शॉप्स की भी जांच होगी. बताया कि कई अन्य मेडिकल स्टोर्स और गोदाम अब विभाग की रडार पर हैं।

अब तक कितनी हुई गिरफ्तारी

ड्रग विभाग की अपार आयुक्त रेखा एस. चौहान ने बताया ने बताया कि अभी तक हे मां मेडिकल के संचालक हिमांशु अग्रवाल को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. इतना ही नहीं, सोहित बंसल, संजय बंसल और मुकेश बंसल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इतना ही नहीं, उन्होंने बताया है कि जांच में यह बात भी सामने आई है कि यह नकली दवा आगरा समेत अलग अलग राज्यों में बेची गई है।

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