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Yoga : अस्थमा में तुरंत राहत देने वाले योगासन

Sarita
10 Feb 2026 9:58 AM IST
Yoga : अस्थमा में तुरंत राहत देने वाले योगासन
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Yoga : आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी, प्रदूषण और तनाव के कारण अस्थमा और सांस की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। बार-बार इनहेलर पर निर्भर रहना कई लोगों के लिए मजबूरी बन चुका है। ऐसे में योग एक प्राकृतिक, सुरक्षित और प्रभावी उपाय के रूप में सामने आता है, जो फेफड़ों को मजबूत करता है और सांस लेने की क्षमता बढ़ाता है। इस लेख में जानिए अस्थमा और सांस की तकलीफ में फायदेमंद योगासन और प्राणायाम, साथ ही उन्हें करने का सही तरीका।
अस्थमा क्या है और सांस की समस्या क्यों होती है?
अस्थमा एक ऐसी स्थिति है जिसमें,
सांस की नलियां सिकुड़ जाती हैं
फेफड़ों में सूजन आ जाती है
सांस लेने में तकलीफ, घरघराहट और खांसी होती है
योग और प्राणायाम फेफड़ों तक ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर बनाकर इन लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
योग के साथ अपनाएं ये आदतें:
धूल और धुएं से बचें
ठंडे खाद्य पदार्थ कम करें
नियमित समय पर सोएं
रोज हल्की वॉक करें
अस्थमा और सांस की समस्या के लिए लाभकारी योगासन:
भुजंगासन:
फायदे:
फेफड़ों को खोलता है
छाती की मांसपेशियों को मजबूत करता है
कैसे करें?
पेट के बल लेटकर, हथेलियों के सहारे छाती को ऊपर उठाएं और गहरी सांस लें।
सुखासन:
फायदे:
सांस को नियंत्रित करता है
प्राणायाम के लिए सबसे उपयुक्त आसन
मत्स्यासन :
फायदे:
श्वसन तंत्र को सक्रिय करता है
छाती में जमी जकड़न कम करता है
अर्ध मत्स्येन्द्रासन:
फायदे:
फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाता है
शरीर में ऑक्सीजन फ्लो सुधारता है
अस्थमा के लिए सबसे प्रभावी प्राणायाम:
अनुलोम-विलोम प्राणायाम:
फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है
सांस की रुकावट कम करता है
रोज 10-15 मिनट करें।
कपालभाति प्राणायाम:
बलगम कम करता है
श्वसन नलियों को साफ करता है
तेज़ या ज्यादा न करें, डॉक्टर से सलाह लें।
भ्रामरी प्राणायाम:
तनाव कम करता है।
अस्थमा ट्रिगर करने वाले स्ट्रेस को घटाता है।
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