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Yoga: घुटनों के लिए कौन से योगासन करने चाहिए

Sarita
17 Jan 2026 10:45 AM IST
Yoga: घुटनों के लिए कौन से योगासन करने चाहिए
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Yoga: शरीर को स्वस्थ रखने का एक मूल मत्र है गति, जी हां जिस अंग से गति होती रहेगी वो ठीक चलता रहेगा। इसलिए हर अंग को चलायमान रखने के लिए आपको रोजाना योग करना चाहिए। योग से शरीर को इतने फायदे मिलते हैं जितने दवा खाने से नहीं मिलते। अगर आपको घुटनों या जोड़ों में दर्द रहता है तो योग से बेहतर इलाज कुछ नहीं है। आजकल तो युवाओं को ही घुटनों की समस्या होने लगी है। घुटनों के कार्टिलेज घुसने से दर्द बढ़ जाता है, ऐसी स्थिति में कई बार चलने और बैठने में भी परेशानी होती है। इन योगाभ्यास को नियमित करने से बुढ़ापे तक घुटने स्वस्थ रहेंगे और दर्द की समस्या भी दूर रहेगी। आइये जानते हैं घुटनों का दर्द दूर करने के लिए कौन से योगाभ्यास करें?
घुटनों के लिए असरदार योग:
आसंदिका आसन- स्वामी रामदेव की मानें तो घुटनों के लिए ये एक बेहतरीन योगाभ्यास है। इससे घुटने लंबे समय तक मजबूत बने रहेंगे। आसंदिका आसन करने का तरीका है कि आप बिना कुर्सी के जैसे कुर्सी पर बैठते हैं उसी अवस्था में थोड़ी देर रहें। शरीर को होल्ड रखें और इसे 5-10 बार करें। इससे जोड़ों और घुटनों में ताकत आएगी।
दंड बैठक- योग में दंड बैठक को घुटनों के लिए असरदार आसन माना गया है। एक वक्त पर बच्चों को सजा के रूप में दंड बैठक करने के लिए कहा जाता था। लेकिन ये घुटनों को मजबूत बनाने के लिए असरदार योगाभ्यास है। रोजाना कुछ मिनट के लिए दंड बैठक जरूर करें।
बटरफ्लाई- योग में सबसे आसान अभ्यास बटरफ्लाई को माना जाता है। बैठकर दोनों पैरों को तलवों को आपस में मिलाएं और हाथ से पकड़ लें। अब घुटनों को बटर फ्लाई की तरह चलाएं। इसे कोई भी आसानी से कर सकता है। घुटनों का दर्द दूर करने के लिए इसे अच्छा योगाभ्यास माना गया है।
बज्रासन- घुटनों को स्वस्थ रखना है तो रोजाना कुछ देर के लिए बज्रासन की मुद्रा में जरूर बैठें। इससे खाना भी आसानी से पच जाता है और घुटने मजबूत बनते हैं। हालांकि उम्र बढ़ने पर बज्रासन करना मुश्किल हो जाता है, लेकिन युवाओं को ये आसन जरूर करना चाहिए।
मंडूकासन- बज्रासन की स्थिति में बैठकर ही मंडूकासन किया जाता है। मंडूकासन करने से निकला हुआ पेट अंदर चला जाता है। इस योगासन को करने से घुटने भी मजबूत बनते हैं। इसके लिए बज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं और दोनों हाथों से मुट्ठी बनाते हुए पेट को अंदर की ओर दबाएं। सांस अंदर लें और फिर आगे की ओर पूरा झुकें। इसी स्थिति में थोड़ी देर रहें और फिर ऊपर उठते हुए सांस लें।
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