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लाइफ स्टाइल
Yoga Tips: पेट संबंधी समस्याओं में कारगर हैं ये पांच योगासन
Sarita
3 Jun 2025 12:18 PM IST

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Yoga Tips: अगर आप इन समस्याओं से परेशान हैं, तो कुछ योगासन आपकी मदद कर सकते हैं। योगाभ्यास पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और डाइजेशन सुधारने में बेहद असरदार होते हैं। पेट की समस्याओं से पीड़ित व्यक्ति को इन 5 योगासनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। ये न केवल आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाएंगे, बल्कि आपकी सेहत और शरीर को भी फिट रखेंगे। यहां पांच प्रभावी योगासन दिए गए हैं, जो पेट संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करेंगे।
पवनमुक्तासन :
इस आसन के अभ्यास से गैस, कब्ज और अपच की समस्या दूर होती है।
पवनमुक्तासन पाचन तंत्र को मजबूत करता है और ब्लोटिंग कम करता है।
ये आसन पेट और जांघों की चर्बी कम करने में सहायक है।
कैसे करें:
पीठ के बल लेटकर दोनों पैर सीधे रखें।
दाएं घुटने को मोड़कर छाती के पास लाएं और दोनों हाथों से पकड़ें।
सिर उठाते हुए घुटने से नाक मिलाने की कोशिश करें।
10-15 सेकंड तक इस स्थिति में रहें, फिर धीरे-धीरे वापस आएं।
ये प्रक्रिया दूसरे पैर के साथ दोहराएं।
दिन में 3-5 बार करें।
भुजंगासन:
भुजंगासन से पेट की मांसपेशियां मजबूत होती है और पाचन ठीक रहता है।
एसिडिटी और गैस्ट्रिक प्रॉब्लम को कम करने में भुजंगासन असरदार है।
इस आसन का अभ्यास लिवर और किडनी को हेल्दी बनाए रखता है।
कैसे करें:
पेट के बल लेटकर पैरों को सीधा रखें और हाथों को कंधों के नीचे रखें।
गहरी सांस लेते हुए छाती को ऊपर उठाएं और सिर को पीछे ले जाएं।
इस स्थिति में 15-20 सेकंड तक रहें।
सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आएं।
ये क्रिया 3 से 4 बार दोहराएं।
वज्रासन :
खाने के बाद बैठने वाला इकलौता योगासन है, जो तुरंत डाइजेशन में मदद करता है।
वज्रासन से एसिडिटी, गैस और कब्ज की समस्या दूर होती है।
इसका अभ्यास पेट की चर्बी कम करने में भी मदद करता है।
खाने के तुरंत बाद 5-10 मिनट वज्रासन करने से पाचन तेज होता है।
कैसे करें:
घुटनों के बल बैठकर पैरों को पीछे की ओर मोड़ें।
एड़ी पर बैठकर रीढ़ सीधी रखें और हाथ घुटनों पर रखें।
इस अवस्था में 5-10 मिनट बैठें।
उत्तानपादासन:
उत्तानपादासान कब्ज, गैस और अपच को दूर करता है।
पेट की मांसपेशियों को टोन करता है और चर्बी कम करता है।
इसका अभ्यास पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है।
कैसे करें:
पीठ के बल लेटकर पैरों को सीधा रखें।
दोनों पैरों को बिना मोड़े 30-45 डिग्री ऊपर उठाएं।
10-15 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।
धीरे-धीरे पैरों को वापस नीचे लाएं।
अर्धमत्स्येन्द्रासन:
ये आसन पाचन तंत्र को मजबूत करता है और पेट की मांसपेशियों को टोन करता है।
इसके अभ्यास से लीवर और किडनी स्वसेथ रहती है।
अर्धमत्स्येन्द्रासन कब्ज और एसिडिटी को कम करता है।
दोनों पैरों को सामने फैलाकर बैठें।
बाएं पैर को मोड़कर दाएं जांघ के ऊपर रखें।
दाएं हाथ को बाएं घुटने के ऊपर रखें और शरीर को बाईं ओर मोड़ें।
15-20 सेकंड तक इस स्थिति में रहें, फिर दूसरी ओर में दोहराएं।
इसका अभ्यास 3-4 बार करें।
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