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Yoga For Spine: रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद है ऊर्ध्व मुख श्वानासन, जानिये करने का तरीका

Sarita
10 Jan 2026 12:20 PM IST
Yoga For Spine: रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद है ऊर्ध्व मुख श्वानासन, जानिये करने का तरीका
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Yoga For Spine: योग हजारों साल से भारतीयों की जीवनशैली का हिस्सा रहा है और इसके कइ्र चमत्कारी गुण भी देखे गए है। इसके शरीर को कई लाभ होते हैं। योग में भी आपको कई तरह के आसन देखने को मिलेंगे और हर आसन के अपने अलग-अलग लाभ हैं।
योग के उन्हीं आसनों में से एक है “ऊर्ध्व मुख श्वानासन”, इसे योग बैकबेंड पोज के नाम से भी जाना जाता है। यह आसन खासतौर पर मजबूत रीढ़ की हड्डी के लिए है। कुछ लोग रीढ़ की हड्डी में दर्द से परेशान रहते हैं, तो यह योग आसन उन्हें काफी राहत देगा। इस आसन को करने का तरीका भुजंगासन के समान है। इस आर्टिकल में जानिए ऊर्ध्व मुख श्वानासन को कैसे किया जाता है और यह क्या है।
ऊर्ध्व मुख श्वानासन कैसे करें:
“ऊर्ध्व मुख श्वानासन” को करने से पहले आप इसे सही ढंग से करने का तरीका सीख लें। इसके लिए आप किसी योग विशेषज्ञ की मदद लें। ताकि आपको इसका पूरा लाभ मिले और आपको बैकबोन को कोई नुकसान न हो। जानिए, कैसे करें यह योगासन :
स्टेप-1
ऊर्ध्व मुख श्वानासन को करने के लिए सबसे पहले शांत जगह पर मैट पर पेट के बल लेट जाएं। ध्यान रखें कि इस समय जमीन की तरफ से ऊपर का हिस्सा स्ट्रेट हो। अपनी बाजुओं को शरीर के दोनों तरफ आराम टीका लें।
स्टेप-2
इसमें आपके पैरों के शीर्ष जमीन को छूने चाहिए और आपका शरीर बिल्कुल सीधा होना चाहिए।
स्टेप-3
अब सांस लेते हुए हथेलियों को जमीन पर मजबूती के साथ दबाने का प्रयास करें, साथ ही धीरे-धीरे अपने घुटनों, कूल्हों और शरीर के धड़ को ऊपर की तरफ उठायें। इस स्थिति के दौरान अपने शरीर का पूरा वजन पैरों के शीर्ष और हथेलियों पर ही रखें।
स्टेप-4
अब सामने की तरफ देखें और फिर अपने सर को धीरे-धीरे पीछे की ओर झुकायें। ध्यान रखें कि आपके कंधों की सीध में आपकी कलाई होनी चाहिए, साथ ही आपके गर्दन पर कोई दबाव न हो। कुछ देर इसी मुद्रा में रहें और सामान्य सांस लेते रहें।
स्टेप- 5
अब धीरे-’धीरे अपने घुटनों, कूल्हों और धड़ को वापस मैट पर लेकर आएं। फिर धीरे-धीरे कूल्हों, घुटनों और धड़ को नीचे मैट पर लाएं और आराम करें।
ऊर्ध्व मुख श्वानासन को हमेशा खाली पेट करें। किसी भी योगासन को तभी करें, जब आपको भोजन किये हुए 4 से 6 घंटे हो गए हों। इसके साथ ही योग को करते हुए आपका पेट भी साफ होना चाहिए।
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